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लेन-देन में कैश की जगह चेक का कर रहे हैं इस्तेमाल, 9 गलतियां पड़ेंगी भारी

अक्‍सर हम जल्‍दबाजी में चेक के साथ कुछ छोटी-छोटी लापरवाही कर बैठते हैं और बाद में हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है...

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नई दिल्ली. देश में डिजिटल पेमेंट की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है। लोग अब कैश के अलावा पेमेंट के अन्य ऑप्शंस नेट बैंकिंग, कार्ड पेमेंट, चेक, ड्राफ्ट आदि को भी इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आप चेक से लेन-देन कर रहे हैं तो आपको कुछ चीजों पर गौर करना जरूरी है। अक्‍सर हम जल्‍दबाजी में चेक के साथ कुछ छोटी-छोटी लापरवाही कर बैठते हैं और बाद में हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हम सावधानी से काम लें। आइए आपको बताते हैं कि चेक से ट्रान्‍जैक्‍शन के वक्‍त हमें कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए- 

 

1. चेक के MICR कोड को नुकसान

चेक इस्‍तेमाल करते वक्‍त याद रखें कि चेक पर मौजूद MICR कोड को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। MICR कोड चेक पर सबसे नीचे सफेद पट्टी पर मौजूद होता है। इसलिए ध्‍यान रहे कि आपके साइन के चलते यहां लिखे नंबर न कट जाएं। साथ ही किसी अन्‍य वजह से इस डिटेल को नुकसान न पहुंचे। 

 

2. चेक की डेट की अनदेखी

याद रहे कि चेक उस पर डाली गई डेट के बाद 3 महीने तक ही वैलिड रहता है। इसलिए अगर आपने किसी से चेक लिया है तो उसे तय समय के अंदर बैंक में डिपॉजिट कर दें, वर्ना उसका अमाउंट आपके काम नहीं आएगा और आपको नुकसान झेलना पड़ेगा। इसके अलावा आप भी जब किसी को आगे की डेट में चेक से पेमेंट कर रहे हों तो इस बात का ध्‍यान रखें। इसके अलावा चेक पर तारीख डालते वक्‍त ध्‍यान रखें कि आप सही तारीख ही डालें। अगर तारीख डालने में आपसे गलती हो गई है तो उसी पर ओवरराइट करने की बजाय दूसर चेक इस्‍तेमाल करना बेहतर रहेगा।

 

3. अकाउंट पेई और बीयरर

अगर आप सीधे किसी के बैंक अकाउंट में पेमेंट करना चाहते हैं तो चेक पर अकाउंट पेई जरूर डालें। यह साइन चेक के लेफ्ट (बायीं) टॉप कॉर्नर पर डबल क्रॉस लाइन के बीच A/C Payee लिखकर बनाया जाता है। इस साइन से चेक का पेमेंट सीधा अकाउंट में होता है और इसे तुरंत भुनाया नहीं जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि चेक खोने की स्थिति में कोई जालसाज खुद को टार्गेट पर्सन बताकर उसके बदले कैश नहीं ले सकता है। अकाउंट पेई करते वक्‍त चेक पर राइट (सीधी) साइड में लिखे बीयरर को काट दें। वहीं अगर आप किसी को चेक कैश करने के लिए दे रहे हैं तो लेफ्ट टॉप कॉर्नर पर अकाउंट पेई साइन न बनाएं। 

 

आगे पढ़ें- बाकी की गलतियां

 

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4. अमाउंट के बाद '/-' साइन न डालना

चेक में शब्‍दों और अंकों में अमांउट डालने के बाद उसके पीछे /- का साइन बनाना बेहद जरूरी है। शब्‍दों में इस साइन से पहले ओनली लिख देना भी बेहतर रहेगा। उदाहरण के तौर पर- Ten Thousand only /-  और 10000/- ।यह साइन इस बात को दर्शाता है कि आपके द्वारा डाला अमाउंट इतने तक ही सीमित है। अगर आप इस साइन को नहीं डालते हैं तो जालसाजों के लिए अमांउट बढ़ा लिए जाने का अवसर पैदा हो जाता है। 

 

5. शब्‍दों और फिगर्स के बीच ज्‍यादा स्‍पेस

जब भी किसी को चेक से पे करें तो नाम और अमांउट को लेकर शब्‍दों व फिगर्स के बीच ज्‍यादा स्‍पेस न रखें। ज्‍यादा स्‍पेस नाम और अमांउट में छेड़छाड़ की गुंजाइश पैदा कर देता है। इसलिए ध्‍यान रहे कि उचित स्‍पेस दिया जाए। इसके अलावा चेक भरते समय यह भी ध्‍यान रखें कि जो अमाउंट आपने शब्‍दों में भरा है, वहीं अमाउंट फिगर्स यानी अंकों में भी हो। बैंक चेक को तभी स्‍वीकार करेंगे जब दोनों तरह से अमाउंट मैच होगा। वर्ना चेक रिजेक्‍ट हो जाएगा।

 

6. डिटेल्‍स में गलती कर काट देना

चेक में डिटेल्‍स भरते वक्‍त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अगर ऐसा करते हुए कोई गलती हो जाती है तो कोशिश करें कि आप नया चेक इस्‍तेमाल करें। अगर आप चेक में गलती होने के बाद उसे काटकर उसी चेक को इस्‍तेमाल करते हैं तो बैंक द्वारा आपसे सवाल-जवाब करने की स्थिति पैदा हो जाती है, साथ ही बैंक चेक रिजेक्‍ट भी कर सकते हैं। इसलिए चेक देते या लेते वक्‍त गौर जरूर करें कि उस पर सारी डिटेल्‍स सही और साफ-साफ उल्लिखित हों।

 

आगे पढ़ें- बाकी की तीन गलतियां 

 

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7. अकाउंट में मौजूद बैलेंस से ज्‍यादा अमाउंट भर देना

चेक से पेमेंट करते वक्‍त पहले अपने बैंक अकाउंट के बैलेंस को चेक करें और उसके बाद ही चेक भरें। अगर आप बैलेंस से ज्‍यादा अमाउंट डालते हैं तो चेक बाउंस हो जाता है और आप पर पेनल्‍टी लगती है। इस वक्‍त चेक बाउंस पर पेनल्‍टी 500 रुपए प्‍लस GST तक है। 

 

8. सिग्‍नेचर (हस्‍ताक्षर) पर ध्‍यान न देना 

जब भी आप चेक साइन करें तो याद रखें कि आपको इस पर वैसे ही साइन करने हैं, जैसे संबंधित बैंक ब्रांच रिकॉर्ड में हैं। कई लोग अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग साइन रखते हैं। अगर आपने भी ऐसा किया हुआ है तो साइन करते वक्‍त सावधानी जरूर बरतें वर्ना चेक रिजेक्‍ट भी हो सकता है। 

 

9. चेक की डिटेल्‍स अपने पास न रखना

जब भी किसी को चेक दें तो उसकी डिटेल्‍स जैसे चेक नंबर, अकाउंट का नाम, अमाउंट और डेट जरूर नोट कर लें। यह इनफॉरमेशन चेक कैंसिल करने की जरूरत पड़ने पर आपके काम आ सकती है। अक्‍सर लोग डिटेल्‍स नोट नहीं करते, जिसके चलते उन्‍हें नुकसान भी उठाना पड़ता है।

 

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