विज्ञापन
Home » Economy » BankingModi donates 99 times more profits than the plot, finance minister Arun Jaitley, instead of shares,

नेताओं का निवेश फंडा : शाह उठाते हैं जोखिम, नमो और गांधी को बैंकों पर भरोसा

वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शेयरों की बजाय बैंकों और म्यूच्यूल फंड में लगाते हैं पैसा

1 of

नई दिल्ली. कुलदीप सिंगोरिया 
जो नेता अपनी लीडरशिप से बाजार की चाल बदल देते हैं, वे ही शेयर मार्केट में पैसा लगाने में हिचकते हैं। देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली अमीर मंत्रियों में गिने जाते हैं लेकिन शेयर खरीदने में हाथ तंग हैं। उनकी संपत्ति का आधा हिस्सा बैंकों और अचल संपत्ति में निवेशित है। सबसे दिलचस्प हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की तरफ से लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री उम्मीदवार राहुल गांधी। दोनों ही को बाजार से ज्यादा बैंकों पर भरोसा है। हालांकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपनी शख्सियत के अनुरूप निवेश में भी आक्रामण और जोखिम भरे फैसले लेते हैं। वे जमकर शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं। 

 

पीएम मोदी की पसंद एसबीआई, 17 साल में प्लॉट से 99 गुना मुनाफा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी वाराणसी से नामांकन दाखिल नहीं किया है। इस वजह से उनका संपत्ति का ताजा ब्यौरा उपलब्ध नहीं है लेकिन उनके कार्यालय द्वारा वर्ष 2018 में बताई गई जानकारी के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 2.28 करोड़ रुपये की संपत्ति है।  वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में करीढ़ डेढ़ करोड़ की संपत्ति थी। यानी कि चार साल के बाद मोदी की संपत्ति में करीब 75 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उनकी संपत्ति में से 96 लाख रुपए बैंक में जमा है। इसमें भी सबसे ज्यादा रकम एसबीआई में और दूसरे नंबर पर बैंक ऑफ इंडिया में जमा है। राजकोट नागरिक सहकारी बैंक में भी 32 हजार रुपए जमा है। करीब 4 लाख रुपए एनएससी और एलआईसी की पॉलिसी में जमा है। शेयर बाजार में सीधे शेयर खरीदने की बजाय मोदी ने  सिर्फ 20 हजार रुपए एलएंडटी इंफ्रास्ट्रक्चर का बांड खरीदा है। पीएम मोदी ने गुजरात में वर्ष 2002 में 1.30 लाख रुपए में  प्लॉट खरीदा था। इस प्लॉट की मौजूदा कीमत 99 गुना ज्यादा यानी एक करोड़ रुपए हो गई है। 

 

यह भी पढ़ें - नए डिबेंचर्स पर एफडी से ज्यादा 10.75 प्रतिशत तक मिल रहा है ब्याज

 

अमित शाह को अनिल अंबानी और अडाणी से परहेज 

भाजपा अध्यक्ष शाह अपनी आदत के अनुरुप शेयरों में पैसा लगाते हैं। वे राजनीति में आने से पहले स्टॉक ब्रोकर भी थे। इसलिए अपने इस अनुभव का फायदा भी उठाते हैं। शाह की कुल संपत्ति 30.49 करोड़ रुपए हैं। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्री, टीसीएस, बजाज ऑटो से बड़ी कंपनियों के शेयरों के अलावा मिडकैप में 4.35 करोड़ रुपए लगाए हैं। यही नहीं वे अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों में भी निवेश करने से नहीं चूके। उनकी पत्नी सोनल बेन की 8.35 करोड़ रुपए की आय हैं जिसमें से भी ज्यादातर हिस्सा शेयरों में लगाया हुआ है। सबसे खास बात यह है कि शाह ने निवेश के लिए अडाणी ग्रुप पर भरोसा नहीं किया है। इसी तरह अनिल अंबानी की कंपनियों में भी महज एक लाख रुपए लगाए हैं। 

 

यह भी पढें - आयकर छापा : कथित भाजपा नेता शर्मा के पास अडानी व टाटा के चुनावी बॉन्ड मिले, डायरी में भाजपा सरकार में रहे मंत्रियों के नाम

 

राहुल गांधी को पसंद है म्यूच्यूल फंड, पेंशन की भी चिंता 


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी बाजार के जोखिमों से बचना चाहते हैं। गांधी द्वारा वायनाड में चुनाव लड़ने के लिए दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 16 करोड़ रुपए है। इसमें से 5 करोड़ 19 लाख रुपए विभिन्न म्यूच्यूल फंडों में निवेश किया गया है। गांधी को डीएसपी स्माल कैप, आदित्य बिरला सन लाइफ, फ्रेंकलिन इंडिया इक्विटी, मोतीलाल ओसवाल के फंड पसंद है। गांधी ने भी मोदी की तरह एक भी शेयर नहीं खरीदा है।  गांधी ने सिर्फ दो बैंकों में एसबीआई और एचडीएफसी बैंक में 17 लाख रुपए जमा किए हैं। पीपीएफ के पेंशन फंड में भी गांधी ने 39 लाख रुपए जमा किए हैं। बाकी उनके पास अचल संपत्ति है। 

 

यह भी पढ़ें - बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले जानिए यह सुविधा

 

यह भी पढ़ें - सीएम कमलनाथ से पांच गुना ज्यादा है बेटे नकुलनाथ की संपत्ति, 657 करोड़ रुपए के साथ सबसे अमीर प्रत्याशियों में शामिल

 

कमलनाथ, सिब्बल, पीयूष गोयल को भी शेयर बाजार पर भरोसा 


अभी चुनाव का पहला ही चरण है इसलिए कई बड़े नेताओं के शपथ-पत्र नहीं आए हैं। हाल ही में आईटी रेड की वजह से चर्चा में आए मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ उद्योगपति भी हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है जबकि उनके बेटे नकुल नाथ ने लोकसभा के लिए। दोनों के पास करीब एक हजार करोड़ रुपए की संपत्ति है। दोनों ही अमित शाह की तरह शेयरों का बड़ा पोर्टफोलियो रखते हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल समेत कई बड़े नेता भी शेयर मार्केट का जोखिम उठाते हैं। 

 

यह भी पढ़ें - मोदी सरकार इन सामानों से चीन के बाजार पर करेगी कब्जा, सौंपी लिस्ट

 

 

 

 

यह भी पढ़ें - 10 बाइ 10 की छोटी सी दुकान में कभी शादी की पत्रिका छापता था यह शख्स, छापे में पता चली अकूत दौलत

 

नेताओं की पहली पसंद अचल संपत्ति 


एसोशिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (ADR) की विभिन्न रिपोर्टों में जनप्रतिनिधियों की संपत्ति का विश्लेषण किया है। खास बात यह है कि अधिकांश नेताओं ने अचल संपत्ति यानी जमीन जायदाद में निवेश किया हुआ। करीब 60 प्रतिशत पैसा प्रॉपर्टी में लगा है। रियल एस्टेट के जानकार मनोज सिंह मीक बताते हैं कि नेताओं को अच्छी जमीन की समझ होती है। उन्हें पता होता है कि भविष्य में किस एरिया में विकास होगा तो जमीन की कीमत कितना मुनाफा देगी? इसी वजह से नेता शेयर की बजाय जमीन में पैसा लगाते हैं। 

 


यह भी पढ़ें - भारतीय फोन कंपनियों पर चीन का कड़ा प्रहार : स्वदेशी मोबाइल कंपनियों के कारोबार को म्यूट कर डाला

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन