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बैंक में बचत खाते पर कमाइए ज्‍यादा ब्‍याज, सिर्फ चुनना होगा ये ऑप्‍शन

बैंकों में ऐसी सुविधा भी है, जिसके तहत सेविंग्‍स अकाउंट होल्‍डर्स सेविंग्‍स अकाउंट पर तय से ज्‍यादा ब्‍याज पा सकते हैं।

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नई दिल्‍ली. देश में प्राइवेट और सरकारी सभी बैंकों में सेविंग्‍स अकाउंट के लिए एक ब्‍याज दर निश्चित है। यह 4 से लेकर 6 फीसदी तक है। आमतौर पर ज्‍यादातर बैंकों में सेविंग्‍स अकाउंट पर 4 फीसदी ही ब्‍याज दर है लेकिन कुछ बैंक 1 लाख से ज्‍यादा के सेविंग्‍स अमाउंट पर 6 फीसदी तक का ब्‍याज भी देते हैं। खाताधारकों को तय ब्‍याज दर के मुताबिक ही ब्‍याज मिलता है। लेकिन बैंकों में ऐसी सुविधा भी है, जिसके तहत सेविंग्‍स अकाउंट होल्‍डर्स सेविंग्‍स अकाउंट पर तय ब्‍याज से ज्‍यादा ब्‍याज का लाभ ले सकते हैं। 

 

यह सुविधा है फ्लेक्‍सी अकाउंट की। इसे स्‍वीप इन फैसिलिटी के नाम से भी जाना जाता है। SBI, बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक आदि ज्‍यादातर बैंक अपने सेविंग्‍स अकाउंट होल्‍डर्स को इस तरह की सुविधा दे रहे हैं। आइए आपको बताते हैं कि यह सुविधा क्‍या है और आप कैसे इसका फायदा ले सकते हैं- 

 

आखिर क्‍या है स्‍वीप इन फैसिलिटी?

बैंकों में सेविंग्‍स अकाउंट के लिए एक मैक्सिमम डिपॉजिट तय होता है। कई बार कस्‍टमर भी मैक्सिमम अमांउट तय कर सकते हैं। इसके बाद आपके अकाउंट में उससे ज्‍यादा अमाउंट नहीं रह सकता। इस पाबंदी को देखते हुए बैंक सरप्‍लस अमाउंट को FD में कन्‍वर्ट करने की सुविधा देते हैं। इसके तहत जब कस्‍टमर का सेविंग्‍स अकाउंट डिपॉजिट लिमिट से ज्‍यादा हो जाता है तो अतिरिक्‍त अमांउट को बैंक ऑटोमेटिकली FD में कन्‍वर्ट कर देते हैं और उस अमाउंट पर बैंक में FD के लिए तय ब्‍याज दर के हिसाब से ब्‍याज मिलता है। इसे ही स्‍वीप इन फैसिलिटी कहते हैं। इसका लाभ लेने के लिए इस सुविधा से कस्‍टमर को सेविंग्‍स अकाउंट पर तो ब्‍याज मिलता ही रहता है, साथ ही अतिरिक्‍त राशि पर एफडी का ब्‍याज भी कस्‍टमर को मिलने लगता है। इस तरह कस्‍टमर को डबल फायदा होता है। 

 

आगे पढ़ें- लिमिट के अंदर आया बैलेंस, तो एफडी खत्‍म 

बैलेंस आया लिमिट में तो एफडी हो जाएगी खत्‍म 

अगर सेविंग्‍स अकाउंट में आपका डिपॉजिट लिमिट से ज्‍यादा बना हुआ है तो आपकी FD ऑटोमेटिकली चलती रहेगी। वहीं, अगर सेविंग्‍स अकाउंट का बैलेंस लिमिट के अंदर आ जाता है या कम हो जाता है तो सरप्‍लस अमाउंट की FD अपने आप खत्‍म हो जाती है, यानी अमाउंट फिर से सेविंग्‍स अकाउंट में आ जाता है। इसे स्‍वीप आउट कहते हैं। कुल मिलाकर आपको FD का ब्‍याज सरप्‍लस अमाउंट पर ही मिलता है और तब तक ही मिलता है, जब तक सेविंग्‍स अकाउंट बैलेंस लिमिट से ज्‍यादा रहता है। 

 

आगे पढ़ें- एक से ज्‍यादा भी हो जाती हैं FD

एक से ज्‍यादा भी FD

स्‍वीप इन फैसिलिटी के तहत होने वाली FD के लिए भी एक तय डिपॉजिट लिमिट होती है। यानी उस FD में उस लिमिट से ज्‍यादा अमाउंट नहीं जा सकता। ऐसे में आपके पास स्‍वीप इन के तहत एक से ज्‍यादा FD का भी ऑप्‍शन रहता है। यानी सरप्‍लस अमाउंट बढ़ते जाने पर आप एक से ज्‍यादा FD रखकर ज्‍यादा ब्‍याज का फायदा ले सकते हैं। 

 

आगे पढ़ें- विभिन्‍न बैंकों में अलग-अलग नाम से है ये सुविधा 

अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग नाम से चलते ही ये सुविधा

कुछ बैंक नॉर्मल सेविंग्‍स अकाउंट को ही इस सुविधा से लिंक कर देते हैं लेकिन कुछ में इसके लिए अलग से सेविंग्‍स अकाउंट होते हैं। SBI कस्‍टमर्स को सेविंग्‍स प्‍लस अकाउंट के तहत ज्‍यादा ब्‍याज का लाभ लेने की सुविधा दे रहा है। इसे सिंगल या जॉइंट में खोला जा सकता है। SBI के अलावा HDFC में स्‍वीप इन फैसिलिटी, बैंक ऑफ इंडिया में सेविंग्‍स प्‍लस स्‍कीम, ICICI बैंक में मनी मल्‍टीप्‍लायर अकाउंट आदि कई बैंकों में यह सुविधा अलग-अलग नाम से मौजूद है। 

 

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