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कैश की किल्‍लत: RBI ने कहा- लॉजिस्‍टिकल इश्‍यू के चलते कुछ इलाकों के ATMs में करंसी संकट

दिल्‍ली, यूपी, गुजरात, एमपी समेत कई राज्‍यों में अचानक कैश की किल्‍लत हो गई है। एटीएम में पैसे नहीं है।

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नई दिल्‍ली. देश के तकरीबन 10 राज्‍यों में अचानक हुई कैश की किल्‍लत ने आम आदमी को परेशान कर दिया है। इसका असर बुधवार को अक्षय तृतीया की खरीददारी, खासकर सोने की, पर देखा जा सकता है।  नोटबंदी के करीब डेढ़ साल के भीतर ही यूपी, एमपी, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों के फिर से अधिकांश एटीएम खाली हैं। सरकार का दावा है कि केवल 10-12 फीसदी एटीएम में ही कैश नहीं है। जबकि हकीकत में ऐसा नहीं लग रहा है। बहरहाल, कैश की किल्‍लत पर सरकार और आरबीआई बचाव की मुद्रा में हैं। वित्‍त मंत्री का कहना है कि करंसी का संकट अस्‍थाई है। जल्‍द दूर हो जाएगा। वहीं, रिजर्व बैंक के मुताबिक उसके पास पर्याप्‍त करंसी है। लॉजिस्‍टिकल इश्‍यू की वजह से कुछ इलाकों के ATMs में करंसी नहीं है। 

 


कहां-कहां है कैश की किल्‍लत?  
एटीएम से कैश नहीं निकलने की शिकायतें दिल्‍ली, बिहार, उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्‍ट्र, आंध्र प्रदेश, राजस्‍थान, तेलंगाना, गुजरात से आ रही हैं। 

 

क्‍या कह रही है सरकार?  

 

जल्‍द दूर हो जाएगी किल्‍लत 
- देश के कई राज्‍यों में अचानक कैश की किल्‍लत पर वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सर्कुलेशन में पर्याप्‍त करंसी है। बैंकों के पास भी उपलब्‍ध है। कुछ क्षेत्रों में कैश की 'अचानक और असामान्‍य' मांग बढ़ने से अस्‍थायी दिक्‍कत पैदा हुई है। इसे जल्‍द दूर कर लिया जाएगा। 
- वित्‍त राज्‍य मंत्री एसपी शुक्‍ला के मुताबिक अगले 2-3 दिन में हालात सामान्‍य हो जाएंगे। 
- शुक्‍ला ने बताया कि सरकार ने राज्‍य-वार कमिटी बनाई है। वहीं, आरबीआई ने भी एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य में करंसी ट्रांसफर करने के लिए कमिटी बना दी है। तीन दिन में हालात सामान्‍य हो जाएंगे। 
- बैंकिंग सेक्रेटरी राजीव कुमार ने कहा है कि 500 रुपए के नोटों की दिक्‍कत 5-7 दिन है। केवल 10-12 फीसदी एटीएम में ही कैश नहीं है। 
- वित्तीय मामलों के सचिव एससी गर्ग ने बताया कि हम 500 रुपए की वैल्‍यू में 500 करोड़ रुपए रोज प्रिंट करते हैं। हमने इस प्रोडक्‍शन को बढ़ाकर पांच गुना करने का फैसला किया है। अगले दो दिन में 500 रुपए नोट की वैल्यू के करीब 2500 करोड़ रुपए रोजाना सप्‍लाई करेंगे। 
- गर्ग के अनुसार, एक महीने यह सप्‍लाई करीब 70 हजार से 75 हजार करोड़ हो जाएगी। देश में 18 लाख करोड़ रुपए की करंसी सर्कुलेशन में थी और जहां जिस तरह की डिमांड है, वहां वैसी सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने नोटों की प्रिंटिंग को बढ़ा दिया है। 

 

क्‍या कह रहा है RBI?  

 

लॉजिस्‍टिकल इश्‍यू से है संकट 
- कैश की किल्‍लत से देश भर में मचे हाहाकार के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने करंसी की कमी से इंकार किया है।  आरबीआई ने कहा है कि पर्याप्‍त मात्रा में कैश है और इसका कोई संकट नहीं होने वाला है। 
- आरबीआई ने कहा कि लॉजिस्‍टिकल इश्‍यू की वजह से कुछ इलाकों के ATMs में करंसी नहीं है। हम इन स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।  

 

क्‍या कह रहा है SBI? 

