ऐलान /लघु वित्त बैंकों के लिए ‘ऑन टैप’ लाइसेंस जल्द, छोटे व्यापारियों को होगा बड़ा फायदा

Moneybhaskar.com

Jun 06,2019 01:03:12 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है कि लघु वित्त बैंकों के पहले बैच का प्रयोग सफल रहने के बाद उन्हें ‘ऑन टैप’ लाइसेंस देने की व्यवस्था की जाएगी और इस साल अगस्त तक इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएगे। ‘ऑन टैप’ लाइसेंस का मतलब है कि दिशा-निर्देशों में दी गई अहर्ता को पूरा करने वाली इकाइयों को आवेदन करने के बाद किसी अतिरिक्त मंजूरी के बिना लाइसेंस जारी किया जाएगा।

ये भी पढ़ें--

आरबीआई ने लगातार तीसरी बार घटाया रेपो रेट, कम होगी आपके लोन की ईएमआई

छोटे ऋण के लिए ज्यादा बैंकों की वकालत

रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक के बाद गुरुवार को जारी बयान में यह बात कही गई है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि लघु वित्तीय बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि उन्होंने प्राथमिक क्षेत्र का अपना लक्ष्य पूरा किया है और इस प्रकार वित्तीय समावेशन के अपने उद्देश्य को हासिल करने में सफल रहे हैं। इसलिए, छोटे ऋण की जरूरत वाले लोगों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने और प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में ज्यादा बैंकों को होना चाहिए। इसके मद्देनजर अगस्त 2019 के अंत तक लघु वित्त बैंकों के लिए ‘ऑन टैप’ लाइसेंस के बारे में दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।

ये भी पढ़ें--

आरटीजीएस एवं एनईएफटी पर नहीं लगेगा चार्ज, एटीएम शुल्क में भी होगा बदलाव​​​​​​​

प्रयोग के तौर पर 10 लघु बैंकों को दिए थे लाइसेंस

केंद्रीय बैंक ने प्रयोग के तौर पर 10 लघु बचत बैंकों को लाइसेंस जारी किये थे जिनमें आठ को आरबीआई एक्ट, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल किया जा चुका है। लघु बचत बैंकों और भुगतान बैंकों के लिए 27 नवंबर 2014 को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। उसी में कहा गया था कि बाद में इनके लिए ‘ऑन टैप’ लाइसेंस व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा। आरबीआई ने कहा है कि भुगतान बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा में अभी और समय लगेगा।

ये भी पढ़ें--

ऑफर / छोटे व्यापारियों को सस्ती दर पर एक लाख तक का लोन देगा भारतपे​​​​​​​

छोटे व्यापारियों को होगा फायदा

जानकारों का कहना है कि अभी छोटे व्यापारियों को अपनी वित्तीय जरुरतें पूरी करने के लिए लोन की आवश्यकता पड़ती है। बड़े बैंकों से लोन लेने में काफी झंझट के कारण वे लघु वित्त बैंकों से लोन लेते हैं। लेकिन आरबीआई के सीधे नियंत्रण में नहीं होने के कारण इन बैंकों की ब्याज दरें कॉमर्शियल बैंकों से ज्यादा होती हैं। लाइसेंस लेने के बाद यह बैंक सीधे आरबीआई के नियंत्रण में आ जाएंगे। इससे इन बैंकों को भी ब्याज दरों में कमी करनी होगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा छोटे व्यापारियों को होगा।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.