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रणनीति /रोजगार के आंकड़े नए सिरे से जुटाएगी सरकार, रेहड़ी वालों की भी होगी गिनती

  • दोनों कमिटि अपने-अपने सेक्टर की ग्रोथ और रोजगार के आंकड़े पीएमओ को देंगी।

Moneybhaskar.com

Jun 06,2019 12:34:13 PM IST

नई दिल्ली.

रोजगार की कमी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए सरकार हर मोर्चे पर तैयारी कर रही है। हाल ही में सरकार ने तय किया कि नेशनल करियर सर्विस सेंटर पर हर छोटी से छोटी नौकरी की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा सके। अब अगला कदम उठाते हुए सरकार ने कैबिनेट की दो कमिटियां बनाई हैं, जो विकास की रफ्तार व निवेश बढ़ाने और रोजगार के ज्यादा मौके लाने के तरीके सुझाएंगी। इतना ही नहीं रोजगार के आंकडे भी नए सिरे से जुटाए जाएंगे। इसके लिए सरकार सर्वे कराएगी और इसमें इस सूची में रेहड़ी-पटरी वालों को भी शामिल किया जाएगा। यानी हर वो व्यक्ति नौकरीपेशा माना जाएगा जो किसी न किसी कामधंधे से जुड़ा है।

कैबिनेट ने बनाई हैं दो कमेटियां

सरकार ने बुधवार को दो कैबिनेट कमिटियां बनाई हैं, जिनमें एक इनवेस्टमेंट और ग्रोथ से जुड़ी है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मझोले उद्योगों के मंत्री नितिन गडकरी, रेल मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं। दूसरी कमिटी रोजगार-कौशल विकास पर है, जिसमें 10 मंत्रालयों से जुड़े मंत्री सदस्य बनाए गए हैं। दोनों कमिटियों में शामिल मंत्रालय अपने-अपने सेक्टर की ग्रोथ और रोजगार के आंकड़े पीएमओ को देंगे।

तीन दर्जन शहरों में करियर सर्विस सेंटर खोलेगी सरकार

सरकार प्राइवेट कंपनियों से दोबारा आग्रह करेगी की वह अपने यहां नौकरी देने के लिए नेशनल करियर सर्विस सेंटर का उपयोग करे। दरअसल सर्विस सेंटर पर रजिस्टर्ड बेरोजगारों की तादाद बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुरूप नौकरियों की कमी है। इस सेंटर पर रजिस्टर्ड बेरोजगारों की तादाद एक करोड़ से ऊपर हो चुकी है। अब सरकार चाहती है कि हर छोटी-मोटी नौकरियों की सूचना यहां दी जाए, जिससे नौकरी तलाश रहे युवाओं को अवसर मिल सकें। सरकार की योजना है कि कम से कम तीन दर्जन शहरों में नेशनल करियर सेंटर खोले जाएं। इनमें केंद्र सरकार की सभी तरह की नौकरियों के बारे में जानकारी देना जरूरी होगा।

इन सेंटरों पर मिलेगी हर तरह की नौकरी की सूचना

नेशनल करियर सर्विस को 2015 में लॉन्च किया गया था। तब डीओपीटी (डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल एंड ट्रेनिंग) की ओर से सभी सरकारी मंत्रालयों और विभागों को जारी एक निर्देश में कहा गया था कि अगर कोई भी सरकारी पद पर नियुक्ति होनी है तो इसकी जानकारी नेशनल करियर सर्विस सेंटर पर देना अनिवार्य होगा। इस सेंटर के गठन से पहले सूचना सिर्फ रोजगार समाचार में दी जाती थी। निर्देश के अनुसार यूपीएससी और एसएससी की परीक्षा को छोड़कर सभी तरह की नौकरी के बारे में सूचना इस पर मिला करेगी। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि वह प्राइवेट कंपनियों पर दबाव बनाकर या जबरन ऐसा करने को नहीं कहेगी।

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