Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

ऊंचे स्तरों से गिरावट के बाद मिडकैप में बने मौके, ये शेयर दे सकते हैं 50% तक रिटर्न Stock Tips: हफ्ते के आखिरी दिन इन शेयरों में होगी कमाई, उठाएं फायदा Forex Market: रुपए के रिकॉर्ड लो पर जाने का डर, कमजोर हो सकती है ओपनिंग Petrol Price: आज फिर महंगे हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल 13 हजार Cr के टेंडर वापस या रद्द, मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल ट्रम्‍प ने उत्तर कोरियाई तानाशाह के साथ रद की बैठक, अमेरिकी स्‍टॉक मार्केट में गिरावट पेट्रोल-डीजल पर 15% तक ड्यूटी घटाएं राज्य, दे सकते हैं केंद्र से ज्यादा राहतः नीति आयोग Forex Market: रुपए 8 पैसे मजबूत होकर 68.34 प्रति डॉलर पर बंद लॉजिस्टिक सेक्टर में आएंगी 30 लाख नई नौकरियां, GST लागू होने का असर: रिपोर्ट महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में कल से लागू होगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल मोदी सरकार का 5वें साल में होगा असल टेस्‍ट, महंगा क्रूड और रोजगार सबसे बड़ा चैलेंज भारत के किशनगंगा प्रोजेक्‍ट में वर्ल्‍ड बैंक नहीं देगा दखल, खारिज की पाक की अपील अस्थायी तौर पर शटडाउन हुआ ‘NSE NOW’, एक्सजेंच ने बताई टेक्निकल प्रॉब्लम Stock Market: IT स्टॉक्स में उछाल से सेंसेक्स 318 अंक बढ़ा, निफ्टी 10500 के पार बंद सरकारी ऑर्गेनाइजेशंस में प्रोक्‍योरमेंट और सर्विसेज की डिलीवरी भी हैं भ्रष्‍टाचार की वजह: CVC
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Bankingएक लेटर ने उड़ा दी मोदी सरकार की नींद, नाक के नीचे ऐसे चलता था रैकेट

एक लेटर ने उड़ा दी मोदी सरकार की नींद, नाक के नीचे ऐसे चलता था रैकेट

नई दिल्‍ली. लोकसभा चुनाव से एक साल पहले करीब 11,400 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले ने मोदी सरकार की परेशानी बढ़ा दी है। चार साल के मोदी सरकार के कार्यकाल में इस घोटाले ने पूरे बैंकिंग सिस्‍टम और उसकी निगरानी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस स्‍कैम में दिलचस्‍प बात यह है कि इसे एक लेटर के जरिए अंजाम दिया गया।

 

आखिर यह कैसा लेटर है और इसकी पावर इतनी कैसे है कि उससे लाखों-करोड़ों रुपए का ट्रांजैक्‍शन देश से विदेश में हो गया और बैंक के पूरे सिस्‍टम को इसकी कानोंकान खबर नहीं लगी। दरअसल, बैंकिंग की भाषा में इस पावरफुल लेटर को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) कहते हैं। सरल शब्‍दों में समझें तो एलओयू एक बैंक से दूसरे बैंक को दिया जाने वाला एक तरह का वर्चुअल डिमांड ड्रॉफ्ट (डीडी) होता है। आइए समझते हैं एलओयू का पूरा खेल... 


क्‍या है LoU?

लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू एक तरह की गारंटी होती है, जिसे एक बैंक दूसरे बैंक को जारी करता है। जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्‍डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। फाइनेंस की भाषा में कहें तो एलओयू सेक्‍योर मैसेजिंग प्‍लेटफार्म स्विफ्ट के जरिए एक मैसेज के रूप में भेजा जाता है। स्विफ्ट के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के संदेश की वैल्‍यू बैंक द्वारा दूसरे पक्ष को जारी एक डिमांड ड्रॉफ्ट के बराबर होता है।

 

स्पिफ्ट यानी Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunications, एक तरह का मैसेज भेजने और प्राप्‍त करने वाला नेटवर्क है जि‍सका इस्‍तेमाल दुनि‍याभर के बैंक और फाइनेंशि‍यल सेवाएं देने वाली अन्‍य संस्‍थाएं करती हैं। कुल मिलाकर यह समझें कि यदि अकांउट होल्‍डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाया पेमेंट करे। 

 

 

आगे पढ़ें... कैसे हुआ PNB फ्रॉड 

 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.