Home » Economy » BankingRBI turns up heat on lenders after loan fraud

PNB फ्रॉड: बैंकों पर RBI की बढ़ी सख्‍ती, देनी होगी LoUs की डिटेल

देश के सबसे बड़े PNB बैंक घोटाले के बाद बैंकों पर लगातार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सख्‍ती बढ़ रही है।

1 of

नई दिल्‍ली.. देश के सबसे बड़े PNB फ्रॉड के बाद बैंकों पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सख्‍ती लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों ही बैंकों को लेटर लिखकर RBI ने सिस्‍टम सुधारने और  SWIFT से लिंक को कहा था ।  अब सेंट्रल बैंक ने कमर्शियल लेंडर्स से पिछले कुछ सालों में उनके द्वारा जारी किए गए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs ) की डिटेल मांगी है। 

 

LoUs की डिटेल मांगी

 

रायटर्स के मुताबिक RBI ने एक सप्‍ताह पहले ही पत्र लिखकर बैंकों से LoUs की डिटेल मांगी है। इसमें बैंकों को आउटस्‍टैंडिंग अमाउंट्स समेत अन्‍य जानकारियां देनी होगी। एक सोर्स के मुताबिक रेग्‍युलेटर ने 2011 से जारी किए गए LoUs की डिटेल मांगी है। वहीं एक अन्‍य ने बताया कि बैंकों को इस मामले में जवाब देने की डेडलाइन इस सप्‍ताह में थी। रायटर्स के तीसरे सोर्स के मुताबिक एक सीनियर बैंकर ने बताया,  अगर एक बैंक में कोई समस्या है तो वे पूरे सिस्टम की जांच कर रहे हैं। आउटस्‍टैंडिंग कितना है, यह सही में दर्ज है या नहीं। इसका भी किसी को पता नहीं है।  

 

क्‍या है LoU


लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू एक तरह की गारंटी होती है, जिसे एक बैंक दूसरे बैंक को जारी करता है। जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्‍डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। फाइनेंस की भाषा में कहें तो एलओयू सेक्‍योर मैसेजिंग प्‍लेटफार्म स्विफ्ट के जरिए एक मैसेज के रूप में भेजा जाता है। स्विफ्ट के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के संदेश की वैल्‍यू बैंक द्वारा दूसरे पक्ष को जारी एक डिमांड ड्रॉफ्ट के बराबर होता है।

 

SWIFT से लिंक के भी दिए थे आदेश 

 

पिछले दिनों आरबीआई ने बैंकों से अपने कोर सिस्‍टम को SWIFT से लिंक करने को कहा था। आरबीआई ने बैंकों को इस काम के लिए 30 अप्रैल तक की डेडलाइन दी है। बता दें कि  PNB समेत देश के कई बड़े बैंक के कोर बैंकिंग सिस्‍टम SWIFT नेटवर्क से लिंक नहीं हैं। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट