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सरकारी बैंकों में 100% सुरक्षित है पैसा, RBI को ज्यादा अधिकार देने के विकल्प खुले: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकारी बैंकों में आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है।

FM piyush goyal says public money extremely safe in PSU banks

नई दिल्ली। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकारी बैंकों में आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है और सरकार सभी 21 सरकारी बैंकों की व्यवहारिकता तय करेगी। गोयल ने मंगलवार को 13 सरकारी बैंकों के प्रमुखों से मुलाकात के बाद ये बातें कही हैं। उनका कहना है कि बैंक क्रेडिट पर 2 स्तरों से विचार किया जा रहा है। वहीं, एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी पर बने पैनल द्वारा भी जल्द अपनी रिपोर्ट दी जाएगी।  

 

 

बता दें कि फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही के रिजल्ट के बाद पहली बार वित्त मंत्री की सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ मीटिंग थी। चौथी तिमाही में बैंकों का घाटा 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा रहा है। वहीं, बैड लोन भी बढ़ गया है। मीटिंग में सरकारी बैंकों के घाटे, बैड लोन, एआरसी के अलावा रीकैपिटलाइजेशन प्लान को लेकर चर्चा की गई। इसका उद्देश्‍य सरकारी बैंकों की सेहत जल्द से जल्द सुधारना है। 

 

जरूरत पड़ी तो बढ़ेंगे RBI के अधिकार
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार सभी सरकारी बैंकों के पीछे मजबूती से खड़ी है। सरकारी बैंकों को और ज्यादा प्रभावी ढंग से रेग्युलेट किया जा सके, इसके लिए सरकार के पास यह विकल्प भी खुला है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को पहले से ज्यादा अधिकार दिए जाएं। उन्होंने कहा कि आरबीआई के पास अभी भी बहुत ज्यादा अधिकार है लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है। 

 

प्राइवेट कंपनीज पर टैक्स ड्यू ज्यादा
एक बारे जहां वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी बैंकों में लोगों का पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है, वहीं प्राइवेट कंपनीज के बारे में कहा कि उन पर इनकम टैक्स ड्यू ज्यादा है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि उनके पास लोगों का पैसा कितना सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि फ्रॉड प्राइवेट कंपनियों द्वारा प्रीपेयर किया गया न कि सरकारी बैंकों द्वारा। 

 

ईमानदार कंपनियों को क्रेडिट के लिए सपोर्ट 
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकारी बैंकों द्वारा अच्छी कंपनियों के क्रेडिट की जरूरतों को सपोर्ट किया जाएगा। खासतौर से एमएसएमई पर बैंकों का फोकस होगा। बता दें कि हाल ही में सरकारी बैंकों में फ्रॉड के कई मामले आए हैं। जिसमें नीरव मोदी और राहुल चौकसे द्वारा पीएनबी में 1300 करोड़ रुपए का फ्रॉड का मामला भी शामिल है। 

 

किस बैंक को कितना हुआ नुकसान 
-स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को जनवरी से मार्च के बीच 7718 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जबकि बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 2.02 लाख करोड़ और नेट एनपीए 1.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। 
-पंजाब नेशनल बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 13417 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 86620 करोड़ रुपए और नेट एनपीए 48684 करोड़ रुपए हो गया है। 
-केनरा बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 4860 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 40312 करोड़ और नेट एनपीए 28542 करोड़ रुपए हो गया है। 
-इलाहाबाद बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 3509 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 26563 करोड़ और नेट एनपीए 12229 करोड़ रुपए हो गया है। 
-ओरिएंटल बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 1650 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) बढ़कर 17.63 फीसदी और नेट एनपीए 10.48 फीसदी हो गया है। 

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