Home » Economy » Bankingपीएनबी में विलफुल डिफॉल्‍ट - wilful Wilful defaults in PNB, punjab national bank

PNB के बड़े बकाएदारों के विलफुल डिफॉल्‍ट और बढ़े, अप्रैल में पहुंचे 15,200 करोड़ रु पर

इस साल जनवरी-मार्च के दौरान फ्रॉड और बैड लोन्‍स के चलते बैंक को 13,400 करोड़ से ज्‍यादा का रिकॉर्ड घाटा हुआ है।

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नई दिल्‍ली. इस साल अप्रैल में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में बड़े कर्जदारों के विलफुल डिफॉल्‍ट मार्च 2018 के मुकाबले और बढ़ गए। अप्रैल में ये मामले  बढ़़कर 15,199.57 करोड़ रुपए के रहे। बता दें कि इस साल जनवरी-मार्च के दौरान फ्रॉड और बैड लोन्‍स के चलते बैंक को 13,400 करोड़ से ज्‍यादा का रिकॉर्ड घाटा हुआ है। PNB के डाटा के मुताबिक इस तिमाही में बैंक में 15,171.91 करोड़ रुपए के विलफुल डिफॉल्‍ट हुए। 

 

PNB पहले से ज्‍वैलरी डिजायनर नीरव मोदी और उनके साथियों द्वारा किए गए 14,357 करोड़ रुपए की वजह से परेशानी का सामना कर रहा है। 

 

बड़े विलफुल डिफॉल्‍टर में ये हैं शामिल 

बैंक ने 25 लाख रुपए और उससे ऊपर का लोन बकाए वालों को बड़े विलफुल डिफॉल्‍टर की कैटेगरी में रखा है। इनमें कुडोस कैमी (1,301.82 करोड़ रुपए), किंगफिशर एयरलाइन्‍स (597.44 करोड़ रुपए), बीबीएफ इंडस्‍ट्रीज (100.99 करोड़ रुपए),  ICSA  इंडिया लिमिटेड (134.76 करोड़ रुपए), अरविंद रिमे‍डीज (158.16 करोड़ रुपए) और इंदु प्रोजेक्‍ट्स लिमिटेड (102.83 करोड़ रुपए) प्रमुख हैं। इनके अलावा जैस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर एंड पावर लिमिटेड (410.96 करोड़ रु.), वीएमसी सिस्‍टम्‍स लिमिटेड (296.08 करोड़ रु.), एमबीएस ज्‍वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड (266.17 करोड़ रुपए) भी शामिल हैं। ये सभी कर्जदार पीएनबी की कंसोर्शियम लेंडिंग का हिस्‍सा हैं।

 

एकल आधार पर इनका है बकाया 

बैंक से एकल आधार पर लोन लेने वालों में विनसम डायमंड्स एंड ज्‍वैलरी लिमिटेड (899.70 करोड़ रु.), जूम डेवलपर्स (410.18 करोड़ रु.), फॉरेवर प्रीशियस ज्‍वैलरी एंड डायमंड्स लिमिटेड (747.98 करोड़ रु.), सूर्या विनायक इंडस्‍ट्रीज (133.96 करोड़ रु.), नफेड (224.24 करोड़ रु.) और महुआ मीडिया (104.86 करोड़ रु.) शामिल हैं।    

 

इनकम में गिरावट, बढ़ाना पड़ा प्रोविजन

वहीं मार्च, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान बैंक की कुल इनकम 12,945 करोड़ रुपए रही, जबकि एक साल पहले समान तिमाही के दौरान यह आंकड़ा 14,989 करोड़ रुपए रही थी। PNB को वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के दौरान 20,350 करोड़ रुपए का प्रोविजन करना पड़ा, जबकि एक साल पहले समान अवधि के दौरान 5750 करोड़ रुपए का प्रोविजन किया था।

 

NII 16.8% घटा

फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में PNB की नेट इंटरेस्ट इनकम 16.8 फीसदी घटकर 3,063.4 करोड़ रुपए हो गई, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 3684 करोड़ रुपए थी। 

 

18.38% रहा ग्रॉस NPA

-बैंक का ग्रॉस NPA बढ़कर 18.38 फीसदी हो गया, जो इससे पिछली यानी दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान 12.11 फीसदी के स्तर पर था।
-वहीं जनवरी-मार्च क्वार्टर के दौरान नेट NPA 11.24 फीसदी था, जबकि दिसंबर क्वार्टर तक नेट NPA 7.55 फीसदी ही थी।
-रुपए में बात करें तो तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में PNB का ग्रॉस NPA 57519 करोड़ रुपए से बढ़कर 86620 करोड़ रुपए रहा है। 
-वहीं , नेट NPA 34076 करोड़ रुपए से बढ़कर 48684 करोड़ रुपए रहा है। 

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