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कांग्रेस के इस उम्मीदवार पर 100 करोड़ रुपए का कर्ज, PNB प्रबंधन का खुलासा

बैंक इस उम्मीदवार को Willful Defaulter घोषित कर चुका है

PNB Chairman Informed Election Commission About Willful Defaulter Contesting Election

PNB Chairman Informed Election Commission About Willful Defaulter Contesting Election: पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन ने ऐसे ही एक उम्मीदवार के सौ करोड़ रुपए के कर्ज का खुलासा किया है। यह उम्मीदवार हैं मणिपुर के Keishing James Lalrongbawl (कीशिंग जेम्स), जिनके बारे में PNB के चेयरमैन सुनील मेहता ने चुनाव आयोग को सूचित किया है।

नई दिल्ली.

चुनावों में ऐसे नेता भी खड़े होते हैं जिनपर लाखों करोड़ों रुपए का कर्ज होता है। ऐसे ही उम्मीदवारों की वजह से चुनाव आयोग ने यह नियम बनाया है कि सभी उम्मीदवारों को अपने बैंक से No Objection Certificate (NOC) लेकर आयोग के पास जमा कराना होगा। लेकिन उम्मीदवार इस नियम का पालन नहीं करते हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) प्रबंधन ऐसे ही एक उम्मीदवार के सौ करोड़ रुपए के कर्ज का खुलासा किया है। यह उम्मीदवार हैं मणिपुर के Keishing James Lalrongbawl (कीशिंग जेम्स), जिनके बारे में PNB ने चुनाव आयोग को सूचित किया है। मनी भास्कर के पास चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र की प्रति है।

 

बैंक ने घोषित किया विलफुल डिफॉल्टर

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) प्रबंधन ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर बताया है कि, उनके बैंक ने 100 करोड़ रुपए का क्रेडिट लोन और 17 लाख रुपए का टर्म लोन North East Region Fiin Service Ltd कंपनी के नाम पर दिया था। इस कंपनी में कीशिंग बतौर डायरेक्टर और पर्सनल गारंटर कार्यरत थे। उनकी कंपनी ने समय पर कर्ज का भुगतान नहीं किया, जिसके चलते 30/9/2016 को अकाउंट NPA में तब्दील हो गए। इसके तीन साल बाद तक कंपनी और इसके डायरेक्टर्स ने बैंक का बकाया नहीं चुकाया। इसके बाद बैंक ने रिजर्व बैंक के निर्देशों के मुताबिक कंपनी और उसके डायरेक्टर्स को विलफुल डिफॉल्टर्स घोषित कर दिया। पत्र में लिखा है कि 28 मार्च 2019 तक कंपनी को बैंक के 116.31 करोड़ रुपए लौटाने हैं। बैंक ने इसके लिए गुवाहाटी में 30 सितंबर 2016 को एक याचिका भी दाखिल की है।

 

बिना बैंक को जानकारी दिए कंपनी से दिया इस्तीफा

पत्र में आगे लिखा है कि, कंपनी ने कई बार बैंक को one time settlement (OTS) का प्रस्तवा दिया। आखिरी प्रस्ताव को 10 दिसंबर 2018 को स्वीकृत किया गया, लेकिन कंपनी और इसके डायरेक्टर्स OTS के तहत भी बकाया भुगतान नहीं कर सके। इतना ही नहीं, कीशिंग जेम्स ने बैंक को बिना बताए 02 मार्च 2019 को कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया, जो कि कर्ज देने के नियमों के खिलाफ है।

 

सख्त कदम उठाने की अपील की

 PNB प्रबंधन ने आगे लिखा, 'हाल ही में बैंक को पता चला कि कीशिंग जेम्स ने आने वाले लोकसभा चुनावों में खड़े होने के लिए कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है, ताकि वे कर्ज की बात को छुपा सकें। ऐसे में बैंक ने राष्ट्र के हित में यि कदम उठाया है, जिससे चुनाव आयोग को पता लग सके कि कीशिंग जेम्स एक डिफॉल्टर हैं। ऐसे में बैंक चुनाव आयोग से अपील करता है कि उनके खिलाफ कानून के मुताबिक जरूरी कार्रवाई की जाए, जिससे जनता के पैसे पर चुनाव लड़ने वाले ऐसे डिफॉल्टर्स को रोका जा सके।'

बैंक ऑर्गेनाजेशंन ने सभी उम्मीदवारों से एनओसी लेने की मांग की

दिल्ली प्रदेश बैंक वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव अश्वनी राणा ने पीएनबी प्रबंधन के इस कदम की सराहना करते हुए मनी भास्कर को बताया कि  इस खुलासे के लिए हम पीएनबी चेयरमैन की सराहना करते हैं। इस पत्र से हमारी मांग भी पुख्ता होती है कि सभी उम्मीदवारों को अपने बैंकों से NOC लेकर जमा कराना चाहिए, कि उनके या उनके परिवार पर कोई बकाया राशि नहीं है। इसके साथ हम अन्य बैंकों से भी अपील करते हैं कि वे ऐसी जानकारियां चुनाव आयोग के सामने लाएं।

 

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