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विलफुल डिफॉल्‍टर्स की तादाद 9063 हुई, सरकारी बैंकों के नहीं चुकाए 1.10 लाख करोड़

विलफुल डिफॉल्‍टर्स की संख्‍या चालू वित्‍त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर 2017 तक 1.7 फीसदी बढ़कर 9063 हो गई।

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नई दिल्‍ली. विलफुल डिफॉल्‍टर्स (जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले) की संख्‍या चालू वित्‍त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर 2017 तक  1.7 फीसदी बढ़कर 9063 हो गई। इन डिफॉल्‍टर्स ने क्षमता होने के बावजूद सरकारी बैंकों का करीब 1.10 लाख करोड़ रुपए का लोन नहीं चुकाया। यह जानकारी खुद सरकार ने दी है। 

 

9 महीने में 1.66 फीसदी बढ़े डिफॉल्टर्स 

वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि सरकारी बैंकों से लिए हुए कर्ज, जिसे विलफुल डिफॉल्टर्स नहीं चुका रहे हैं, वह कुल रकम 1,10,050 करोड़ रुपए है। उन्होंने बताया कि विलफुल डिफाल्टर्स की संख्या 9,063 करोड़ रुपए थी। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 9 महीनों के दौरान इसमें 1.66 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की गाइडलाइन के अनुसार, विलफुल डिफाल्टर्स के खिलाफ पैनल और क्रिमिनल एक्‍शन का प्रावधान है। 

 

 

दर्ज कीं 2108 एफआईआर 
शुक्‍ला ने कहा कि 31 दिसंबर 2017 तक सरकारी बैंकों ने विलफुल डिफॉल्‍टर्स के खिलाफ 2,108 एफआईआर दर्ज की। इनमें 8,462 मुकदमे रिकवरी के लिए फाइल किए और उनके खिलाफ कानून कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह कार्यवाही 6,962 विलफुल डिफाल्टर्स के मामलों में की गई।शुक्ला ने कहा कि मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी ने विलफुल डिफॉल्टर्स के लिए कुछ नियम भी जारी किए हैं क्योंकि प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स फंड जुटाने के लिए कैपिटल मार्केट तक अपनी पहुंच बना रहे हैं।  
 

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