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12 जनवरी से बदल गया है इस बैंक का नाम, आप भी जान लीजिए नया नाम

19 अक्टूबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था यह बैंक

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नई दिल्ली। देश में बैंकिंग सेक्टर में इस समय काफी उठा-पटक चल रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो चुका है। इसके अलावा प्राइवेट क्षेत्र में भी कई विलय हो रहे हैं। ऐसे ही एक विलय के बाद प्राइवेट क्षेत्र के बैंक IDFC बैंक लिमिटेड का नाम बदल गया है। IDFC की ओर से BSE को दी गई जानकारी के अनुसार, अब उसका नाम बदलकर IDFC फर्स्ट बैंक लिमिटेड नाम हो गया है। 

 

12 जनवरी से लागू हुआ नया नाम
बीएसई को दी जानकारी में IDFC ने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की ओर से जारी 'सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन परसुएंट टू चेंज ऑफ नेम' के तहत 12 जनवरी 2019 से उसका नाम बदलकर  IDFC फर्स्ट बैंक लिमिटेड हो गया है। नाम में यह बदलाव  नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी कैपिटल फर्स्ट के साथ विलय के बाद हुआ है।  IDFC बैंक को 19 अक्टूबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था। 

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18 दिसंबर को की थी विलय की घोषणा


IDFC Bank ने 18 दिसंबर को कैपिटल फर्स्ट के साथ विलय की घोषणा की थी। इस विलय के बाद आईडीएफसी बैंक बोर्ड ने कैपिटल फर्स्ट लिमिटेड के चेयरमैन वी वैद्यनाथन को इन दोनों कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर के तौर पर नियुक्ति किया था। इस विलय के बाद IDFC फर्स्ट बैंक लिमिटेड के पास कुल 203 शाखाएं, 129 एटीएम और 454 ग्रामीण बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट सेंटर हो जाएंगे। 

विलय से IDFC को होगा यह फायदा


इस विलय के बाद IDFC बैंक को ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार में काफी फायदा मिलेगा। अभी भी बैंक की अधिकांश शाखाएं ग्रामीण क्षेत्र में ही हैं। आपको बता दें कि आईडीएफसी बैंक देश में आधार-लिंक्ड कैशलेस मर्चेंट सॉल्यूशन लॉन्च करने वाला पहला बैंक था।

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