विज्ञापन
Home » Economy » BankingUPI transactions rises

डेबिट और क्रेडिट कार्ड की हो जाएगी छुट्टी, यह रही वजह

बैंकों को एटीएम चलाने के लिए नहीं होना पड़ेगा मजबूर

UPI transactions rises

 

देश में दो साल पहले डिजिटल ट्रांजैक्शन की एक मुहिम शुरू की गई थी, जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। साल 2018 में भारतीयों ने UPI बेस्ड डिजिटल ट्रांजैक्शन का जमकर इस्तेमाल किया। अगर ऐसे ही चलता रहा, तो जल्द ही डेबिट और क्रेडिट कार्ड की छुट्टी हो जाएगी। एटीएम संघ की रिपोर्ट पर गौर करें, तो मार्च 2019 तक देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद हो जाएंगे। 

नई दिल्ली. देश में दो साल पहले डिजिटल ट्रांजैक्शन की एक मुहिम शुरू की गई थी, जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। साल 2018 में भारतीयों ने UPI बेस्ड डिजिटल ट्रांजैक्शन का जमकर इस्तेमाल किया। अगर ऐसे ही चलता रहा, तो जल्द ही डेबिट और क्रेडिट कार्ड की छुट्टी हो जाएगी। एटीएम संघ की रिपोर्ट पर गौर करें, तो मार्च 2019 तक देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद हो जाएंगे।  ऐसे में बैंकों को एटीएम चलाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। बता दें कि हाल ही में संसदीय कमेटी ने बैंकों को निर्देश दिया है कि एटीएम को सुचारु रुप से चलाया जाएं, जिससे कि कैश की किल्लत न हो। 

 

UPI ट्रांजैक्शन से 1 लाख करोड़ से ज्यादा हुआ ट्रांजैक्शन 

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के टि्वटर हैंडल से किए गए ट्वीट के मुताबिक दिसंबर 2018 में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से 1 लाख करोड़ से ज्यादा का ट्रांजैक्शन किया गया। वहीं साल 2018 में कुल ट्रांजैक्शन 3 अरब के आसपास था। बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2017 की तुलना में 2018 में BHIM यूपीआई ट्रांजैक्शन चार गुना तेजी से बढ़ा है, जबकि इससे होने वाले ट्रांजैक्शन की रकम में 7 गुना  बढ़ोतरी हुआ है। हालांकि साल 2018 के अंतिम माह दिसंबर में सरकार का यूपीआई ऐप भारत ‌‌भीम के ट्रांजैक्शन में गिरावट देखी जा रही है। दिसंबर में भीम से 7,981.82 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ। 

 

कार्ड से घट रहा है पेमेंट का दायरा 

भारत में रिलायंस जियो, व्हाट्सअप, अमेजन पे और गूगल पे जैसे कई UPI कंपनियां मौजूद हैं, जिन्होंने SBI, ICICI, और HDFC बैंक पेमेंट को पीछे छोड़ दिया है। यूपीआई महज दो साल पहले बना है लेकिन जिस गति से यह आगे बढ़ रहा है, वह आने वाले समय में आईएमपीएस और एनईएफटी पेमेंट सिस्टम को काफी पीछे छोड़ देगा. 2018 में आईएमपीएस और एनईएफटी से मिलाकर 181 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ था. यूपीआई कार्ड पेमेंट को भी काफी पीछे छोड़ता जा रहा है। रिजर्व बैंक का एक आंकड़ा बताता है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल कार्ड पेमेंट 10,60,700 करोड़ रुपए रहा। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss