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CBI ने सील की PNB की ब्रैडी हाउस ब्रांच, CVC ने पूछा- रेग्‍युलेशन के बाद कैसे हो गया घोटाला?

नई दिल्‍ली. करीब 11400 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में जांच एजेंसी सीबीआई ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई ने पीएनबी के ब्रैडी ब्रांच को सील कर दिया। इसी ब्रांच में घोटाला हुआ है। वहीं, सोमवार को सीवीसी ऑफिस में पीएनबी, आरबीआई और वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों ने 2 घंटे का प्रजेंटशन दिया। सीवीसी ने बैंक और वित्‍त मंत्रालय से इस घोटाले को लेकर रिपोर्ट मांगी है। 

 

इससे पहले, नीरव मोदी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विपुल अंबानी रविवार को सीबीआई के सामने पेश हुए। जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की। नीरव और मेहुल से जुड़ी 200 से ज्यादा फर्जी कंपनियां जांच के दायरे में हैं। इनका इस्तेमाल घोटाले की रकम की रूटिंग के लिए किया जाता था।

 

CVC ने घोटाले में शामिल अफसरों के नाम पूछे 

- पीएनबी, आरबीआई और फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने सीवीसी कार्यालय में 2 घंटे का प्रजेंटेशन दिया। सीवीसी ने उन अधिकारियों के नाम पूछे जो इस मामले में शामिल थे। साथ ही उन अफसरों को चिन्हित करने के लिए कहा जो इस मामले में एक्‍शन ले सकते थे और इस घोटाले को रोका जा सकता था।

- सीवीसी ने पीएनबी और वित्‍त मंत्रालय के अफसरों से एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है, जिसमें यह बताना होगा कि मॉनिटरी रेग्‍युलेशन की व्‍यवस्‍था के बावजूद यह घोटाला कैसे हो गया। 
- सीवीसी ने रिपोर्ट सौंपने के लिए बैंक को 10 दिन का समय दिया है। 

 

ED ने नोएडा, गाजियाबाद में मारे छापे 

- ईडी ने सोमवार को नीरव मोदी के मुंबई स्थित घर समेत सूरत, दिल्ली, लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा में कई ठिकानों पर छापेमारी की।
- ईडी ने बिहार के मुजफ्फरनगर में नक्षत्र और पुणे के मॉल में गीतांजलि के शो रूम समेत महाराष्ट्र में 4 ठिकानों पर छापेमारी की।
- गीतांजलि जेम्स को 2013 में लोन देने के मामले ईडी की टीम इलाहाबाद बैंक के पूर्व डायरेक्टर दिनेश दुबे के वड़ोदरा स्थित घर पहुंची। 

 

CVC के ऑफिस पहुंचे पीएनबी के अधिकारी  

- पीएनबी घोटाले में सोमवार को पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी दिल्‍ली में  सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (सीवीसी) के आफिस पहुंचे। 

- सीवीसी ने वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों और पीएनबी के मैनेजमेंट को तलब किया था। सीवीसी ने पीएनबी घोटाले को लेकर इन विभागों के अधिकारियों को पेश होने को कहा था। 
- सीवीसी ने अधिकारियों को 19 फरवरी तक का समय दिया था। 
- इस बीच खबर है कि पीएनबी घोटाले के मुख्‍य आरोपी नीरव मोदी के केस की पैरवी एडवोकेट विजय अग्रवाल करेंगे। अग्रवाल 2जी स्‍पेक्‍ट्रम मामले में कई आरोपियों की पैरवी कर चुके हैं।  

 

नीरव मोदी के सीएफओ विपुल अंबानी से पूछताछ 

- न्‍यूज एजेंसी के अनुसार, नीरव मोदी के सीएफओ विपुल अंबानी से सीबीआई ने रविवार को पूछताछ की। विपुल रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी के चचेरे भाई हैं। सीबीआई गीतांजलि समूह की 18 सहायक कंपनियों की बैलेंस शीट भी जांच रही है।

