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बोनस के लिए चंदा कोचर, शिखा शर्मा को करना है अभी इंतजार, RBI ने उठाए हैं सवाल

आरबीआई साल के आखिर में प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों के मिलने वाले बोनस में देरी कर रहा है।

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नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) साल के आखिर में प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों के मिलने वाले बोनस में देरी कर रहा है। इनमें चंदा कोचर और शिख शर्मा जैसी बैं‍कर भी शामिल हैं। बैंकिंग रेग्‍युलेटर ने बैंकों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए बैंक प्रमुखों को भुगतान की जाने वाली रकम पर सवाल उठाए हैं। ब्‍लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। 

 

 

रिपोर्ट के अनुसार, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड और एक्सिस बैंक लिमिटेड के सीईओ उन बैंकर्स में शामिल है, जिन्‍हें 31 मार्च 2017 को समाप्‍त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए बोनस मिलना है। आरबीआई ने बतौर बोनस प्रस्‍तावित पेमेंट पर हस्‍ताक्षर नहीं किया है। ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जुड़े लोगों ने पहचान जाहिर न करने की बात कही है क्‍योंकि यह जानकारियां निजी हैं। उन्‍होंने इस बारे में और ज्‍यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया है। बता दें, बिजनेस स्‍टैंडर्ड न्‍यूजपेपर बोनस में देरी की खबर पहले ही प्रकाशित कर चुका है।

 
चंदा कोचर को मिलना है 2.2 करोड़ रुपए बोनस  
स्‍टॉक एक्‍सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक बोर्ड ने सीईओ चंदा कोचर के लिए 2.2 करोड़ रुपए (3.40 लाख डॉलर) के बोनस को मंजूरी दी है। इसी तरह, एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा को 1.35 करोड़ रुपए और एचडीएफसी बैंक के आदित्‍य पुरी को करीब 2.9 करोड़ रुपए का बनोनस मिलना है। आरबीआई या किसी भी बैंक की तरफ से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। 


प्राइवेट बैंकों के लिए भी मुश्किल हुए हालात 
सरकारी बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंकों की आर्थिक सेहत को हमेशा से बेहतर माना जाता रहा है। लेकिन बीते कुछ सालों से छुपी हुए बैड लोन यानी एनपीए का खुलासा होने और कॉरपोरेट गवर्नेंस में खामी के आरोपों के बाद प्राइवेट बैंकों के लिए भी हालात मुश्किल हुए हैं। बैंक डिफॉल्‍ट के मामले सामने आने के बाद लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस बात‍ का दबाव बढ़ गया है कि वह अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले अपनी भ्रष्‍टाचार विरोधी छवि को मजबूर करें और डिफॉल्‍ट जैसे मामलों से सख्‍ती से निपटने के लिए कोई कदम उठाए। 

 

क्‍या इस वजह से हो रही बोनस में देरी?  
मार्च 2017 को समाप्‍त हुए वित्‍त वर्ष में, जिसके लिए बोनस मंजूरी में देरी है, आरबीआई की ऑडिट रिपोर्ट बताती है कि एक्सिस बैंक ने करीब 5600 करोड़ रुपए के बैड लोन का खुलासा नहीं किया था। एचडीएफसी बैंक के बैड लोन में भी अंतर है। वहीं, आईसीआईसीआई का कहना है कि इस मुद्दे की जानकारी देना जरूरी नहीं है। हालांकि, बैड लोन के लिए प्रोविजन बढ़े हैं। 

 

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