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Home » Economy » BankingICICI loan case: CBI officer handling FIR against Chanda Kochhar transferred

Videocon-ICICI case: चंदा कोचर के खिलाफ FIR दर्ज करने वाले अफसर पर सूचनाएं लीक करने का आरोप, इसलिए हुआ तबादला

तबादले से एक दिन पहले ही दर्ज की थी FIR

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नई दिल्ली.

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) से जुड़े 3,250 करोड़ रुपए के लोन मामले में ICICI बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के वेणुगोपाल धूत के खिलाफ FIR दर्ज करने वाले CBI अधिकारी का तबादला किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई के सूत्रों से पता चला है कि एसपी सुधांशु धर मिश्रा पर गड़बड़ी का संदेह था इसलिए उनका स्थानांतरण किया गया। सीबीआई की गोपनीय पड़ताल में यह पाया गया कि वह जांच से जुड़ी सूचनाएं लीक कर रहा था। अधिकारियों ने रविवार को इस संबंध में जानकारी दी।

22 जनवरी को दर्ज हुई FIR, 23 को हुआ तबादला

 

 

क्या है मामला

अधिकारियों के मुताबिक, 2012 में आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से वीडियोकॉन समूह को मिले 3,250 करोड़ रुपये के लोन के बाद वीडियोकॉन के प्रोमोटर वेणुगोपाल धूत ने कथित रूप से न्यूपावर में करोड़ों रुपये का निवेश किया। विडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत पर आरोप है कि उन्होंने 2010 में 64 करोड़ रुपये न्यूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) को दिए थे। इस कंपनी को धूत ने दीपक कोचर और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर खड़ा किया था। धूत ने बयान दिया था कि जब बैंक से कंपनी को लोन मिला उस समय चंदा कोचर लोन एप्रूव करने वाली कमेटी की सदस्य मात्र थीं और वे उसके सभी सदस्यों को जानते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद CBI ने वेणुगोपाल धूत, दीपक कोचर और अज्ञात लोगों के खिलाफ पिछले साल मार्च में प्राथमिक जांच दर्ज की थी। इस पूरे विवाद का कारण चंदा कोचर के पति दीपक कोचर हैं। इस कर्ज को बाद में एनपीए में तब्दील कर दिया गया था। जांच के दौरान एजेंसी ने वीडियोकॉन कंपनी के मुंबई-औरंगाबाद स्थित दफ्तरों और दीपक कोचर के ठिकानों पर छापे भी मारे थे।

 

 

जेटली ने दी सीबीआई को अधिक पेशेवर होने की नसीहत

केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री अरुण जेटली ने अमेरिका से ट्वीट करके देश की जांच एजेंसियों को नसीहत देते हुए कहा कि एजेंसियों को जांच करने में सिर्फ महाभारत के अर्जुन की तरह निशाना मछली की आंख का साधना चाहिए। ICICI बैंक घोटाले में चल रही सीबीआई जांच के संदर्भ में अफसोस जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपने काम में अधिक पेशेवर होने की जरूरत है। जेटली ने ICICI बैंक घोटाले में सीबीआई द्वारा इस हफ्ते देशभर में कई जगहों पर की गई छापेमारी की प्रतिक्रिया के तौर पर यह बयान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसी को साक्ष्यों के आधार पर सिर्फ ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की जरूरत है जो इस घोटाले के लिए जिम्मेदार हैं।

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