Home » Economy » Bankingमां-बाप के पैसे हो जाएंगे दोगुने-तिगुने, पोस्‍ट ऑफिस की ये स्‍कीम आएगी काम- Avail benefits of India Post Se

इस अकाउंट में तेजी से बढ़ेंगे मां-बाप के पैसे, पोस्‍ट ऑफिस की स्‍कीम आएगी काम

थोड़ी समझदारी दिखाई जाए, तो पेरेंट्स के फंड का बेहतर इस्‍तेमाल कर उनकी जरूरतों के लिए कम समय में अच्‍छा फंड बना सकते हैं

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नई दिल्‍ली. रिटायरमेंट के बाद पेरेंट्स को होने वाली इनकम अचानक कम हो जाती है। ऐसे में यदि थोड़ी समझदारी दिखाई जाए, तो हम अपने पेरेंट्स के फंड का बेहतर इस्‍तेमाल कर उनकी जरूरतों के लिए कम समय में अच्‍छा खासा फंड बना सकते हैं। इसका दो तरह से फायदा होगा। पहला, पेरेंट्स के पैसे का उनके लिए सही तरह से इस्‍तेमाल हो सकेगा। दूसरा, आपके पेरेंट्स रिटायरमेंट के बाद भी खुद को करीब-करीब पहले की तरह फाइनेंशियल रूप से आत्‍मनिर्भर समझेंगे। 

 

अगर आप भी अपने पेरेंट्स को एक बेहतर कल देना चाहते हैं तो इसका मौका है- पोस्‍ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग्‍स स्‍कीम्‍स (SCSS) में। स्‍मॉल सेविंग्‍स की ब्‍याज दरों में गिरावट के बाद भी इस पर 8.3 फीसदी का ब्‍याज मिल रहा है। इसमें खास बात यह है कि रिटायरमेंट के बाद पेरेंट्स के पैसे का इसमें निवेश पूरी तरह सेफ है। 

 

कैसे मिलता है ब्‍याज

इस स्‍कीम के तहत अकाउंट खोलने पर आपको सालाना 8.3 फीसदी ब्‍याज मिलता है। ब्‍याज का भुगतान हर साल 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को होता है और आपके अकाउंट में तिमाही आधार पर ब्‍याज 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्‍टूबर और 1 जनवरी को क्रेडिट होता है। इस स्‍कीम का मैच्‍योरिटी पीरियड 5 साल है।

 

आगे पढ़ें- कौन खोल सकता है इसमें अकाउंट ​  

कौन खोल सकता है इस स्‍कीम में खाता

- इंडिया पोस्‍ट के मुताबिक, कोई भी ऐसा भारतीय, जिसकी उम्र 60 साल या उससे ज्‍यादा है, SCSS के तहत खाता खुलवा सकता है।
- 55 साल या उससे ज्‍यादा उम्र का ऐसा व्‍यक्ति, जिसने समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया है, वह भी इस स्‍कीम के तहत खाता खुलवा सकता है। हालांकि इसके लिए शर्त यह है कि उन्‍हें रिटायरमेंट के लाभ मिलना शुरू होने के एक महीने के अंदर अकाउंट खुलवाना होगा। साथ ही उनका डिपॉजिट अमाउंट उनके रिटायरमेंट बेनिफिट अमाउंट से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए।
- जमाकर्ता एकल तौर पर एक से ज्‍यादा अकाउंट भी रख सकता है या अपनी पत्‍नी या पति के साथ जॉइंट अकाउंट भी खुलवा सकता है। पति या पत्‍नी के अलावा अन्‍य किसी के साथ जॉइंट अकाउंट नहीं खुलवा सकते। 
- इस स्‍कीम के तहत आप अकाउंट खुलवाते वक्‍त या बाद में भी नॉमिनी बना सकते हैं।
- साथ ही अगर इस स्‍कीम के तहत अलग-अलग पोस्‍ट ऑफिस में अलग-अलग अकाउंट खोलते हैं तो आपका सभी अकाउंट का डिपॉजिट अमाउंट मिलाकर तय लिमिट से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए।   
 
आगे पढ़ें- कितना है डिपॉजिट अमाउंट 

कितने में खोल सकते हैं अकाउंट 

SCSS में आप न्‍यूनतम 1000 रुपए से लेकर 15 लाख रुपए तक में अकाउंट खुलवा सकते हैं। SCSS में आप अगर कैश के जरिए अकाउंट खुलवाना चाहते हैं तो आपका अमाउंट 1 लाख रुपए से कम होना चाहिए। इससे ज्‍यादा के अमाउंट पर आप केवल चेक से ही अकाउंट खोल पाएंगे। अकाउंट को एक पोस्‍ट ऑफिस से दूसरे में ट्रान्‍सफर किया जा सकता है। टैक्‍स की बात करें तो अगर SCSS के तहत आपकी ब्‍याज राशि 10,000 रुपए सालाना से ज्‍यादा हो जाती है तो आपका टीडीएस कटने लगता है। 
आगे पढ़ें- नुकसानदायक है मैच्‍योरिटी से पहले अकाउंट क्‍लोजिंग 

मैच्‍योरिटी से पहले अकाउंट क्‍लोजिंग पर कटता है पैसा 

मैच्‍योरिटी पीरियड पूरा हो जाने के बाद 1 साल के अंदर आप इस अकाउंट को और तीन सालों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। मैच्‍योरिटी पीरियड पूरा हो जाने के बाद आप अकाउंट को कभी भी बंद करवा सकते हैं। इसके लिए पोस्‍ट ऑफिस आपका एक भी पैसा नहीं काटेगा। लेकिन अगर आप इस अकाउंट को मैच्‍योरिटी पीरियड खत्‍म होने से पहले बंद करना चाहते हैं तो आप ऐसा अकाउंट खुलवाने के 1 साल बाद कर सकते हैं। इस स्थिति में पोस्‍ट ऑफिस आपके डिपॉजिट अमाउंट का 1.5 फीसदी काट लेगा। वहीं अगर आप 2 साल बाद अकाउंट बंद करवाते हैं तो डिपॉजिट अमाउंट का 1 फीसदी काटा जाएगा। 
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