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सरकारी बैंकों के प्रमुखों से मिलेंगे वित्त मंत्री, Q4 में 50 हजार करोड़ घाटे सहित कई इश्‍यू पर चर्चा

FY18 की चौथी तिमाही के रिजल्ट के बाद पहली बार वित्त मंत्री की 13 सरकारी बैंकों के प्रमुखों से मीटिंग होगी।

Piyush Goyal will meet heads of 13 PSU bank tomorrow to resolve various issues

नई दिल्ली। फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही के रिजल्ट के बाद पहली बार वित्त मंत्री की 13 सरकारी बैंकों के प्रमुखों से मंगलवार को मीटिंग होगी। मीटिंग में वित्त मंत्री पीयूष गोयल इंडियन बैंकिंग सिस्टम से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा करेंगे। यह मीटिंग एसबीआई द्वारा ऑर्गनाइज्ड किया जा रहा है। बता दें कि चौथी तिमाही में ज्यादातर सरकारी बैंकों को घाटा हुआ है और उनका बैड लोन पहले से बढ़ गया है। 

 

 

Q4 में 50 हजार करोड़ से ज्यादा घाटा
फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में 17 लिस्टेड सरकारी बैंकों का कुल घाटा 50 हजार करोड़ से ज्यादा हो गया है। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में यह घाटा 4 हजार करोड़ रुपए के आस-पास था। वहीं, इन बैंकों का ग्रॉस एनपीए यानी बैड लोन भी बढ़ गया है। मीटिंग में जिन बैंकों के प्रमुख हिस्सा लेंगे उनमें एसबीआई, पीएनबी, ओबीसी, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, आंध्रा बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक और विजया बैंक शामिल हैं। 

 

किन इश्‍यू पर चर्चा
मीटिंग में जिन इश्‍यू पर चर्चा होगी उनमें बैंकों का बढ़ता बैड लोन, बैड लोन की रिकवरी के लिए बैड एसेट की पहचान, फाइनेंशियल रिजल्ट में घाटा, बैंक रीकैपिटलाइजेशन सहित कुछ और मसलों पर चर्चा होगी। मीटिंग का उद्देश्‍य है कि किस तरह से सरकारी बैंकों की सेहत को जल्द से जल्द सुधारा जा सके।  

 

किस बैंक को कितना हुआ नुकसान 
-स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को जनवरी से मार्च के बीच 7718 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जबकि बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 2.02 लाख करोड़ और नेट एनपीए 1.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। 
-पंजाब नेशनल बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 13417 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 86620 करोड़ रुपए और नेट एनपीए 48684 करोड़ रुपए हो गया है। 
-केनरा बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 4860 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 40312 करोड़ और नेट एनपीए 28542 करोड़ रुपए हो गया है। 
-इलाहाबाद बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 3509 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) 26563 करोड़ और नेट एनपीए 12229 करोड़ रुपए हो गया है। 
-ओरिएंटल बैंक को जनवरी से मार्च के बीच 1650 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बैंक का फंसा हुआ कर्ज यानी बैड लोन (ग्रॉस एनपीए) बढ़कर 17.63 फीसदी और नेट एनपीए 10.48 फीसदी हो गया है। 

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