अगले 15 दिन में Jet की उड़ानें शुरू होंगी, लंदन व दुबई के लिए होगा फायदा

बैंकों की समाधान योजना से फिलहाल Jet Airways का संकट टल गया है। नरेश गोयल के जेट एयरवेज के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के बाद अब दो हफ्ते में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।  बैंक जेट को 1500 करोड़ रुपए दे रहे हैं। इससे अगले 5 हफ्तों तक एयरलाइन चल सकती है। लंदन, दुबई समेत कई अंतराष्ट्रीय स्तर की फ्लाइट्स के दाम फिर से कम हो जाएंगे।

 

 

money bhaskar

Mar 26,2019 12:17:00 PM IST

नई दिल्ली. बैंकों की समाधान योजना से फिलहाल Jet Airways का संकट टल गया है। नरेश गोयल के जेट एयरवेज के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के बाद अब दो हफ्ते में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। बैंक जेट को 1500 करोड़ रुपए दे रहे हैं। इससे अगले 5 हफ्तों तक एयरलाइन चल सकती है। लंदन, दुबई समेत कई अंतराष्ट्रीय स्तर की फ्लाइट्स के दाम फिर से कम हो जाएंगे। 9 अप्रैल से उम्मीद जताई जा रही है कि देश में भी विभिन्न हिस्सों में जेट की फ्लाइट्स का सामान्य संचालन शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी।

घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि यह स्थिति 15 दिनों में सामान्य हो जाएगी। बैंकों से पैसे मिलने के बाद खड़े किए गए विमानों में से ज्यादातर तब तक फिर उड़ान भरने लगेंगे। जेट संकट के कारण टिकट काफी महंगे हो गए थे।

विमानों को वापस लाने की प्रोसेस शुरू होगी

खड़े किए गए विमानों को वापस लाने की प्रक्रिया कल से शुरू हो जाएगी। अभी 40 विमान उड़ान भर रहे हैं। बैंक तत्काल पैसे दे रहे हैं, इसलिए महीने भर में 30 और विमानों के आ जाने की उम्मीद है। अच्छी बात यह है कि अब और विमान खड़े नहीं होंगे। लीज किराया नहीं चुकाने के कारण जेट के 50 से ज्यादा विमान खड़े हो गए हैं। इस वजह से रोजाना बहुत सी फ्लाइट कैंसिल हो रही हैं। हालांकि हवाई सेवा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यह समस्या सिर्फ जेट के कारण ही नहीं आई है। डिमांड-सप्लाई पर सब कुछ निर्भर करेगा।

बैंक अपनी 51% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया 9 अप्रैल से शुरू करेंगे


जेट के रिवाइवल प्लान के बारे में उन्होंने कहा कि बैंक अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया 9 अप्रैल से शुरू करेंगे। यह 31 मई को खत्म होगा। जून में खरीदार तय कर लिया जाएगा। एयरलाइन का ऑपरेशन सामान्य बनाने के लिए 4,000 करोड़ रुपए चाहिए। हालांकि बैंक 1,500 करोड़ रुपए दे रहे हैं। यह 5 हफ्ते तक एयरलाइन को चलाने के लिए काफी है।

बेटे को जेट एयरवेज के बोर्ड में शामिल करना चाहते थे गोयल


नरेश गोयल ने 1 अप्रैल 1992 को जेट एयरवेज की स्थापना की थी। इसे अपने नियंत्रण में रखने के लिए उन्होंने पूरी कोशिश की। वह शुरू में चेयरमैन पद छोड़ने पर राजी हो गए थे, लेकिन बेटे निवान को बोर्ड में शामिल करने की शर्त रख दी थी। बैंक चाहते थे कि प्रमोटर ग्रुप बोर्ड से बाहर हो। एसबीआई ने कुछ दिनों पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि नए कर्ज के लिए गोयल को हटना पड़ेगा।

बुलेट में जानिए जेट संकट

  • 4 तिमाही में 4,200 करोड़ का घाटा, मार्केट शेयर भी दूसरे से घटकर चौथे पर आया
  • 2013 में एतिहाद ने जेट का 24% हिस्सा 2,400 करोड़ में ली थी।
  • आज कंपनी का मार्केट कैप 2,900 करोड़ रुपए है।
  • 25,000 करोड़ रु. की देनदारी
  • 8,050 करोड़ रुपए बैंकों का कर्ज है
  • 2,000 करोड़ टिकट रद्द हुए
  • 15 हजार करोड़ वेंडर्स का बकाया

स्टेट बैंक के पूर्व चेयरमैन पुरवार जेट एयर के नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन बनेंगे


एसबीआई के पूर्व चेयरमैन एके पुरवार को जेट एयरवेज का नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाया जाएगा। जेट को कर्ज देने वाले बैंकों में एसबीआई प्रमुख है। पुरवार 2002-06 तक एसबीआई चेयरमैन थे। बैंक के पूर्व डीजीएम नरेश मल्होत्रा ने बताया कि चेयरमैन रजनीश कुमार और पुरवार ने शुरुआत लखनऊ सर्किल से की थी। यह इन्हें चुने जाने की एक वजह हो सकती है। एसबीआई की सभी ब्रांच को ऑनलाइन (सीबीएस) करने का श्रेय पुरवार को ही जाता है।

जेट के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई की आशंका नहीं

जेट एयरवेज के खिलाफ अब दिवालिया कार्रवाई की आशंका नहीं रह गई है। इसमें बैंक नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में अपील करते हैं। वहां पहले कंपनी को बेचकर कर्ज लौटाने की कोशिश की जाती है। इसमें नाकाम रहने पर ही कंपनी भंग कर एसेट बेचा जाता है। जेट के ज्यादातर विमान लीज पर हैं। इस वजह से बैंक उन्हें बेच नहीं सकते।

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