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PNB फ्रॉड: ICICI बैंक की चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा को समन, SFIO का एक्‍शन

पीएनबी फ्रॉड में SFIO ने आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की एमडी शिखा शर्मा को समन जारी किया है।

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नई दिल्‍ली. करीब 12,000 करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड मामले में सीरियस फ्रॉड इन्‍वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा को समन जारी किया है। दूसरी ओर, सीबीआई ने गीतांजलि ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट (बैंकिंग ऑपरेशन) विपुल चितालिया को पूछताछ के लिए मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। 

 

एसएफआईओ की मुंबई विंग ने चंदा कोचर और शिखा शर्मा को मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि को 5000 करोड़ से ज्‍यादा का लोन देने के मामले में समन जारी किया है। कोचर और शर्मा दोनों को व्‍यक्तिगत रूप से या एक रिप्रजेंटेटिव के जरिए पेश होने के लिए कहा गया है। बता दें, जांच एजेंसियां करीब 12,000 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में मेहुल चौकसी और नीरव मोदी व उनकी एसोसिएट कंपनियों को दिए गए सभी लोन और फैसेलिटी की जांच कर रही हैं। यह घोटाला पिछले महीने सामने आया था। 

 

31 बैंकों के कंसोर्टियम ने दी थी गीतांजलि ग्रुप को वर्किंग कैपिटल 

न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि 31  बैंकों के कंसोर्टियम ने गीतांजलि ग्रुप को वर्किंग कैपिटल की सुविधा उपलब्‍ध कराई थी। आईसीआईसीआई बैंक इनमें लीड लेंडर (कर्ज देने वाला बैंक) था। वर्किंग कैपिटल की यह रकम 5280 करोड़ रुपए थी। एसएफआईओ पहले ही पीएनबी को समन भेज चुका है अब कुछ अन्‍य बैंकों को समन जारी किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि एसएफआईओ ने बैंकों से गीतांजलि ग्रुप को दी गई वर्किंग कैपिटल की फैसेलिटी के बारे में ब्‍योरा देने के लिए कहा गया है। सीबीआई आईसीआईसीआई बैंक के ईडी एनएस कानन से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। इस फ्रॉड में करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

 

गीतांजलि ग्रुप के विपुल चितालिया हिरासत में 

पीएनबी घोटाले में सीबीआई ने मंगलवार को गीतांजलि ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट (बैंकिंग ऑपरेशंस) विपुल चितालिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। चितालिया को बैंकॉक से लौटते ही मुंबई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी देश से बाहर हैं। पहले करीब साढ़े बारह हजार करोड़ के फ्रॉड की बात सामने आई थी। बाद में बैंक ने कहा कि 1300 करोड़ का एक्स्ट्रा ट्रांजैक्शन भी हुआ। अब यह रकम बढ़कर 12,672 करोड़ हो गई है।

 

अब तक 198 लोकेशन पर मारे छापे

14 फरवरी को सीबीआई ने पहली एफआईआर नीरव मोदी, उसकी पत्नी अमी, भाई निशाल और नीरव के मामा मेहुल चौकसी के खिलाफ दायर की थी। मोदी, उसकी फैमिली और चौकसी जनवरी में ही देश छोड़कर चले गए थे। 15 फरवरी को चौकसी के गीतांजलि ग्रुप के खिलाफ सीबीआई ने दूसरी एफआईआर दर्ज की। इसमें गीतांजलि द्वारा 4886.72 करोड़ के फ्रॉड की बात कही गई। अब तक इस मामले में सीबीआई ने देश में 198 लोकेशन पर मारे गए छापे में 6 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की है और 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को सीबीआई ने बैंक के जनरल मैनेजर (ट्रेजरी) एसके चंद से पूछताछ की। फायरस्टार के प्रेसिडेंट (फाइनेंस) विपुल अंबानी समेत 6 आरोपी सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने उन्हें 19 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विपुल अंबानी रिलायंस ग्रुप के प्रमुख मुकेश अंबानी का चचेरा भाई है।

 

नीरव-मेहुल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने 3 फरवरी को नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए। नीरव के वकील ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। वहीं, नीरव ने एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) को मेल से जवाब भेजा। उसने लिखा, ''जिस तेजी से मुझ पर कार्रवाई की गई, लगता है कि अफसरों ने मेरे भाग्य का फैसला पहले ही तय कर लिया। कानून के हिसाब से मेरे जवाब पर विचार नहीं किया।'' बता दें कि ईडी ने नीरव को मेल कर जांच में शामिल होने के लिए भारत आने के लिए कहा है।

 

कैसे सामने आया PNB फ्रॉड?

- पंजाब नेशनल बैंक ने स्‍टॉक एक्‍सचेंज बीएसई को बताया कि उसने 1.8 अरब डॉलर (करीब 11,356 करोड़ रुपए) का संदिग्‍ध ट्रांजैक्‍शन पकड़ा है।
- इस घोटाले की शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
- बैंक के अनुसार, ऐसा लगता है कि इन ट्रांजैक्‍शन के आधार पर विदेश में कुछ बैंकों ने उन्हें (चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को) कर्ज दिया है। ये अकाउंट्स कितने थे, कितने लोगों को फायदा हुआ? इस बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। 
- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।

 

 

आगे पढ़ें... पीएनबी घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी

 

 

 

घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी?

- हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी इस घोटाले के मुख्‍य आरोपी हैं। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।
- 280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी आमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरात के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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