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जनधन अकाउंट में डिपॉजिट 80 हजार करोड़ के पार, 31 करोड़ से ज्‍यादा हुए खाताधारक

मोदी की महत्‍वाकांक्षी स्‍कीम जनधन के तहत खाताधारकों की संख्‍या 31 करोड़ के पार पहुंच गई है।

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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्‍वाकांक्षी स्‍कीम जनधन के तहत खाताधारकों की संख्‍या 31 करोड़ के पार पहुंच गई है। वहीं, जन धन खातों में जमा रकम 80 हजार करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। वित्‍तीय समावेशन के तहत मोदी सरकार की जनधन स्‍कीम का मकसद बैंकिंग की पहुंच हर व्‍यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत हर परिवार के पास एक बैंक खाता जरूर हो। 

 

 

वित्‍त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 11 अप्रैल 2018 तक जनधन खातों में डिपॉजिट 80,545.70 करोड़ रुपए हो गया। मार्च 2017 के बाद से जनधन खातों में जमा बढ़ा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) खातों पर उस समय ज्‍यादा फोकस था, जब नोटबंदी में उनमें जमा रकम अचानक बढ़ी थी। 

 

विश्‍व बैंक ने की तारीख 
विश्‍व बैंक की ताजा रिपोर्ट 'ग्‍लोबल फिनडैक्‍स रिपोर्ट, 2017' में जनधन योजना की सफलता का उल्‍लेख किया गया था। वित्‍तीय मामलों के सचिव राजीव कुमार ने कहा था कि भारत के वित्‍तीय समावेशन के इस प्रयास पर विश्‍व बैंक ने भी अपनी मुहर लगाई। बैंक के आंकड़े बताते हैं कि 55 फीसदी नए बैंक अकाउंट भारत में खुले हैं।  
 
नोटबंदी में अचानक बढ़ा था डिपॉजिट 
जनधन खातों में डिपॉजिट नवंबर 2016 के दौरान बढ़कर 74 हजार करोड़ से ज्‍यादा हो गया था, जोकि माह के शुरू के कुछ दिनों में 45,300 करोड़ रुपए था। सरकारी आंकड़ा बताता है कि नोटबंदी में 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के बाद बैंकों में जमा कराने वालों की तादाद तेजी से बढ़ी थी। इसके बाद से इन खातों में जमा कम हुआ था। 

 

मार्च 2017 से बढ़ने लगा डिपॉजिट 
जनधन खातों के डिपॉजिट में मार्च 2017 के बाद से फिर इनमें धीरे-धीरे तेजी आने लगी। दिसंबर 2017 में जनधन खातों में जमा 73,878.73 करोड़ रुपए हो गया। फरवरी 2018 में यह 75,572 करोड़ के स्‍तर पर पहुंच गया। पिछले महीनेयह आंकड़ा 78,494 करोड़ रुपए हो गया। 

 

खाताधारकों की संख्‍या बढ़ी 
वित्‍त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 11 अप्रैल 2018 तक जनधन खाताधारकों की संख्‍या बढ़कर 31.45 करोड़ होू गई। 2017 की शुरुआत में यह आंकड़ा 26.5 करोड़ था। वहीं, 9 नवंबर 2016 को ऐसे खाताधरकों की संख्‍या 25.51 करोड़ थी। बता दें इसी तारीख को नोटबंदी लागू हुई थी। AISECT के डायरेक्‍टर- बिजनेस सर्विसेज, अभिषेक पंडित का कहना है कि नोटबंदी के जनधन खातों पर हुए असर को आंकड़ों से समझ सकते हैं। हमारे बैंकिंग कियोस्‍क के जरिए जनधन खातें में नोटबंदी से पहले औसत जमा 480 रुपए प्रति खाता था, जबकि इसके बाद औसत जमा प्रति खाता बढ़कर 1095 रुपए हो गया। बता दें, वित्‍तीय समावेशन को प्रमोट करने के लिए  AISECT ने रूरल और सेमी-रूरल एरिया में 1400 से ज्‍यादा बैंकिंग कियोस्‍क लगा रखे हैं। 

 

 

आगे पढ़ें... कब लॉन्‍च हुई थी स्‍कीम

 

अगस्‍त 2014 में लॉन्‍च हुई थी स्‍कीम 
प्रधानमंत्री जनधन योजना अगस्‍त 2014 में लॉन्‍च हुई थी। वित्‍तीय सेवाएं जैसेकि बैंकिंग, सेविंग्‍स, डिपॉजिट खाता, रेमिटेंस, क्रेडिट, बीमा, पेंशन की पहुंच सुनिश्चित करना इस नेशनल मिशन का मकसद है। ग्‍लोबल फिनडैक्‍स रिपोर्ट के अनुसार, भारत में व्‍यस्‍क बैंक खाताधारक 2017 में बढ़कर 80 फीसदी हो गए हैं। 2014 में 53 फीसदी और 2011 में 35 फीसदी थे। रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी की इस नीति से अमीर और गरीब के बीच बैंक खाता होने का अंतर 2017 में घटकर 5 फीसदी रह गया, जोकि 2014 में 15 फीसदी था। 

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