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रिजर्व बैंक ने कर्ज कर दिया महंगा, मॉनिटरी पॉलिसी की 10 खास बातें

रिजर्व बैंक ने बुधवार को अपनी वित्‍त वर्ष 2018-19 की दूसरी बाय-मंथली समीक्षा जारी कर दी।

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नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ने बुधवार को अपनी वित्‍त वर्ष 2018-19  की दूसरी बाय-मंथली समीक्षा जारी कर दी। इसमें रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में चौथाई फीसदी बढ़ोत्‍तरी का फैसला किया है। करीब साढ़े चार साल में पहली बार रिजर्व बैंक ने ब्‍याज दरें बढ़ाईं। रेपो रेट अब 6.25 फीसदी हो गया है। रिजर्व बैंक की ओर से ब्‍याज दरों में बढ़ोत्‍तरी के बाद बैंकों का कर्ज महंगा होगा। यानी, आने वाले दिनों में कंज्‍यूमर के होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई बढ़ सकती है। बता दें, एमपीसी की अगली बैठक 31 जलाई और 1 अगस्‍त को होगी। आइए जानते हैं मॉनिटरी पॉलिसी की 10 खास बातें- 

 

 

1. रिजर्व बैंक ने प्रमुख उधारी दर (रेपो रेट) 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.25 फीसदी किया। 
2. रिजर्व बैंक ने साढ़े चार साल में पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है। इससे पहले जनवरी 2014 में रेपो रेट बढ़ा था।
3. रिवर्स रेपो रेट 6 फीसदी हो गया। जबकि बैंक रेट 6.50 फीसदी पर है। 
4. रिजर्व बैंक ने वित्‍त वर्ष 2018-19 के लिए ग्रोथ का अनुमान 7.4 फीसदी रखा है। 
5. आरबीआई ने खुदरा महंगाई का अनुमान अप्रैल-सितंबर के लिए 4.8-4.9 फीसदी, जबकि दूसरी छमाही के लिए 4.7 फीसदी रखा है। 
6. आरबीआई ने कहा है कि क्रूड 12 फीसदी महंगा हो गया है इससे महंगाई में तेजी आने का जोखिम है। 
7. क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव से महंगाई का पूर्वानुमान को लेकर अनिश्चितता है। 
8. निवेश में रिकवरी अच्‍छी है। इन्‍सॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड के सही तरीके से लागू होने से इसमें बूस्‍ट मिला है। 
9. जियो-पॉलिटिकल रिस्‍क, फाइनेंशियल बाजार में उतार-चढ़ाव और व्‍यापार में संरक्षणवाद का असर घरेलू ग्रोथ पर पड़ेगा। 
10. मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) के सभी सदस्‍य 0.25 फीसदी रेट बढ़ाने के पक्ष में थे। 

 

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