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बैंकों ने बताया चेक भरने का सही तरीका, छोटी-छोटी गलतियों से हो जाता है रिजेक्ट

अब चेक क्लीयरेंस में चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) होता है इस्‍तेमाल, RBI ने 2013 में किया था लागू

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नई दिल्‍ली. देश में चेक क्लीयरेंस का तरीका पूरी तरह से बदल चुका है। सब कुछ ऑनलाइन होता है, जिसमें चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) का इस्‍तेमाल किया जाता है। इसका फायदा है कि आपका चेक बेहद कम समय में क्लीयर हो जाता है। हालांकि CTS सिस्टम होने से चेक भरने में थोड़ी सी गलती भी आपको भारी पड़ सकती है। इसे देखते हुए HDFC बैंक समेत कई बैंकों ने चेक भरने के सही तरीके के बारे में बताया है। इसके तहत 9 गलतियां ऐसी हैं, जिनके चलते आपका चेक रिजेक्ट हो सकता है। इस मामले में moneybhaskar.com ने बैंकर जी.एस.बिंद्रा से भी जानकारी ली है। आइए आपको बताते हैं वे 9 गलतियां- 

 

1. शब्‍दों और फिगर्स के बीच ज्‍यादा स्‍पेस

जब भी किसी को चेक से पे करें तो नाम और अमांउट को लेकर शब्‍दों व फिगर्स के बीच ज्‍यादा स्‍पेस न रखें। ज्‍यादा स्‍पेस नाम और अमांउट में छेड़छाड़ की गुंजाइश पैदा कर देता है। इसलिए ध्‍यान रहे कि उचित स्‍पेस दिया जाए। इसके अलावा चेक भरते समय यह भी ध्‍यान रखें कि जो अमाउंट आपने शब्‍दों में भरा है, वहीं अमाउंट फिगर्स यानी अंकों में भी हो। बैंक चेक को तभी स्‍वीकार करेंगे जब दोनों तरह से अमाउंट मैच होगा। वर्ना चेक रिजेक्‍ट हो जाएगा।

 

2. चेक के MICR कोड को नुकसान

चेक इस्‍तेमाल करते वक्‍त याद रखें कि चेक पर मौजूद MICR कोड को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। MICR कोड चेक पर सबसे नीचे सफेद पट्टी पर मौजूद होता है। इसलिए ध्‍यान रहे कि आपके साइन के चलते यहां लिखे नंबर न कट जाएं। साथ ही किसी अन्‍य वजह से इस डिटेल को नुकसान न पहुंचे। 

 

3. अकाउंट पेई और बीयरर

अगर आप सीधे किसी के बैंक अकाउंट में पेमेंट करना चाहते हैं तो चेक पर अकाउंट पेई जरूर डालें। यह साइन चेक के लेफ्ट (बायीं) टॉप कॉर्नर पर डबल क्रॉस लाइन के बीच A/C Payee लिखकर बनाया जाता है। इस साइन से चेक का पेमेंट सीधा अकाउंट में होता है और इसे तुरंत भुनाया नहीं जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि चेक खोने की स्थिति में कोई जालसाज खुद को टार्गेट पर्सन बताकर उसके बदले कैश नहीं ले सकता है। अकाउंट पेई करते वक्‍त चेक पर राइट (सीधी) साइड में लिखे बीयरर को काट दें। वहीं अगर आप किसी को चेक कैश करने के लिए दे रहे हैं तो लेफ्ट टॉप कॉर्नर पर अकाउंट पेई साइन न बनाएं। 

 

4. अमाउंट के बाद '/-' साइन न डालना

चेक में शब्‍दों और अंकों में अमांउट डालने के बाद उसके पीछे /- का साइन बनाना बेहद जरूरी है। शब्‍दों में इस साइन से पहले ओनली लिख देना भी बेहतर रहेगा। उदाहरण के तौर पर- Ten Thousand only /-  और 10000/- ।यह साइन इस बात को दर्शाता है कि आपके द्वारा डाला अमाउंट इतने तक ही सीमित है। अगर आप इस साइन को नहीं डालते हैं तो जालसाजों के लिए अमांउट बढ़ा लिए जाने का अवसर पैदा हो जाता है। 

