इनकम टैक्स /1 सितंबर से इनवैलिड हो जाएगा आपका पैन कार्ड, अगर आधार से नहीं कराया लिंक

इनकम टैक्स रिटर्न में आधार नंबर हो चुका है अनिवार्य

Moneybhaskar.com

Jul 11,2019 01:21:33 PM IST

नई दिल्ली. अगर आपका पैन कार्ड (PAN card) 1 सितंबर तक आधार से लिंक नहीं हुआ तो पैन कार्ड इनवैलिड हो जाएगा। इस समय 40 करोड़ पैन कार्ड में से सिर्फ 18 करोड़ ही आधार से लिंक हैं। अपने मौजूदा पैन कार्ड का वैलिड बनाए रखने के लिए आपको उसे आधार से लिंक कराना ही होगा या उसके बाद उन्हें रिटर्न फाइलिंग के लिए आधार का इस्तेमाल की मंजूरी दी जाएगी।

...तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इनवैलिड कर देगा पैन कार्ड

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे लोग जो टैक्स रिटर्न और 1 सितंबर के बाद एक निश्चित ट्रांजैक्शन के लिए आधार का उल्लेख करते हैं, साथ ही उनका पैन नंबर, आधार से लिंक नहीं है तो उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट एक नया पैन कार्ड जारी कर देगा। प्रस्तावित वित्त विधेयक, 2019 में आधार-पैन लिंकेज की इस प्रक्रिया का उल्लेख किया है।

ऑनलाइन हो जाएगा डाउनलोड

ऐसे लोग अपना पैन नंबर ऑनलाइन ही डॉउनलोड कर सकेंगे और भविष्य में इसका उपयोग कर सकेंगे। सीबीडीटी ने 1 अप्रैल 2019 से आधार और पैन को लिंक करना जरूरी कर दिया था और इनकम टैक्स रिटर्न के लिए भी इसे देना जरूरी कर दिया गया था।

जांचेगी सरकार पैन कार्ड असली है या नकली

रिवेन्यू सेक्रेटरी अजय भूषण पांडे के मुताबिक बार-बार तारीख बढ़ाने के बावजूद भी अगर कोई पैन कार्ड और आधार लिंक नहीं कर रहे हैं तो ये देखना होगा कि क्या ये पैन कार्ड असली हैं। इसलिए इनको जब तक कि ये आपस में लिंक न हो तब तक इन्हें ब्लॉक कर दिया जाए या अवैध कर दिया जाए। बजट 2019 में पैन कार्ड के बदले आधार को उपयोग करने की मंजूरी दी गई है।

बजट में किया था यह प्रस्ताव

संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अब देश के 120 करोड़ से अधिक लोगों के पास आधार नंबर है। इसलिय सरकार ने फैसला किया है कि देश का कोई भी व्यक्ति आईटीआर भरने के लिए पैन नंबर के स्थान पर आधार नंबर का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, आधार नंबर का इस्तेमाल पैन नंबर नहीं होने पर ही किया जाएगा।

पहले से भरा मिलेगा आयकर विवरण

वित्त मंत्री ने कहा कि अब करदाताओं को पहले से ही आयकर का विवरण भरा हुआ मिलेगा। इसमें वेतन से आय, प्रतिभूतियों से अर्जित लाभ, बैंकों से प्राप्त ब्याज तथा लाभांश और कर कटौतियों का विवरण शामिल होगा। इन आयों के बारों में बैंकों, स्टॉक एक्सचेंज, म्यूचुअल फंड, ईपीएफओ, राज्य पंजीकरण विभागों से सूचना प्राप्त की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे आईटीआर दाखिल करने में समय की कमी आएगी और करों की सटीक गणना भी हो सकेगी।

अब नोटिस पर नहीं होगा अधिकारी का नाम

वित्त मंत्री ने बताया कि मौजूदा प्रणाली में करदाता को बार-बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस दौरान कर अधिकारियों की ओर से करदाता के साथ गलत व्यवहार के मामले भी सामने आते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना कर निर्धारण किया जाएगा। इसको चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि संवीक्षा के लिए चयनित मामलों में करदाताओं को कर अधिकारी के नाम के बिना इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी किए जाएंगे।

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