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नोटबंदी लागू करने का तरीका था खराब, छोटी फर्मों को हुआ नुकसान: उदय कोटक

उदय कोटक देश के चौथे सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक कोटक महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं

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नई दिल्ली. देश चौथे सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक कोटक महिंद्रा के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर उदय कोटक ने नोटबंदी लागू करने के तरीके को खराब बताया। उन्होंने कहा कि अगर नोटबंदी के फैसले को सही तरह से लागू किया जाता, तो बेहतर परिणाम आते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नोटबंदी को लेकर उदय कोटक का बयान देश के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सु्ब्रमण्यम की पुस्तक के मौके पर आया। इसस पहले अरविंद सुब्रमण्यम भी नोटबंदी को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए करारा झटका बात चुके हैं। बता दें कि उदय कोटक का यह बयान नोटंबदी के दो साल बाद आया है। 

 

2000 का नोट जारी करने पर उठाए सवाल 

नोटबंदी की आलोचना के साथ ही उदय कोटक ने इस मामले में अपना सुझाव देते हुए कहा कि मेरा मानना है कि अगर सरकार कुछ बेसिक चीजों का ध्यान रखती, तो नोटबंदी के इतने खराब नतीजे नहीं आते। उन्होंने नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर 500 और 1,000 के नोट बंद किए गए, तो उनकी जगह 2,000 के नोट शुरू करने की क्या जरुरत थी।

 

आगे पढ़ें-छोटी फर्मों को हुआ नुकसान 

 

छोटी फर्मों को हुआ नुकसान 

उदय कोटक ने कहा कि अगर सही मूल्य के नोट जारी किए जाते तो लोगों को नोटबंदी के बाद मुश्किलों से नहीं गुजरना पड़ता। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने माना कि नोटबंदी की वजह से देश की छोटी फर्म को मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। हालांकि उन्होंने दूसरे ही क्षण नोटबंदी से इकोनॉमिक सेक्टर में फायदे की बात कही। 

 

आगे पढ़ें-नए नोट के हिसाब से एटीएम संचाल में हुई परेशानी

नए नोट के हिसाब से एटीएम संचालन में हुई परेशानी

बता दें कि इससे पहले मार्च 2019 तक देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद करने की खबर आई थी। उस वक्त भी कहा गया था कि नोटबंदी के बाद जो नए नोट जारी किए गए थे, उसके हिसाब से एटीएम की मशीनों को अपडेट किया गया था। ऐसे में काफी सारे एटीएम को बंद करना पड़ा है। 

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