Home » Economy » Bankingआरबीआई, बैंक जमा, गारंटी, ईन्‍श्‍योर्ड मनी rbi money insured banks

बैंक में जमा है 1 लाख से ज्‍यादा, तो 100 में से 70 की कोई गारंटी नहीं

अगर आपके खाते में 1 लाख रुपए से ज्‍यादा की राशि है तो उस राशि की कोई गारंटी नहीं है...

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नई दिल्ली. अगर आपके खाते में 1 लाख रुपए से ज्‍यादा की राशि है तो उस राशि की कोई गारंटी नहीं है। यही नहीं बैंकों में लोगों की ओर से जामा किए गए कुल पैसे में से 29.5 फीसदी रकम ही सरकार की ओर से इन्‍श्‍योर्ड है। आम भाष में कहें तो बैंक में जमा 100 में से 30 रुपए की ही गारंटी है और 70 की कोई गारंटी नहीं है। इस बात का खुलासा आरबीआई की ताजा रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2017 तक बैंकों में कुल 103 लाख करोड़ रुपए जमा हैं, जिसमें से 30.50 लाख करोड़ रुपए ही इन्श्योर्ड है। यानी अगर देश के बैंक डूब जाते हैं, तो उस हालत में 103 लाख करोड़ रुपए डिपॉजिट में 30.50 लाख करोड़ रुपए उनके जमाकर्ताओं को मिल पाएंगे। बाकी की रकम उन्हें नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि अभी बैंकों में जमा रकम पर सरकार एक लाख रुपए तक की इन्श्योरेंस गारंटी देती है।

 

हर खाते पर बस 1 लाख की ही गारंटी 
मौजूदा फाइनेंशियल रिजॉल्युशन एंड डिपॉजिट इन्श्योरेंस कानून के मुताबिक अगर कोई भारतीय बैंक डूब जाता है, तो उसके कस्टमर को बैंक में  रखा पूरा पैसा नहीं मिलेगा । उसके बदले आपको एक लाख रुपए मिलेंगे। यानी भले ही बैंक में आपने एक लाख रुपए से ज्यादा पैसे रखे हो पर डूबने की स्थिति में केवल एक लाख मिलेंगे। हालांकि अगर बैंक में आपके एक लाख रुपए तक जमा है, तब आपको एक लाख रुपए तक की रकम मिल जाएगी। सरकार फाइनेंशियल रिजॉल्युशन एंड डिपॉजिट इन्श्योरेंस बिल का प्रस्ताव लेकर आई है, जिसके तहत इस लिमिट में बदलाव करने के केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं। 

आरबीआई रिपोर्ट क्या कहती है
रिपोर्ट के अनुसार देश में पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट, फॉरेन, रिजनल रुरल बैंक, को-ऑपरेटिव और लोकल एरिया कैटेगरी के कुल 2125 बैंक हैं। जिनमें सितंबर 2017 तक 103531 अरब रुपए यानी करीब 103 लाख करोड़ रुपए जमा है। इसमें से 29.5 फीसदी रकम इन्श्योर्ड है। यानी 30508 अरब रुपए अकाउंट होल्डर्स को बैंक डूबने की स्थिति में मिल जाएंगे। अलग अलग बात करें तो सरकारी बैंकों में मौजूदा समय में करीब 65724 अरब रुपए जमा हैं, इसमें से 20678 अरब यानी 31.5% रकम ही इन्श्योर्ड  है। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में 22202 अरब रुपए जमा हैं इसमें से 4198 अरब यानी 18.9% रकम ही इन्श्योर्ड  है।  फॉरेन बैंकों में 5062 अरब रुपए जमा हैं,  इसमें से  136 अरब यानी 2.7 % रकम ही इन्श्योर्ड है। हालांकि  आरआरबी, कोऑपरेटिव और लोकल एरिया बैंक में  इन्श्योर्ड रकम क्रमश:  62.0%,  48.1% और  50 % है। इन आंकड़ों से साफ है कि आरआरबी, कोऑपरेटिव और लोकल एरिया बैंक में ज्यादातर कस्टमर ऐसे हैं, जिनकी जमा पूंजी इन बैंकों में एक लाख रुपए तक है। जबकि पब्लिक सेक्टर बैंक और प्राइवेट सेक्टर और फॉरेन बैंक में ऐसे कस्टमर्स की संख्या ज्यादा है, जिन्होंने एक लाख रुपए से ज्यादा बैंकों में जमा कर रखा है।

 

 

दूसरे देशों की तुलना में भारत में कस्टमर को कम मिलती है गारंटी

एसबीआई द्वारा डिपॉजिट इन्श्योरेंस पर तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार  बैंक अकाउंट पर अपने कस्टमर की जमा रकम की सबसे ज्यादा सुरक्षा ब्राजील, अमेरिका, फ्रांस जैसे देशों में है। भारत इस मामले में सभी प्रमुख देशों की तुलना में काफी पीछे है। रिपोर्ट के अनुसार अगर दूसरे देशों के पैटर्न की तुलना की जाय और उसे भारत में लागू किया जाय, तो बैंक कस्टमर्स को एक लाख की जगह 3.5 लाख रुपए का इन्श्योरेंस कवर मिलना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार एक लाख रुपए का इन्श्योरेंस कवर 1993 के आधार पर है। मौजूदा प्रति व्यक्ति आय और बैंको में  जमा रकम को देखते हुए सरकार को 3.5 लाख रुपए का इन्श्योरेंस कवर मिलना चाहिए

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