प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना बैंकों के लिए बनी मुसीबत, डूब सकते हैं 11 हजार करोड़ रुपए

NPA spike in Mudra Loans - रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त मंत्रालय को चेतावनी दी है कि मुद्रा लोन नॉन-परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) का अगला बड़ा कारण बन सकता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 'बैड लोन्स' 11,000 करोड़रुपए तक पहुंच चुके हैं। इनसे बैंकिंग सिस्टम को काफी नुकसान हो रहा है। 

Money Bhaskar

Jan 15,2019 02:50:00 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी मुद्रा योजना को देश की स्मॉल स्केल इंडस्ट्री को बढ़ावा के सुगम कर्ज मुहैया कराने और छोटे कारोबार की साहूलियत के लिए शुरू की गई थी। लेकिन अब यह योजना बैंकों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त मंत्रालय को चेतावनी दी है कि मुद्रा लोन नॉन-परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) का अगला बड़ा कारण बन सकता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 'बैड लोन्स' 11,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुके हैं। इनसे बैंकिंग सिस्टम को काफी नुकसान हो रहा है। पहले से ही सरकारी बैंकों का एनपीए 10 लाख करोड़ रुपए पहुंच चुका है। आरबीआई का कहना है कि मुद्रा लोन के चलते एनपीए से बैंकिंग व्यवस्था के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

अब तक बांटा गया है 2.46 लाख करोड़ रुपए का कर्ज

रिजर्व बैंक ने बताया है कि 2017-2018 में आई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2018 में इस स्कीम के तहत कुल 2.46 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बांटा गया है। योजना के तहत दिए गए कुल कर्ज में 40 प्रतिशत महिला उद्यमियों को दिया गया, जबकि 33 प्रतिशत सोशल कैटिगरी में बांटा गया। वित्तीय वर्ष 2017-2018 के दौरान प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 4.81 करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा छोटे कर्जदारों को पहुंचाया गया।

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