 

हमारे पास पर्याप्‍त कैश: SBI चेयरमैन 
- कैश की किल्‍लत पर एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि कुछ क्षेत्र में मांग बढ़ने से संकट है। हमारे पास कैश पर्याप्त मात्रा में है। कैश संकट का नोटबंदी से कनेक्शन नहीं है। हम लगातार RBI से संपर्क में है। 
- उन्‍होंने कहा कि 2000 रुपए की करेंसी की ब्लैकमार्केटिंग की कोई जानकारी नहीं है। संकट वाले राज्यों में दूसरे राज्यों में सप्लाई हो रही है।


क्‍यों है कैश की किल्‍लत? 

कैश की किल्‍लत की वजह जानने के लिए moneybhaskar.com ने सरकारी बैंक के एक सीनियर अधिकारी से बातचीत की । उन्‍होंने एटीएम में कैश की किल्‍लत के लिए 4 कारण बताए हैं। जिनकी वजह से एटीएम में कैश नहीं मिल पा रहा है। 

 

#1. फसल का सीजन 
उन्‍होंने बताया कि इस समय फसल का सीजन है। किसान ने फसलों की कटाई और इससे जुड़े काम के लिए कैश निकाल रहे हैं। इसकी वजह से कैश की मांग बढ़ गई है। अभी किसान बैंक से पैसा निकाल रहे हैं जमा नहीं कर रहे हैं। 

#2. नहीं आ रहे हैं 2000 के नए नोट 
पिछले एक साल से 2,000 के नए नोट नहीं आ रहे हैं। पहले 2,000 रुपए के नोट एटीएम में रहते थे। इससे लोगों की कैश की जरूरतें काफी हद तक पूरी हो जाती थीं। अब ऐसा नहीं हो रहा है। इसके अलावा लोग 2,000 रुपए के पुराने नोट होल्‍ड कर रहे हैं। बता दें, कि अगर 2000 के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपए तक आ जाते हैं। वहीं,  500 और 100 के नोट एटीएम में डाले जाने पर यह क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपए रह गई है। 

#3. 200 के नए नोट के लिए ATM नहीं हुए कैलीब्रेट 
अधिकारी के मुताबिक, रिजर्व बैंक ने 200 रुपए के नए नोट की सप्‍लाई बड़े पैमाने की है। लेकिन बैंकों ने 200 रुपए के नोट के लिए एटीएम को अभी कैलीब्रेट नहीं किया है। इसलिए बड़ी संख्‍या में ऐसे एटीएम हैं जिनमें 200 रुपए का नोट नहीं है। आंकड़ों के अनुसार, अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपए को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं। 

#4. इलेक्‍शन की वजह से भी डायवर्ट हो रहा है कैश 
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव है। इसके लिए भी कैश डायवर्ट होकर कनार्टक में जा रहा है। 

 

नोटबंदी के बाद 99% करंसी चलन में लौटी

नोटबंदी के बाद एक बार फिर से कैश की आपूर्ति पहले जैसी हो गई थी और फिर डिजिटाइजेशन के चलते इसकी जरूरत भी कम हो गई थी। लेकिन, अब करंसी की कमी होना चिंता बढ़ाने वाला है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 6 अप्रैल को 18.2 लाख करोड़ रुपए की करंसी सर्कुलेशन में थी, यह आंकड़ा नोटबंदी से पहले सर्कुलेशन में रही करंसी के लगभग बराबर था। नोटबंदी के बाद करीब 5 लाख करोड़ रुपए के 2000 के नोट जारी किए गए थे।

 

 

साल सर्कुलेशन में करंसी
7 नवंबर 2016 17.97 लाख करोड़ रुपए
6 जनवरी 2017 8.98 लाख करोड़ रुपए
16 फरवरी 2018 17.78 लाख करोड़ रुपए
6 अप्रैल 2018 18.2 लाख करोड़ रुपए

 

