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क्‍या है स्किल इंडिया, यह कैसे तैयार करेगा 40 करोड़ स्किल्‍ड वर्कफोर्स

मोदी सरकार का लक्ष्‍य इस मिशन के जरिए साल 2022 तक 40.2 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करना और रोजगार उपलब्‍ध कराना है।

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नई दि‍ल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशल कामगार तैयार करने और युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए स्किल इंडिया मिशन लांच किया है। मोदी ने वर्ल्‍ड यूथ स्किल डे के अवसर पर इस मिशन की शुरुआत की जिससे इसकी अहमियत और बढ़ गई। सरकार का लक्ष्‍य इस मिशन के जरिए साल 2022 तक 40.2 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करना है। जिसमें 10.4 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर ट्रेंड किया जाएगा जबकि इसी अवधि तक 29.8 करोड़ मौजूदा वर्कफोर्स को अतिरिक्‍त स्किल ट्रेनिंग भी इसके तहत देने की योजना है। दरअसल सरकार के स्किल इंडिया मिशन का मुख्‍य टारगेट भी यही है। इस मिशन के जरिए  शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को स्किल डेवलपमेंट में प्रशिक्षित करने पर रोजगार के अवसर उपलब्‍ध होंगे। 
 
इस मिशन को लांच करते हुए मोदी ने कहा कि इस सदी की सबसे बड़ी जरूरत आईआईटी नहीं, बल्कि आईटीआई है। क्‍योंकि, नेशनल सैंपल सर्वे (एनएसएसओ) के मुताबिक देश में सिर्फ 3.5 फीसदी युवा ही हुनरमंद हैं। जबकि देश को 2019 तक 12 करोड़ स्किल्ड लेबर की जरूरत है। इस लिहाज से भी स्किल इंडिया मिशन देश के लिए एक बड़ा अभियान है। इसके तहत सरकार असंगठित क्षेत्र के लोगों को ट्रेनिंग देगी। सरकार इस मिशन के जरिए युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार के काबिल बनाएगी जिसके लिए हर राज्‍य में स्किल यूनिर्वसिटी खोली जाएगी। इस मिशन के लिए सरकार ने इस साल बजट में 5,040 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा यह मिशन मोदी के मेक इन इंडिया को भी सफल बनाने में सहयोग करेगी।       
 
स्किल डेवलपमेंट में भारत की स्थिति
 
स्किल डेवलपमेंट के मामले में दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले भारत काफी पीछे है। नेशनल सैंपल सर्वे (एनएसएसओ) के मुताबिक देशभर में सिर्फ 3.5 फीसदी युवा ही हुनरमंद हैं। जबकि चीन में 45 फीसदी, अमेरिका में 56 फीसदी, जर्मनी में 74 फीसदी,  जापान में 80 फीसदी और दक्षिण कोरिया में 96 फीसदी लोग स्किल ट्रेंड हैं। इसी दूरी को पाटने के लिए सरकार ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन को सफल बनाने में केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों की भी अहम भूमिका होगी। जिसके माध्‍यम से स्किल डेवलपमेंट का कार्यक्रम चलाया जाएगा। जिसमें मुख्‍य रूप से रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, इस्‍पात मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय तथा सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय शामिल हैं।
 
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स्किल इंडिया मिशन की खासियत
 
स्किल इंडिया का उद्देश्‍य देशभर में युवाओं को उनकी योग्‍यता के अनुसार ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्‍ध करना है। सरकार स्किल इंडिया के तहत युवाओं को उनकी पसंद और हुनर के साथ ट्रेनिंग देगी। ताकि 2020 तक 40.2 करोड़ युवाओं को ट्रेंड किया जा सके। जिसके लिए स्किल इंडिया को 2016 तक स्‍कूल के सिलेबस में भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए सरकार 2009 की स्किल डेवलपमेंट पॉलिसी को भी अपडेट करेगी।
 
सरकार ने इस मिशन को सफल बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट और आंत्रपेन्‍योर मंत्रालय का गठन पूर्व में कर चुकी है। जिसके तहत देशभर में 'प्रधानमंत्री कौशल वि‍कास योजना' (पीएमकेवीवाई) के जरिए 24 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसको सफल बनाने के लिए सरकार निजी क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर देगी। इसके लिए व्यापक नीति तैयार की गई है जिसमें निजी क्षेत्रों की भागीदारी से लेकर स्किल लोन जैसी कई सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। स्‍कील लोन स्‍कीम के तहत 5 सालों में 34 लाख स्किल्‍ड बेरोजगार युवाओं को लोन देगी सरकार। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट के लिए पीपीपी प्रोजेक्‍ट भी शुरू किया जाएगा।
 
साल 2022 तक 40.2 करोड़ युवाओं को ट्रेनिंग
 
दरअसल साल 2022 तक देश में 10.4 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने की जरूरत है जबकि इसी समय सीमा में 29.8 करोड़ की मौजूदा वर्कफोर्स को भी अतिरिक्त स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग की जरूरत होगी। सरकार का लक्ष्‍य साल 2022 तक कुल 40.2 करोड़ लोगों को ट्रेनिंग देने का है। जिसे पूरा करने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन के जरिए ट्रेनिंग देकर युवाओं को हुनरमंद बनाया जाएगा ताकि उनको रोजगार मिल सके। इस मिशन से 160 ट्रेनिंग पार्टनर्स और 1,722 ट्रेनर्स जुड़े हैं। अब तक करीब 35 लाख लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। 20 सरकारी संस्थाएं स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को चला रही हैं। जबकि विशेष तौर पर रेलवे ने भी इस मिशन के लिए 450 संस्थाओं और ट्रेनिंग सेंटर को चुना है।
 
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मिशन के तहत 5 साल में 34 लाख को कर्ज
 
अन्‍य मिशन की तरह स्किल इंडिया मिशन भी मोदी का एक बड़ा ड्रीम प्रोजेक्‍ट है। इसके जरिए सरकार प्रत्‍येक सेक्टर के लिए एक्सपर्ट्स की फौज तैयार करेगी ताकि देश को तरक्‍की के पथ पर आगे ले जाया जा सके। इसको सफल बनाने के लिए सरकार लोगों को ट्रेनिंग से लेकर लोन तक की भी सुविधा उपल्‍ब्ध कराएगी।
 
मिशन की शुरुआत करते वक्‍त मोदी ने कहा कि इस सदी की जरूरत आईआईटी नहीं बल्कि आईटीआई है। सरकार ने जो आंकड़े दिए हैं उसके अनुसार फार्मा सेक्‍टर में 35 लाख और माइनिंग सेक्‍टर में करीब 45 लाख ट्रेंड लोगों की जरूरत है। इन जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने स्किल इंडिया मिशन के तहत देशभर में स्किल डेवलपमेंट पॉलिसी जारी की है। प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट स्‍कीम व स्किल लोन योजना के तहत 5 साल में 34 लाख स्किल्‍ड बेरोजगारों को लोन की सुविधा प्रदान की जाएगी। 
 
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