मनी भास्कर खास /दौलत, शोहरत और ताकत का थ्रिलर है आईएनएक्स मीडिया केस

  • इस मामले में पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम हुए गिरफ्तार
  • शीना बोरा मामले में जेल में बंद पीटर और इंद्राणी मुखर्जी इसी कंपनी के प्रमोटर थे

Moneybhaskar.com

Aug 22,2019 01:28:55 PM IST

नई दिल्ली. आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार रात 10 बजे पूर्व केंद्रीय गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया। चिदंबरम देश के पहले गृह और वित्त मंत्री हैं, जिन्हें सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है। सीबीआई उनसे आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश की दी गई मंजूरी में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में पूछताछ करेगी। यह मंजूरी जब दी गई थी, तब चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। चिदंबरम पर कुल करीब छह मामलों में जांच चल रही है। इनमें सबसे बड़ा मामला आइएनएक्स मीडिया से जुड़ा हुआ है। चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति एयरसेल-मैक्सिस सौदे में भी आरोपित हैं। चिदंबरम के खिलाफ चल रहे अन्य प्रमुख मामलों में सारदा चिटफंड मामला, एविएशन घोटाला और इशरत जहां मामला शामिल है।

आईएनएक्स ने चिदंबरम के बेटे से जुड़ी कंपनी को दी थी रिश्वत

सीबीआई ने अपने एफआईआर में कहा है कि आईएनएक्स मीडिया ने विदेशी निवेश की मंजूरी हासिल करने के लिए एक कंपनी को कथित तौर पर रिश्वत का भुगतान किया था। उस कंपनी का संबंध कथित तौर पर चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम से है। पूर्व वित्त मंत्री ने हालांकि सीबीआई के आरोप को गलत बताया है और कहा है कि यह भुगतान परामर्श के एवज में किया गया था और उनके पुत्र का उस कंपनी से कोई नाता नहीं है, जिसे राशि का भुगतान हुआ था। आईएनएक्स मीडिया वही कंपनी है, जिसके प्रमोटर कभी पीटर और इंद्राणी मुखर्जी हुआ करते थे। दोनों अभी इंद्राणी मुखर्जी की पुत्री शीना बोरा की हत्या के मामले में जेल में हैं। एक समय शीना बोरा की हत्या का मामला भी काफी सुर्खियों में था।

इंद्राणी ने कहा था कि चिदंबरम ने बेटे को मदद की बात की थी

पी चिदंबरम आइएनएक्स मीडिया से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों के राडार पर तब आए, जब आइएनएक्स की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ कर रहा था। इस पूछताछ में इंद्राणी ने बताया था कि चिदंबरम ने विदेशी निवेश से जुड़े सौदे में बेटे कार्ति को विदेशी धन के मामले में मदद किए जाने की बात कही थी। चिदंबर पर सबसे बड़ा आरोप आइएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रुपये के विदेशी फंड के लिए फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में हुए घपले का है। यह मामला 2007 का है। उस वक्त चिदंबरम कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे। सीबीआई का आरोप है कि कार्ति के हस्तक्षेप के बाद आइएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश हासिल करने के लिए एफआइपीबी की ओर से मंजूरी दी गई थी।

कार्ति चिदंबरम ने कहा, पीटर और इंद्राणी मुखर्जी से कभी नहीं मिला

उधर पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर पीटर मुखर्जी या उसकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी से किसी भी प्रकार का संबंध होने से सिरे से इनकार किया और अपने पिता की गिरफ्तारी को राजनीतक प्रतिशोध करार दिया। आईएनएक्स मीडिया मामले में बुधवार देर रात चिदंबरम की गिरफ्तारी से बाद कार्ति गुरुवार सुबह चेन्नई से दिल्ली पहुंचे। एजेंसी की खबरों के मुताबिक दिल्ली हवाईअड्डे से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरे पिता को निशाना बनाने का मामला नहीं है, बल्कि कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाने का मामला है। मैं जंतर मंतर पर प्रदर्शन करूंगा। कार्ति ने कहा कि उनके पिता पी चिदंबरम को सीबीआई के समक्ष पेश होने की कोई कानूनी जरूरत नहीं थी। साथ ही उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि उनके पिता छिपे हुए थे। उन्होंने कहा कि अनेक प्रयासों के बावजूद सीबीआई उनके खिलाफ कोई मामला नहीं ढूंढ़ पाई। पूर्व वित्त मंत्री के बेटे ने कहा कि पहली बात कि हमें निशाना बनाया जा रहा है। मेरे पिता को किसी के लिए भी उपलब्ध रहने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है... मेरे पिता इस सरकार के मुखर आलोचक हैं । मामले का कोई कानूनी आधार नहीं है। आरोप मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी के नियमों के बारे में उन्हें जानकारी है और सीबीआई ने कभी भी किसी को दो घंटे का नोटिस नहीं दिया है। कार्ति ने कहा कि मुझे 20 बार तलब किया गया और चार बार छापे मारे गए। इतनी बार किसी के यहां भी छापे पहीं पड़े लेकिन इसके बावजूद उनके पास कोई मामला नहीं है...हर बार मुझे (समन) में एक सप्ताह का वक्त दिया गया।

आईएनएक्स मीडिया मामले के मुख्य घटनाक्रम

मई 2017 : वर्ष 2007 में हुए विदेशी निवेश से जुड़े मामल में सीबीआई ने मामलो दर्ज किया।
2018 : ईडी ने चिदंबरम के खिलाफ मामला दर्ज किया। सीबीआई ने समन भेजा।
मई 2018 : चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की अपील की।
जुलाई 2018 : हाईकोर्ट ने चिदंबरम को दो मामलों में गिरफ्तारी से राहत दी।
जनवरी 2019 : चिदंबरम की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
20 अगस्त 2019 : दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज की।

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