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सुब्रमण्यन ने NPA का इश्यू पहचानने के लिए की राजन की तारीफ, कहा-समाधान में लगेगा वक्त

चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यन ने बैंकिंग सेक्टर में बढ़ती एनपीए की समस्या से निपटने पर संदेह जाहिर किया।

CEA Arvind Subramanian Praises Raghuram Rajan for Finding NPA Issues

 

नई दिल्ली. चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यन ने बैंकिंग सेक्टर में बढ़ती एनपीए की समस्या से निपटने पर संदेह जाहिर किया। हालांकि उन्होंने इस समस्या की पहचान और इसका हल निकालने की कोशिशों के लिए आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की तारीफ की। सुब्रमण्यन ने बुधवार को एक पार्लियामेंट्री कमेटी के पेश होने के दौरान ये बातें कहीं।

 

 

समस्या के समाधान में लगेगा वक्त

सूत्रों ने कहा कि सीईए सुब्रमण्यन बीजेपी लीडर मुरली मनोहर जोशी की अगुआई वाली पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने पेश हुए। उन्होंने बैंकर्स के उस दावे के प्रति असहमति जताई, जिसमें कहा गया था कि एनपीए के मुद्दे का समाधान एक या दो साल के भीतर निकल आएगा।

 

 

एनपीए पर अभी काफी काम करने की जरूरत

मीटिंग में शामिल एक मेंबर के मुताबिक, सुब्रमण्यन ने नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) की हैंडलिंग के प्रति आशंकाएं जाहिर कीं और संकेत दिए कि इस दिशा में अभी काफी काम किए जाने की जरूरत है। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) के पूर्व इकोनॉमिस्ट सुब्रमण्यन ने कहा कि इस समस्या की पहचान में आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की भूमिका खासी सहायक रही। उन्होंने कहा कि इस संकट से पार पाने की दिशा में उनके प्रयास सराहनीय हैं।

 

 

बैंकर्स के बीच है डर का माहौल

उन्होंने संकेत दिए कि सरकारी बैंकों द्वारा बड़े लोन देने के फैसले प्रभावित होकर दिए गए थे। हालांकि इसका ब्योरा नहीं दिया कि इन लोन्स को किसने और कैसे मंजूरी दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकर्स के बीच फिलहाल डर का माहौल है और वे रिटेल लेंडिंग को छोड़कर दूसरे लोन नहीं देना चाहते हैं।  

 

 

पैनल के सामने पेश हो चुके हैं कई बैंकर

इससे पहले कमेटी के सामने बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी पेश हुए थे। इससे पहले मंगलवार को चार घंटे चली मैराथन मीटिंग में फाइनेंस सेक्रेटरी हसमुख अढिया सहित फाइनेंस मिनिस्ट्री के कई अधिकारियों को कमेटी के इकोनॉमी विशेषकर बैंकिंग सेक्टर से जुड़े कई मुश्किल सवालों के जवाबों का सामना करना पड़ा।

 

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