विज्ञापन
Home » Economy » BankingCheques worth Rs 20,000 crore were stuck due to bank strike

बैंकों पर भारी पड़ा कर्मचारियों का भारत बंद, दो दिन में 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के चेक अटके

बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने किया दावा

1 of

नई दिल्ली। बैंक कर्मचारियों के केंद्रीय संगठनों की ओर से 8 और 9 जुलाई को बुलाया गया दो दिवसीय भारत बंद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर भारी पड़ा है। इन दो दिनों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंकिंग कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा रहा।  ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) ने दावा किया है कि दो दिनों के इस भारत बंद में करीब 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के चेक क्लीयर नहीं हो पाए हैं। 

 

बैंकों के केंद्रीय संगठनों ने बुलाया था बंद
केंद्र की मोदी सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (BEFI) और AIBEA ने दो दिवसीय भारत बंद का आह्वान किया था। इस बंद में देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था। बैंक कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन बढ़ोतरी समेत 12 मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बैंक कर्मचारियों से इस भारत बंद को 10 अन्य केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने भी समर्थन दिया था। 

कई स्थानों पर हिंसक रहा विरोध प्रदर्शन


मजदूर संगठनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने तिरुवनंतपुरम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक शाखा प्रबंधक के कमरे में तोड़फोड़ की। जानकारी के अनुसार, कर्मचारी ने शाखा प्रबंधक के कम्प्यूटर और मेज पर रखी चीजों को उठाकर फेंक दिया। बैंक की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

अन्य राज्यों में रहा यह हाल


मजदूर संगठनों की ओर से बुलाए गए भारत बंद के दूसरे दिन राज्यों में अलग-अलग असर दिखा।  केरल में हड़ताल के दूसरे दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा। गोवा में हड़ताल के कारण निजी बसें भी सड़कों से दूर रहीं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओडिशा में भी हड़ताल के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि, पश्चिम बंगाल में हड़ताल का दूसरे दिन ज्यादा असर नहीं दिखा। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss