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हैकर्स ने मोदी सरकार के सिस्टम में लगाई सेंध, भारतीय बैंक के उड़ा दिए 94 करोड़ रु

बैंक का सर्वर हैक किया और दो दिन में हजारों डेबिट कार्ड्स की कर ली क्लोनिंग

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पुणे. विदेशी हैकर्स ने पुणे के एक बैंक कॉस्मोस बैंक का सर्वर हैक करके 94 करोड़ रुपए उड़ाने में कामयाबी हासिल की है। बड़ी बात यह है कि इस घटना को महज दो दिनों में अंजाम दे दिया गया। हैकर्स ने बैंक के पुणे बेस्ड सर्वर को हैक किया और बैंक के हजारों डेबिट कार्ड की क्लोनिंग की। करोड़ों की यह रकम देश-विदेश के दर्जनों ATMs से उड़ाई गई है। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

 

कनाडा, हॉन्गकॉन्ग और भारत के ATMs किए यूज

यह फ्रॉड ट्रांजैक्शंस 11 अगस्त और 13 अगस्त को हुए, जो कनाडा, हॉन्गकॉन्ग के 25 और भारत के कुछ ATMs के माध्यम से अंजाम दिए गए। इसके अलावा, कोऑपरेटिव बैंक कस्टमर्स के जिन कार्ड्स को क्लोन किया गया, वे Visa और Rupay से संबंधित थे। अधिकारी ने कहा, ‘पुणे पुलिस में मालवेयर अटैक से संबंध में एक शिकायत दर्ज करा दी गई है और बैंक इसका इंटरनल ऑडिट भी करा रही है।’

 

 

Visa-Rupay डेबिट कार्ड के पेमेंट गेटवे से ऑपरेट हो रहे थे अकाउंट

बैंक ने कहा कि कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) पर अटैक नहीं किया गया और मालवेयर अटैक ऐसे अकाउंट पर किया गया, जो Visa और Rupay डेबिट कार्ड के पेमेंट गेटवे से ऑपरेट हो रहे थे। अधिकारी ने कहा, ‘कस्टमर्स के किसी भी अकाउंट को टच नहीं किया गया है और पूरा आर्थिक नुकसान बैंक को हुआ है।’

 

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हजारों डेबिट कार्ड्स की कर ली क्लोनिंग

अधिकारी ने कहा कि हैकर्स ने बैंक अकाउंट होल्डर्स के Visa और Rupay डेबिट कार्ड्स क्लोनिंग की और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ‘समानांतर’ सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए ट्रांजैक्शंस को सेल्फ अप्रूव्ड किया। इस प्रकार हैकर्स ने 2 से 3 बार में 94 करोड़ रुपए निकाल लिए।

 

 

रिजर्व बैंक को दी सूचना

अधिकारी ने कहा, ‘यह Visa और Rupay ही थे, जिन्होंने इन फ्रॉड ट्रांजैक्शंस के बारे में रिजर्व बैंक को सूचित किया।’ साइबर अटैक के बारे में पता चलने के बाद बैंक ने पुलिस में इसकी एक एफआईआर दर्ज कराई। अधिकारी के मुताबिक, बैंक ने एहतियात बरतते हुए अपने सभी सर्वर और नेट बैंकिंग फैसिलिटीज बंद कर दी हैं।

 

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हैकर्स ने किया अनआइडेंटिफाइड मालवेयर का इस्तेमाल

एफआईआर के मुताबिक, हैकर्स ने सिस्टम को हैक करने और बैंक कस्टमर्स की कार्ड डिटेल्स क्लोन करने के लिए एक अनआइडेंटिफाइड मालवेयर का इस्तेमाल किया।

एफआईआर में कहा गया, ‘11 अगस्त को हैकर्स ने कार्ड डिटेल्स की क्लोनिंग की और 12,000 से ज्यादा ट्रांजैक्शंस किए। इस प्रकार एक बार में 78 हजार रुपए से ज्यादा रुपए भारत से बाहर उड़ा ले गए। दूसरी बार में कुल 2,849 ट्रांजैक्शंस हुए, जिनसे 2.5 करोड़ रुपए भारत से बाहर ट्रांसफर हो गए।’

इसमें यह भी कहा गया कि 13 अगस्त को हैकर्स ने फ्रॉड स्विफ्ट ट्रांजैक्शंस के माध्यम से एक बार फिर हॉन्गकॉन्ग बेस्ड एक बैंक में 13.92 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए।

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