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जानिए क्‍या है एफएसएसएआई, कैसे रखता है फूड प्रोडक्ट पर निगरानी

जानिए क्‍या है एफएसएसएआई, कैसे रखता है फूड प्रोडक्ट पर निगरानी
नई दि‍ल्ली। एफएसएसएआई मानव उपभोग के लिए पौष्टिक भोजन के उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात के सुरक्षित उपलब्धता को सुनिश्चित करने का काम करता है। एफएसएसएआई का संचालन भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत किया जाता है। इसका मुख्‍यालय दि‍ल्ली में स्थित है जो राज्‍यों के खाद्य सुरक्षा अधिनियम के विभिन्‍न प्रावधानों को लागू करने का काम करता है। इसके अलावा यह देश के सभी राज्‍यों, जिला एवं ग्राम पंचायत स्‍तर पर खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री के तय मानक को बनाए रखने में सहयोग करता है। साथ ही यह समय-समय पर खुदरा एवं थोक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी करता है।
 
एफएसएसएआई का गठन व उद्देश्‍य
 
केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का गठन किया। जिसको 1 अगस्‍त, 2011 में केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा और मानक विनिमय (पैकेजिंग एवं लेबलिंग) के तहत अधिसूचित किया गया। एफएसएसएआई का काम लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने एवं इसके तय मानक को बनाए रखना है। इसके तहत सरकार ने खाद्य पदार्थ से संबंधित विभिन्‍न अधिनियमों और आदेशों का समायोजन एफएसएसएआई अधिनियम में किया है। ताकि देश में आम लोगों को बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के तय मानक को बनाए रखा जा सके। 
 
एफएसएसएआई के कार्यक्षेत्र व अधिकार  
 
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण देश में मानव उपभोग के लिए निर्मित सभी प्रकार के खुदरा एवं थोक उत्पादों की निगरानी भी करता है। एफएसएसएआई केंद्र सरकार और राज्‍य सरकारों के विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों के खाद्य पदार्थों से संबंधित मुद्दों को देखता है। इसके अलावा यह बड़े पैमाने पर और विभिन्‍न मंत्रालयों के नियंत्रण वाली खाद्य पदार्थों के उत्पादन और वितरण के मानक पर भी नजर रखता है। यदि किसी कंपनी ने तय मानक के अनुसार अपने प्रोडक्ट का उत्पादन नहीं किया है तो उसके प्रोडक्ट की बिक्री पर एफएसएसएआई प्रतिबंध लगा सकता है।
 
फूड प्रोडक्ट के लिए रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य
 
देश में किसी भी खाद्य पदार्थ का उत्पादन और बिक्री से पहले किसी भी कंपनी को एफएसएसएआई के यहां अपना रजिस्‍ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। इसके बाद ही वह कंपनी अपने प्रोडक्ट को बाजार में बेच सकती है। कंपनी को अपने प्रोडक्ट पर उसके बनाए जाने की तारीख एवं उसमें उपयोग में लाए गए सभी प्रकार के रसायनिक तत्वों की मात्रा का उल्लेख अपने प्रोडक्ट पर करना अनिवार्य होता है। जो कि एफएसएसएआई के द्वारा तय किए गए मानक के अनुरुप होने चाहिए। ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जानकारी आम उपभोक्ता को आसानी से मिल सके।
 
केंद्रीय प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों की जांच
 
किसी भी फूड प्रोडक्ट की गुणवत्ता, मिलावट और तय मानक का पालन नहीं करने की शिकायत मिलने पर इसकी जांच केंद्रीय प्रयोगशालाओं में की जाती है। इसके लिए देश में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए चार जगहों पर प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। इनमें कोलकाता, मैसूर, गाजियाबाद और पुणे मुख्‍य रूप से चार केंद्रीय प्रयोगशाला है जिसके तहत स्‍थानीय क्षेत्र, राज्‍य और संघ राज्‍य क्षेत्रों को शामिल किया गया है। एफएसएसएआई किसी भी खाद्य के खिलाफ उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद उस प्रोडक्ट का सैंपल लेकर इन प्रयोगशालाओं में उसकी गुणवत्ता और तय मानक की जांच करवाता है। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर उस प्रोडक्ट को बाजार में बेचने या उस पर प्रतिबंध का आदेश एफएसएसएआई की ओर से जारी की जाती है।  

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