 

5. डिटेल्‍स में गलती कर काट देना

चेक में डिटेल्‍स भरते वक्‍त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अगर ऐसा करते हुए कोई गलती हो जाती है तो कोशिश करें कि आप नया चेक इस्‍तेमाल करें। अगर आप चेक में गलती होने के बाद उसे काटकर उसी चेक को इस्‍तेमाल करते हैं तो बैंक द्वारा आपसे सवाल-जवाब करने की स्थिति पैदा हो जाती है, साथ ही बैंक चेक रिजेक्‍ट भी कर सकते हैं। इसलिए चेक देते या लेते वक्‍त गौर जरूर करें कि उस पर सारी डिटेल्‍स सही और साफ-साफ उल्ल्‍िखित हों। 

 

आगे पढ़ें- बाकी की गलतियां 

चेक की तारीख

चेक पर तारीख डालते वक्‍त ध्‍यान रखें कि आप सही तारीख ही डालें। अगर तारीख डालने में आपसे गलती हो गई है तो उसी पर ओवरराइट करने की बजाय दूसर चेक इस्‍तेमाल करना बेहतर रहेगा। यह भी याद रखें कि चेक उस पर डाली गई तारीख के 3 महीने तक ही वैलिड रहता है। इसलिए अगर आपने किसी से चेक लिया है तो उसे तय समय के अंदर बैंक में डिपॉजिट कर दें, वर्ना उसका अमाउंट आपके काम नहीं आएगा और आपको नुकसान झेलना पड़ेगा। इसके अलावा आप भी जब किसी को आगे की तारीख में चेक से पेमेंट कर रहे हों तो इस बात का ध्‍यान रखें। 

 

आगे पढ़ें- साइन पर ध्‍यान न देना 

सिग्‍नेचर (हस्‍ताक्षर) पर ध्‍यान न देना 

जब भी आप चेक साइन करें तो याद रखें कि आपको इस पर वैसे ही साइन करने हैं, जैसे संबंधित बैंक ब्रांच रिकॉर्ड में हैं। कई लोग अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग साइन रखते हैं। अगर आपने भी ऐसा किया हुआ है तो साइन करते वक्‍त सावधानी जरूर बरतें वर्ना चेक रिजेक्‍ट भी हो सकता है। इसके अलावा कोशिश करें कि साइन में ओवरराइटिंग न हो। साथ ही कभी भी ब्‍लैंक चेक साइन करके न रखें।

 

आगे पढ़ें- डिटेल्‍स न रखना

चेक की डिटेल्‍स अपने पास न रखना

जब भी किसी को चेक दें तो उसकी डिटेल्‍स जैसे चेक नंबर, अकाउंट का नाम, अमाउंट और डेट जरूर नोट कर लें। यह इनफॉरमेशन चेक कैंसिल करने की जरूरत पड़ने पर आपके काम आ सकती है। अक्‍सर लोग डिटेल्‍स नोट नहीं करते, जिसके चलते उन्‍हें नुकसान भी उठाना पड़ता है।

 

आगे पढ़ें- बैलेंस से ज्‍यादा अमाउंट डालना

अकाउंट में मौजूद बैलेंस से ज्‍यादा अमाउंट भर देना

चेक से पेमेंट करते वक्‍त पहले अपने बैंक अकाउंट के बैलेंस को चेक करें और उसके बाद ही चेक भरें। अगर आप बैलेंस से ज्‍यादा अमाउंट डालते हैं तो चेक बाउंस हो जाता है और आप पर पेनल्‍टी लगती है। इस वक्‍त चेक बाउंस पर पेनल्‍टी 500 रुपए प्‍लस GST तक है। 

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