डिपॉजिट ग्रोथ में आई गिरावट 
नकदी की मांग डिपॉजिट ग्रोथ में आई गिरावट को भी दर्शाता है। मार्च, 2018 में समाप्त हुए वित्‍त वर्ष बैंक डिपॉजिट ग्रोथ 6.7 फीसदी रही, जो 2016-17 में 15.3% थी। दूसरी ओर, बीते साल के मुकाबले मार्च 2018 में समाप्‍त हुए वित्‍त वर्ष में बैंक क्रेडिट में 10.3% का इजाफा हुआ। जो 2016-17 में 8.2 फीसदी था। 

 

मोदी सरकार ने बैंकिंग सिस्‍टम बर्बाद किया: राहुल 
कैश की किल्‍लत पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने बैंकिंग सिस्टम को बर्बाद कर दिया। नीरव मोदी 30 हजार करोड़ लेकर भाग गया, लेकिन मोदी ने इस पर कुछ नहीं कहा। मोदी ने जनता की जेब से 500 और 1000 का नोट निकालकर नीरव मोदी की जेब में डाल दिया। पूरी जनता को लाइन में लगाया। कांग्रेस का कहना है कि नोटबंदी के करीब डेढ़ साल बाद भी देश के लोग नोटबंदी का दंश झेलने पर मजबूर हैं, ये संकट से ज्यादा भाजपा सरकार की घोर नाकामी को दर्शाता है। 

 

कहां क्‍या रहे हालात? 


दिल्‍ली: न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिल्‍ली में लोगों का कहना है कि हम लोग कैश की किल्‍लत का सामना कर रहे हैं। अधिकांश एटीएम में कैश नहीं है। जिस एटीएम में है पैसे हैं वह केवल 500 के नोट निकाल रहे हैं। मुश्किल हालात हैं। 

यूपी (वाराणसी): यहां लोगों का कहना है कि हमें नहीं पता कि कहां- क्‍या दिक्‍कत है लेकिन आम आदमी को परेशानी हो रही है। एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं। 5-6 एटीएम में जाने के बाद भी पैसे नहीं मिल रहे। घर की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कैश की आवश्‍यकता है। 

तेलंगाना: हैदराबाद में लोगों ने एटीएम में पैसा न होने की शिकायत की है। कुछ लोगों ने बताया कि हमने शहर के कई इलाकों के एटीएम में गए, लेकिन किसी भी पैसा नहीं मिला।

गुजरात (वडोदरा): यहां लोगों ने एटीएम में पैसे नहीं होने के चलते असुविधा की शिकायत की। उनका कहना था कि अधिकांश एटीएम आउट ऑफ सर्विस हैं। वहीं, एक चल रहे एटीएम से केवल 10 हजार ही निकाल सकते हैं। वहां भी लोगों की भीड़ लगी है।

मध्‍य प्रदेश (भोपाल): यहां लोगों का कहना है कि हम नकदी की कमी का सामना कर रहे हैं। एटीएम में पैसे नहीं है। पिछले 15 दिन से हालात ऐसे ही हैं। कई एटीएम पर जाने पर भी पैसे नहीं मिल रहे हैं। 

बिहार (पटना): यहां लोगों का कहना है कि एटीएम आउट ऑफ सर्विस हैं। पिछले तीन दिन से कई बार एटीएम के चक्‍कर लगाने के बाद भी कैश नहीं मिला। इस गर्मी में कैश के लिए काफी दिक्‍कत हो रही है।

 

 

आगे पढ़ें... MP के CM ने 2000 के नोटों पर क्‍या कहा?

 

शिवराज ने कहा था- दो-दो हजार के नोट दबाकर रख रहे हैं

मध्य प्रदेश के शाजापुर में किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था- "नोटबंदी से पहले 15 लाख करोड़ रुपए की नकदी चलन में थी। इस प्रक्रिया (नोटबंदी) के बाद यह बढ़कर 16 लाख 50 हजार करोड़ रुपए हो गई, लेकिन बाजार से 2000 का नोट गायब हो रहा है।" मुख्यमंत्री राज्य में कुछ स्थानों पर एटीएम में पैसों की कमी की खबरों का जिक्र कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा, "लेकिन दो-दो हजार के नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है। यह षड्यंत्र है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि दिक्कतें पैदा हों। सरकार इससे सख्ती से निपटेगी।" शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने यह मुद्दा केंद्र सरकार के सामने भी उठाया है।

 

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