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डिजिटल ट्रांजैक्शन घटने से खाली हुए ATM, 70 हजार Cr की नकदी की कमीः SBI रिपोर्ट

भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार सिस्‍टम में करीब 70 हजार करोड़ रुपए की नकदी की कमी है।

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मुंबई.  ATM में पैसों की कमी पर विरोधाभासी बातें  सामने आ रही हैं। भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक जहां कह रहे हैं कि नगदी की किल्‍लत नहीं है, वहीं भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार सिस्‍टम में करीब 70 हजार करोड़ रुपए की नकदी की कमी है। यह कमी नगदी की उपलब्‍धता और डिजिटल ट्रांजैक्‍शन के मिसमैच का नतीजा है। 

 
रिसर्च रिपोर्ट में बताए गए कैश की कमी के कारण
देशव्‍यापी खबर बनने के एक दिन बाद जारी इस रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक प्रगति के अनुरूप नगदी की कमी और डिजिटल ट्रांजैक्‍शन बढ़ने की वजह से नगदी को लेकर गलत अनुमान इस कमी के कारण हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि मार्च 2018 में नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 9.8 फीसदी रही है, जिसके अनुसार मार्च में सिस्‍टम में 19.4 लाख करोड़ रुपए होना चाहिए। जबकि वास्‍तव में सिस्‍टम में नगदी का स्‍तर 17.5 लाख करोड़ रुपए का था। इस प्रकार सिस्‍टम में 1.9 लाख करोड़ रुपए की नगदी का मिसमैच था।
 
 
डिजिटल ट्रांजैक्‍शन कम हाेने से हुई दिक्‍कत
रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान डिजिटल ट्रांजैक्‍शन की संख्‍या में कमी दर्ज की गई है। इस दौरान 1.2 लाख करोड़ रुपए के ही डिजिटल ट्रांजैक्‍शन ही हुए। यह संख्‍या नोटबैन के बाद के महीनों से भी कम थी। नगदी और डिजिटल ट्रांजैक्‍शन की बीच का यह फासला करीब 70 हजार करोड़ रुपए का रहा, जिसके चलते नगदी का संकट पैदा हुआ।
 
 
नगदी की कमी के बताए कारण
नगदी की कमी के बारे में रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार देश में नगदी का स्‍तर 17.84 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह नोटबंदी के दौरान के स्‍तर से ज्‍यादा है। इसके अलावा छोटो नाेटों की आपूर्ति को बढ़ाने के प्रयास को भी कारण माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार 200 के नोटों की छपाई में तेजी लाई गई है। वहीं ATM में तेजी से बदलाव किए गए हैं, जिससे उचित नोटों की कमी महसूस की गई। रिजर्व बैंक ने भी कहा है कि नगदी की कमी नहीं है, लेकिन फिलहाल यह लॉजिस्टिक का इश्‍यू है। इसके अलावा 200 के नोटों के हिसाब से ATM में बदलाव भी नहीं किए गए हैं।
 
 
तेज आर्थिक गतिविधियों ने भी बढ़ाया संकट
रिपोर्ट के अनुसार चौथी तिमाही में तेज आर्थिक गतिविधियों के चलते ATM से ज्‍यादा पैसों को निकाला गया। इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले महीने दक्षिण के राज्‍यों खासकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसकी दिक्‍कत शुरू हुई, जहां अफवाह थी कि बैंकों में पैसा सुरक्षित नहीं है। यह अफवाह फाइनेंशियल एंड डिपॉजिट इंश्‍योरेंश बिल की वजह से फैल गई थी। इसके चलते लोगों ने पैसों की ज्‍यादा निकासी की, जिससे समस्‍या पैदा हुई।
 

 
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