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Home » Economy » BankingKnow all about the first day of two day strike of government employees

भारत बंद: कहीं बंद रहे बैंक तो कहीं निकाला शांतिपूर्ण मार्च, जानिए कहां-कैसा रहा बंद का हाल

वेतन बढ़ोतरी समेत 12 मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं सरकारी कर्मचारी

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नई दिल्ली। बैंक समेत अन्य कर्मचारी संगठनों की ओर से बुलाई गई दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन अलग-अलग राज्यों में मिलाजुला असर दिखा। अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज ठप रहा। वहीं, अन्य सरकारी कार्यालयों में भी नाम मात्र को काम हुआ। इससे आम जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से परिवहन व्यवस्था बिगड़ गई। कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों ने रेल यातायात भी ठप किया। वहीं हड़ताल के कारण पूरे देश में कई स्थानों पर दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे। आइए आपको बताते हैं कि अलग-अलग राज्यों में इस भारत बंद का क्या असर रहा। 

 

ओडिशा में आम जनजीवन प्रभावित
ओडिशा में विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा केंद्र सरकार की 'श्रमिक विरोधी नीतियों' के खिलाफ आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य के कई शहरों में सड़कों पर आवागमन बाधित होने से लोगों को बसों और ऑटोरिक्शा पकड़ने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कई रेलवे स्टेशनों पर भी पटरियों को बाधित कर दिया जिससे ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ। इसके अलावा राज्य में बड़ी संख्या में दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी बंद हैं। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के राज्य सचिव सौरीबंधु कार ने कहा कि 'केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। मजदूर संगठन न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, सरकारी उद्यमों के निजीकरण को रोकने, रेलवे, बैंकों और बीमा क्षेत्रों में विदेशी निवेश को बंद करने और बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरियों सहित 12 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। 

केरल में सफल रही हड़ताल


उधर दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल मंगलवार को केरल में लगभग पूरी तरह सफल रही और अब तक शांतिपूर्ण रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित बीएमएस ट्रेड यूनियन को छोड़कर, अन्य सभी यूनियन विरोध कर रहे हैं और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 18,000 रुपए करने के अलावा न्यूनतम पेंशन वेतन बढ़ाकर 3,000 रुपए करने सहित अन्य मांगें पूरी किए जाने के लिए हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों को अवरुद्ध करके राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद कई ट्रेनें निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं। राज्य के स्वामित्व वाली निजी बसें और ठेके पर लिए गए वाहन सड़कों से नदारद थे, लेकिन सबरीमाला के तीर्थयात्रियों को सभी स्थानों से आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है। कोचीन पोर्ट (बंदरगाह) और कोचीन एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन में काम करने वालों श्रमिकों को प्रदर्शनकारियों द्वारा रोका गया। 

 

गोवा में कर्मचारियों का शांतिपूर्ण मार्च

 

भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ मजदूर संघों के लगभग हजार सदस्यों ने एकजुट होकर मंगलवार को पणजी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह मार्च देशभर के 10 केंद्रीय मजदूर संघों के सदस्यों द्वारा आयोजित गतिविधियों का ही हिस्सा था।  कई बैंकों, परिवहन, औद्योगिक कार्यबल संघों के अलावा गोवा सरकार का कर्मचारी संघ भी हड़ताल में शामिल है। इसके चलते राज्य सरकार को आवश्यक सेवा रख-रखाव अधिनियम लागू करने पर बाध्य होना पड़ा। गोवा सरकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जॉन नजरेथ ने कहा कि हम सभी निगमों और स्वायत्त संस्थाओं के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करने और सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना को क्रियान्वित करने सहित मांगों का समर्थन करते हैं।

महाराष्ट्र में बैंक, सरकारी कार्यालय बंद


महाराष्ट्र में केंद्रीय मजदूर संगठनों (सीटीयू) की ओर से आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण मंगलवार को अधिकांश बैंक, पत्तन न्यास और केंद्र व राज्य स्तर के कार्यालय वीरान नजर आए। महाराष्ट्र में ट्रेड यूनियन्स जॉइंट एक्शन कमेटी (टीयूजेएसी) के संयोजक विश्वास उटागी ने कहा कि बैंक, बीमा, डॉक, बीएसएनएल, राज्य परिवहन, रेलवे, पत्तन न्यास, रक्षा और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों, केंद्र-राज्य सरकारों के उपक्रमों, नगरपालिका श्रमिकों, आंगनवाड़ी कर्मियों, फेरीवाले और अन्य सहित कुल 25 करोड़ लोगों को कवर करने वाले 10 केंद्रीय संगठनों और उद्योगों के स्वतंत्र संघों द्वारा यह हड़ताल आहूत की गई है। उन्होंने कहा कि इस साल लोकसभा चुनाव से पहले यह सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन है, जिसे सभी प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है। 

 

पश्चिम बंगाल में जनजीवन पर आंशिक असर

 

पश्चिम बंगाल में कई रेलवे स्टेशनों पर रेल संचालन अवरुद्ध होने और छिटपुट घटनाओं के साथ आम जनजीवन पर आंशिक रूप से हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी रेलवे के हावड़ा और सियालदह डिवीजन और दक्षिण पूर्व रेलवे दोनों में ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। हड़ताल समर्थकों ने दक्षिण 24 परगना के उपनगरों, जिले के लखीकांतपुर, कैनिंग, उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम, हसनाबाद और बारासात में रेल संचालन रोकने की कोशिश की और उनकी पुलिस से झड़प हुई।  प्रदर्शनकारियों ने हुगली के रिशरा, उत्तरपारा, पूर्वी बर्धमान के समुद्रगढ़, बीरभूम के रामपुरहाट, पश्चिम बर्धमान के दुगार्पुर में पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल में और दक्षिण पूर्व रेलवे के उलुबेरिया में ट्रेन संचालन को बाधित किया।

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