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वीडियोकॉन लोनः CBI ने लगातार तीसरे दिन चंदा कोचर के देवर से की पूछताछ

चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर से जांच एजेंसी सीबीआई ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन पूछताछ की।

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नई दिल्‍ली. ICICI बैंक की सीईओ और एमडी चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर से जांच एजेंसी सीबीआई ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन पूछताछ की।  सोर्सेज के मुताबिक सीबीआई, सिंगापुर स्थित कंपनी ' अविस्ता एडवाइजरी' के ICICI बैंक से कथित संबंधों के बारे में राजीव से पूछताछ कर रही है। बैंक ने हालांकि अविस्ता से कभी भी किसी भी प्रकार का संबंध होने से इंकार किया है।

 

इससे पहले शनिवार को मामले में चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के प्रमुख वेणुगोपाल धूत के खिलाफ देशभर के एयरपोर्ट्स पर लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। 

 

गुरुवार को एयरपोर्ट पर रोका गया था 


राजीव कोचर को गुरुवार को मुंबई एयरपोर्ट पर रोक लिया गया था। साउथईस्‍ट एशिया निकलने की फिराक में लगे राजीव कोचर को इमिग्रेशन अथॉरिटी ने मुंबई एयरपोर्ट पर रोक लिया और बाद में सीबीआई को सौंप दिया। राजीव के खिलाफ सीबीआई ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। 

 

यह है आरोप

 

एक रिपोर्ट के मुताबिक ICICI बैंक के कुछ बड़े कस्टमर्स ने अपने लोन की रीस्ट्रक्चरिंग के लिए अविस्ता ग्रुप की मदद ली है। यह एक फाइनेंशियल एडवाइजरी कंपनी है, जिसके मालिक चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के भाई राजीव कोचर हैं। हालांकि इस मामले में ICICI बैंक का कहना है कि किसी सेवा के लिए अविस्टा एडवाइजरी ग्रुप से जुड़ा नहीं रहा है।

 

 

ये रहे हैं ग्राहक

 

जिन ग्राहकों का नाम इस मामले में सामने आया है, उनमें जयप्रकाश एसोसिएट, जीटीएल इंफ्रा, सुजलॉन और जयप्रकाश पावर भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों ने लोन की रीस्ट्रक्चरिंग के लिए अविस्ता ग्रुप को हॉयर किया था। इस कंपनी को पिछले 6 साल में 7 कंपनियों के करीब 170 करोड़ डॉलर के विदेशी मुद्रा लोन को रीस्ट्रक्चर करने का काम मिला है। संयोग से ये सभी कंपनियां आईसीआईसीआई बैंक की भी कर्जदार हैं। ऐसी ही एक डील में कर्जदारों का लीड बैंक आईसीआईसीआई है।

 

क्या है लोन रीस्ट्रक्चरिंग

 

जब कोई कंपनी लोन चुकाने की स्थ‍िति में नहीं रहती, तो वह लोन की बेसिक शर्तों और कंडीशंस में राहत देने की मांग करती है। इसे ही लोन रीस्ट्रक्चरिंग कहते हैं। बैंक ऐसे में कई बार कुछ रियायतें देते हैं, जैसे-ब्याज दर में कमी, ब्याज लेने से छूट, लोन चुकाने की अवधि में बदलाव आदि।

 

ये है वीडियाकाॅन लोन विवाद

 

वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपए लोन देने में गड़बड़ी के आरोपों की सीबीआई प्रारंभिक जांच कर रही है। यह लोन 2012 में दिया गया था। आरोप है कि इस लोन से चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को फायदा हुआ था। आरोप है कि वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने 64 करोड़ रुपए का निवेश न्‍यू पॉवर में किया था, जिसका मालिकाना हक दीपक कोचर का है। यह लोन बैंकों के एक समूह ने दिया था, जिसमें ICICI बैंक भी शामिल था।

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