देश में बन रहे नोटबंदी जैसे हालात, सरकार हुई सतर्क, RBI को दे डाला ये बड़ा सुझाव

देश में कैश किल्लत की वजह से दोबारा नोटबंदी जैसे हालात पैदा न हो। इसके लिए एक संसदीय पैनल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को सतर्क रहने का सुझाव दिया है। संसदीय पैनल ने कहा कि देश बड़ी संख्या में एटीएम बंद हो रहे हैं। वहीं जो चालू हैं, उसमें भी कैश न होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने भी बैंकों से एटीएम की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। इस मामले में पैनल ने पिछले हफ्ते संसद में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। 

Money Bhaskar

Jan 06,2019 01:43:00 PM IST
नई दिल्ली. देश में नकदी की किल्लत की वजह से दोबारा नोटबंदी जैसे हालात पैदा न हो, इसके लिए एक संसदीय पैनल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को सतर्क रहने का सुझाव दिया है। संसदीय पैनल ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में एटीएम बंद हो रहे हैं। वहीं जो चालू हैं, उसमें भी कैश न होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने भी बैंकों से एटीएम की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। इस मामले में पैनल ने पिछले हफ्ते संसद में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

नए एटीएम लगाने का दिया निर्देश

आरबीआई के डाटा के मुताबिक सितंबर 2018 तक देश में कुल 2.21 लाख एटीएम थे। इसमें पब्लिक सेक्टर बैंक के 1.43 लाख, प्राइवेट बैंक के 59 हजार और फॉरेंन बैंक के 18 हजार एटीएम शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है। लेकिन वो उस वक्त तक संभव नहीं हो पाएगा, जब तक एटीएम की संख्या को नहीं बढ़ाया जाएगा। ऐसे में आरबीआई को इस तरह की स्थिति से निपटने का सुझाव दिया गया है, जिससे कि आम पब्लिक को जबरदस्ती कैश किल्लत से न गुजरना पड़े।

देश में अभी नाकाफी है एटीएम की संख्या 

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाले संसदीय पैनल ने आरबीआई को एक और सुझाव देते हुए कहा कि देश में नए नोटों की कमी न हो, इसे लेकर भी आरबीआई की ओर से समय रहते कदम उठाए जाने चाहिए। कमेटी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि देश में अभी जितने एटीएम है, वो नाकाफी हैं। ऐसे में नए एटीएम इंस्टॉल किए जाने चाहिए, क्योंकि देश अर्थव्यवस्था के विस्तार की वजह से देश में कैश डिमांड बढ़ी है। साथ ही जन-धन और डिजिटल ट्रांजैक्शन रिफॉर्म के तहत काफी बड़ी संख्या में डेबिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। लेकिन उतनी संख्या में नए एटीएम नहीं लगाए गए हैं। एटीएम से न सिर्फ कैश निकाला जाता है, बल्कि अन्य बैंकिंग सर्विस का लुत्फ उठाया जा सकता है। 

 

2000 के नोट की छपाई रोकने की थी खबर

बता दें कि हाल ही में 2000 के नोट की छपाई रोके जाने की खबर थी। इसके पीछे वजह दी गई थी कि अभी चलन में यह नोट पर्याप्त मात्रा में है। गौरतलब है कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये का नोट पेश किया गया था। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि अनुमानित जरूरत के हिसाब से नोटों की छपाई की योजना बनाई जाती है। सरकार ने बीते शुक्रवार को संकेत दिया है कि 2,000 रुपये के नोटों की छपाई को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है क्योंकि चलन में यह नोट पर्याप्त मात्रा में है।  इससे पहले सरकार ने आठ नवंबर, 2016 को 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से हटा दिया था। 

मार्च तक बंद हो सकते हैं आधे से ज्यादा एटीएम 

कंफेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) की ओर से पिछले साल दावा किया गया था कि देश में मार्च 2019 तक 50 फीसदी से ज्यादा एटीएम बंद हो सकते हैं। CATMi के मुताबिक देश में अभी करीब 2.38 लाख एटीएम हैं। इनमें 1.13 लाख एटीएम बंद होने के कगार पर हैं। अगर देश में इतनी बड़ी तादात में एटीएम बंद होते हैं, तो लोगों  को कैश निकालने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही लाखों लोगों के बेरोजगार होने का खतरा उत्पन्न हो सकता है, क्योंकि आमतौर पर एक एटीएम से एक से दो लोगों को रोजगार मिलता है। 
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