- सीबीआई ने इसके अलावा पीएनबी के 10 सस्पेंड कर्मचारियों से 8 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। 
- सीबीआई को पीएनबी में 11,394 करोड़ रु. के घोटाले की रकम ज्यादा होने की आशंका है। जांच एजेंसी ने रविवार को सभी बैंकों से उनके यहां एलओयू में हुई गड़बड़ियों की रिपोर्ट मांगी।
- सूत्रों के मुताबिक, कई एलओयू मई, 2018 में मैच्योर होंगे। ऐसे में घोटाले की रकम 11,394 करोड़ रु. से कहीं ज्यादा हो सकती है।

 

हर LoU पर फिक्‍स था सभी का कमीशन

- सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में शामिल सभी बैंक कर्मचारियों का कमीशन फिक्‍स था। हर एलओयू और स्विफ्ट सिस्टम के अवैध एक्सेस पर प्रतिशत तय था। यह रकम घोटाले में शामिल कर्मचारियों के बीच बंटती।
- पूछताछ में करीब आधा दर्जन बैंक कर्मचारियों और अन्य बाहरी लोगों का हाथ भी घोटाले में पता चला है।

- सीबीआई सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि स्विफ्ट सिस्टम में लॉग इन के लिए अकाउंट डिटेल और पासवर्ड नीरव की टीम के पास थे। उनके पास स्विफ्ट सिस्टम का पासवर्ड था, जो लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के लिए जरूरी है। नीरव के लोग पीएनबी अधिकारी के तौर पर अवैध तरीके से स्विफ्ट सिस्टम में लॉग इन करते।

- पीएनबी के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्‌टी, सीडब्ल्यूओ मनोज खरात और नीरव के ऑथराइज्‍ड सिग्नेटरी हेमंत भट्ट ने पूछताछ में सीबीआई के सामने यह खुलासा किया। 

 

5 बैंकों की विदेशी ब्रांचेज पर संदेह 

- एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, यूको और एक्सिस बैंक की हांगकांग ब्रांच के अफसर भी जांच के घेरे में हैं। यहीं से पीएनबी के फर्जी एलओयू पर नीरव व मेहुल की कंपनियों को कर्ज दिया गया।
- जेम्स-सेक्टर में एलओयू की समयसीमा 90 दिन है। लेकिन पीएनबी से ये 365 दिन के लिए जारी हुए। दूसरे बैंकों के अधिकारी अगर ध्यान देते तो घोटाला पहले ही पकड़ा जाता।
- हांगकांग में 11 भारतीय बैंकों की ब्रांच हैं। अभी तक एसबीआई ने 1,357 करोड़, यूनियन बैंक ने 1,920, यूको बैंक ने 2,635 और इलाहाबाद बैंक ने 2,000 करोड़ रुपए फंसे होने की जानकारी दी है।

 

नीरव-मेहुल के 45 और ठिकानों पर छापे

- रविवार को लगातार चौथे दिन नीरव-मेहुल के ठिकानों पर ईडी के छापेमारी जारी रही। 15 शहरों में 45 और ठिकाने खंगाले गए। 
- बेंगलुरू, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चंडीगढ़, हैदराबाद, पटना, लखनऊ, अहमदाबाद, श्रीनगर और जालंधर में हुई कार्रवाई के दौरान 20 करोड़ रुपए के हीरे और सोना जब्त किया गया। अब तक 5,694 करोड़ रु. के हीरे, सोना और ज्वैलरी जब्त किए जा चुके हैं।

 

कैसे सामने आया PNB फ्रॉड?

- पंजाब नेशनल बैंक ने बुधवार को स्‍टॉक एक्‍सचेंज बीएसई को बताया कि उसने 1.8 अरब डॉलर (करीब 11,356 करोड़ रुपए) का संदिग्‍ध ट्रांजैक्‍शन पकड़ा है।
- इस घोटाले की शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
- बैंक के अनुसार, ऐसा लगता है कि इन ट्रांजैक्‍शन के आधार पर विदेश में कुछ बैंकों ने उन्हें (चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को) कर्ज दिया है। ये अकाउंट्स कितने थे, कितने लोगों को फायदा हुआ? इस बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। 
- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।


घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी ?

- हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी इस घोटाले के मुख्‍य आरोपी हैं। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।
- 280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी आमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरात के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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