अमेरिकी प्रतिबंधों की निकाली काट, अब ईरान मुंबई से शुरू करेगा ये सर्विस, अगले तीन माह में होगा शुभारंभ

भारत सरकार ने ईरानियन बैंक की एक शाखा को मुंबई में खोलने की इजाजत दे दी गई है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ की मीटिंग में मंगलवार को फैसला लिया गया। ईरान का बैंक Pasargad अगले तीन माह में अपनी सर्विस शुरु कर देगा। गडकरी ने कहा कि भारत सरकार ने ईरानी बैंक को खोलने की इजाजत दे दी है। इससे दोनों देशों में लेनदेन आसान हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि हमने आज की मीटिंग में कई सारे अहम मामलों पर चर्चा की। गडकरी ने बताया कि दोनों देशों ने मिलकर चाहबहार एयरपोर्ट के सभी मामलों को सुलझा लिया है और इस पोर्ट पर जहाजों का आवागमन शुरू हो गयी है।  

Money Bhaskar

Jan 08,2019 12:09:00 PM IST

नई दिल्ली. भारत सरकार ने ईरानियन बैंक की एक शाखा को मुंबई में खोलने की इजाजत दे दी गई है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ की मीटिंग में मंगलवार को फैसला लिया गया। ईरान का बैंक Pasargad अगले तीन माह में अपनी सर्विस शुरु कर देगा। गडकरी ने कहा कि भारत सरकार ने ईरानी बैंक को खोलने की इजाजत दे दी है। इससे दोनों देशों में लेनदेन आसान हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि हमने आज की मीटिंग में कई सारे अहम मामलों पर चर्चा की। गडकरी ने बताया कि दोनों देशों ने मिलकर चाहबहार एयरपोर्ट के सभी मामलों को सुलझा लिया है और इस पोर्ट पर जहाजों का आवागमन शुरू हो गयी है।

कैसे होता है ईरान को क्रूड के आयात का भुगतान

बता दें कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत पर ईरान से तेल आयात में कमी का लगातार दबाव बनाया जता रहा है। ऐसे में ईरान ने भारत को तेल खरीदने के कई प्रस्ताव दिए। इसमें एक रुपए में भुगतान का ऑप्शन था। लेकिन ऐसा करना मुश्किल हो रहा था क्योंकि भुगतान की प्रक्रिया के लिए थर्ड पार्टी का एक टेंपररी अकाउंट होता है। यह अकाउंट भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने तक काम करता है। बायर और सेलर के बीच हुए समझौते की सभी शर्तों के पूरी होने तक इसका इस्तेमाल होता है।

ईरान की तरह से भारत को दिए गए कई बेहतर क्रेडिट ऑफर

भारत अपनी सालाना तेल जरूरतों का करीब 80 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में उसका ईरान से तेल खरीदना अहम हो जाता है। तेहरान की ओर से भी नई दिल्ली को मध्य पूर्व के अन्य तेल उत्पादक देशों की तुलना में बेहतर क्रेडिट टर्म्स ऑफर किया है। ईरान इससे पहले भी तेल के लिए अमेरिकी डॉलर के बजाय भारतीय रुपये में भुगतान स्वीकार कर चुका है। 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष में भारत ने ईरान से करीब 9 अरब डॉलर (करीब 63,239 करोड़ रुपये) मूल्य के कच्चे तेल की खरीदारी की थी।

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