मनी भास्कर खास /कोलकाता दुर्गा पूजा पर नही है मंदी का असर, आयोजकों ने लुटाए करोड़ों रुपए

  • कहीं दुर्गा मां समेत पूरे पंडाल को सोने से सजाया गया है तो कहीं लाखों के फूलों और गहनों से
  • सोने की पंडाल व मूर्ति को लेकर लोगों ने जताई नाराजगी, कहा- देश की इकोनॉमी का ख्याल रखना चाहिए

वर्षा पाठक

वर्षा पाठक

Oct 04,2019 05:16:35 PM IST

कोलकाता: जहां एक तरफ देश में आर्थिक मंदी का दौर है, कई बड़ी-बड़ी कम्पनियां बन्द होने की कगार पर हैं, वहीं कोलकाता के दुर्गा पूजा आयोजन पर मन्दी का कोई असर नहीं नजर आ रहा है। पूजा आयोजक जमकर खर्च कर रहे हैं। कहीं दुर्गा मां समेत पूरे पंडाल को करोड़ों रुपए लगाकर सोने से सजाया गया है तो कहीं लाखों के फूलों और गहनों से। इन दिनों नॉर्थ कोलकाता का संतोष मित्र स्क्वायर पूजा पंडाल चर्चा में है क्योंकि यहां 20 करोड़ से अधिक खर्च करके माता को सोने से सजाया गया है। ऐसे में कुछ लोगों में नाराजगी है कि इतना खर्च क्यों किया जा रहा है। मनी भास्कर ने कोलकाता के लोगों से बात की तो पता चला अधिकतर लोग इस अतिरिक्त खर्चों के चलते आयोजकों से नाराज हैं।

बिहार बाढ़ में फंसे लोगों की करनी चाहिए थी मदद

साउथ कोलकाता की तान्या बनर्जी ने बताया 'दिखावे में आकर आयोजक दुर्गा मां के नाम पर अधिक खर्च कर देते है जब कि इसकी जरूरत अभी नहीं थी। बदले में हम बिहार बाढ़ में फंसे लोगों की मदद कर सकते थे या फिर किसी नेक काम मे खर्च कर सकते थे जिससे किस का भला होता। इस तरह मंदी में पैसे को पानी की तरह बर्बाद करना है।'


हर साल की तरह इस साल भी महंगे पंडालों की होड़

कोलकाता निवासी सुजीत बोस ने बताया कि इस साल पिछले साल के मुकाबले अधिक महंगा पंडाल बनाया गया है। वैसे तो देश की इकोनॉमी स्लो है लेकिन यहां पूजा के दौरान खर्च में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाती है। यहां हर साल की तरह इस बार भी अनेक महंगे पंडाल बनाया गया है।'

विश्व भर से लोग आते हैं यहां

पूजा आयोजक अनिर्बान मण्डल ने कहा ' दुर्गा पूजा साल में एक बार आता है, जिसे देखने विश्व भर से लोग आते हैं। यहां के पूजा की पहचान ही यूनीकनेस है। ऐसे में छह महीने पहले से ही हम लोग आकर्षक पंडाल की तैयारी में लग जाते हैं। रही बात आर्थिक मंदी की तो सरकार को इसको लेकर कदम उठाना चाहिए।'

कई बड़ी-बड़ी कम्पनियां करती है स्पॉन्सर

एक अन्य आयोजक ने नाम न लेने की शर्त पर बताया 'यहां आयोजकों के बीच एक दूसरे से अधिक आकषर्क और महंगे पंडाल बनाने की होड़ होती है। अगर एक जगह 5 लाख के बजट में कोई पंडाल बनता है तो अन्य स्थान पर उससे महंगा पंडाल बनाया जाता है। पंडाल बनाने के लिए बड़ी-बड़ी कम्पनियां स्पॉन्सर करती है और अपने प्रोडक्ट्स का प्रचार करती हैं।'

2 लाख से लेकर 25 करोड़ तक के पंडाल

कोलकाता में दुर्गा पंडाल 2 लाख से लेकर 25 करोड़ तक के बजट में तैयार किया गया है। बड़े आयोजकों से लेकर छोटे आयोजकों तक ने जमकर खर्च किया है। साउथ कोलकाता की बात करें तो यहां के मशहूर पूजा पंडाल बारिशा क्लब, नतून दल, सुरुचि संघ, एकडलिया एवरग्रीन समेत पूजा पंडाल करोड़ों के बजट में तैयार किए गए हैं। वहीं, नॉर्थ कोलकाता में संतोष मित्र स्क्वायर के अलावा दमदम पार्क, कुम्हारटोली जैसे बड़े पूजा आयोजकों ने 50 लाख से अधिक के बजट में दुर्गा मां का पंडाल बनाया है।

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