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बैंक ऑफ महाराष्ट्रः गिरफ्तार अधिकारियों के समर्थन में आई IBA, सरकार से मांगेगी मदद

बैंकर्स लॉबी आईबीए अप्रत्याशित तौर पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के गिरफ्तार अधिकारियों के समर्थन में आ गई है।

BoM arrests: Anguished IBA rallies behind mgmt;seeks govt help

 

नई दिल्ली. बैंकर्स लॉबी इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) अप्रत्याशित तौर पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) के गिरफ्तार अधिकारियों के समर्थन में आ गई है। आईबीए ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिकारियों की गिरफ्तारी से बैंकर्स खासे हतोत्साहित हैं। आईबीए इस मामले में जल्द ही सरकार से संपर्क करेगी।

 

 

सरकार से संपर्क करेगा आईबीए

इमर्जेंसी मीटिंग के बाद आईबीए के चीफ एग्जीक्यूटिव जीवी कन्नन ने रिपोर्टर्स से बातचीत में कहा, ‘पूरी बैंकिंग कम्युनिटी बीओएम मैनेजमेंट के साथ ही और इस मसले पर आईबीए ने सरकार से संपर्क करने का फैसला किया है।’

 

 

शेयरहोल्डर्स और इम्प्लॉइज यूनियंस भी सपोर्ट में

एक दिन पहले ही बीओएम के शेयरहोल्डर्स और आल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन की अगुआई में बैंक यूनियंस गिरफ्तार किए गए बीओएम के एमडी और सीईओ रविंद्र मराठे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेंद्र गुप्ता, जोनल मैनेजर नित्यानंद देशपांडे, पूर्व चेयरमैन सुशील मुंहनोत के समर्थन में आ गई थीं। इन अधिकारियों को पुणे पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने घोटालेबाज रियल्टर डीएसके ग्रुप को लोन एक्सटेंड करने का आरोप है।

एनुअल जनरल मीटिंग के दौरान शेयरहोल्डर्स ने बैंक और उसकी लीडरशिप टीम पर भरोसा जताया था। शेयरहोल्डर्स ने बैंक मैनेजमेंट के सर्विस रिकॉर्ड और प्रॉफिट के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।

 

 

बेकसूर अधिकारियों की हुई गिरफ्तारी

बैंक द्वारा डीएसके ग्रुप पर महज 94 करोड़ रुपए का कर्ज होने और पूरे कर्ज के सिक्योर होने का खुलासा करने के बावजूद यह गिरफ्तारी की गई थी। साथ ही यह लोन मराठे के कार्यभार संभालने से पहले दिया गया था। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्रेटरी राजीव कुमार को भेजे गए लेटर में बैंक यूनियंस ने कहा था कि उन्हें ऐसे बैंक अधिकारियों की गिरफ्तारी पर हैरत है, जो डीएसके ग्रुप द्वारा की गई धोखाधड़ी में बिल्कुल भी लिप्त नहीं थे।

 

 

गिरफ्तारी की कोई वजह नहींः यूनियंस

यूनियंस ने अपने लेटर में कहा, ‘इस स्थिति में गिरफ्तारी की कोई वजह नहीं है। यदि डीएसके स्कैम में इन अधिकारियों की मिलीभगत हो तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जानकारी के मुताबिक अभी तक उनकी कोई मिलीभगत नहीं है।’

 

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