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जानिए, किस देश में हैं ज्‍यादा अमीर, कैसे चीन से आगे होगा भारत

दुनिया भर में अमीरों की संख्‍या कम नहीं है, लेकिन तेज आर्थिक विकास के दम पर भारत में भी अमीरों की तादाद तेजी से बढ़ी है।

India may pip China in wealthy list of individuals
नई दिल्‍ली। दुनिया  भर में अमीरों की संख्‍या कम नहीं है, लेकिन तेज आर्थिक विकास के दम पर भारत में भी अमीरों की तादाद तेजी से बढ़ी है। अमीरों की संख्‍या के लिहाज से भारत दुनिया में चौथे पायदान पर है। एक साल के अंदर भारत में भी धनकुबेरों की तादाद तीन गुना बढ़ी है।
 
‘ग्लोबल वेल्थ 2015 के विनिंग द ग्रोथ गेम’ रिपोर्ट के मुताबिक चीन और भारत की आर्थिक वृद्धि कायम रहने से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में लोगों की संपत्ति बढ़ रही है। क्‍योंकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र धन कमाने का सबसे बड़ा स्रोत है। यह रिपोर्ट एक रिसर्च के आधार पर तैयार की गई है। जिसमें इन धन कुबेरों के दौलत का एक बड़ा हिस्‍सा चीन के पास है। लेकिन अगले पांच सालों में कमाई में तेजी आएगी और भारत अमीरों के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा।
 
कमाई का एक बड़ा स्रोत है एशिया-प्रशांत क्षेत्र
 
वर्ष 2014 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र धन वृद्धि का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। जहां व्‍यक्तिगत वित्तीय संपत्ति में इजाफा हुआ है। इनकी संपत्ति में वृद्धि का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद और बचत दरों के आधार पर किया गया है। जिसको दो भागों में ओल्ड वर्ल्ड और न्‍यू वर्ल्ड में बांटा गया है। जिससे यह स्‍पष्‍ट है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में धनकुबेरों की संख्‍या कितनी तेजी से बढ़ रही है।
 
अमीरों की मौजूदा परिसंपत्ति एवं नई संपत्ति के अनुपात को फीसदी और कुल संपति को ट्रिलियन डॉलर में नीचे दिया गया है जो इस प्रकार है-
 
ओल्ड वर्ल्ड ---------------मौजूदा परिसंपत्ति-----------नई संपत्ति-----ट्रिलियन डॉलर
उत्‍तरी अमेरिका---------------78-----------------------------22------------------2.7
पश्चिमी यूरोप----------------60-------------------------------40----------------2.4
जापान-------------------------96-------------------------------4------------------0.3
एशिया-प्रशांत क्षेत्र-----------76-------------------------------24----------------10.7
(जापान को छोड़कर)
 
न्‍यू वर्ल्ड-------------------------------मौजूदा परिसंपत्ति-----------नई संपत्ति-----ट्रिलियन डॉलर
पश्चिमी एशिया और अफ्रीका---------56--------------------------44----------------0.5
लैटिन अमेरिका------------------------46--------------------------54-----------------0.4
पूर्वी यूरोप------------------------------66---------------------------34----------------0.5
ग्लोबल---------------------------------73---------------------------27-----------------17.5
 
भारत कमाई में चीन से आगे निकलने को तैयार
एशिया प्रशांत क्षेत्र में (जापान को छोड़कर) कुल मिलाकर विकास के आधार पर भारत में धन का संचय तेजी से बढ़ा है। जिसकी वजह से धनकुबेरों की संख्‍या भी बढ़ी है इसी के आधार पर भारत कमाई में चीन से आगे निकलने को तैयार है।
 
एशिया प्रशांत क्षेत्र में जापान को छोड़कर ग्लोबल कमाई एवं वार्षिक ग्रोथ के आंकड़े फीसदी में है जो इस प्रकार है-
देश-------------------2009-13---------------2013-14 ----------------2014-19  (ग्रोथ फीसदी में) 
चीन-----------------30.0---------------------43.6------------------------10.3
ताईवान-------------4.3-----------------------5.1--------------------------4.7
ऑस्‍ट्रेलिया---------7.6------------------------8.5--------------------------6.2
दक्षिण कोरिया-----7.2------------------------0.4--------------------------4.2
हॉगकांग-----------5.4-------------------------12.2-------------------------5.0
भारत--------------12.2------------------------24.8-------------------------21.5
अन्‍य--------------7.6--------------------------8.5----------------------------6.8
 
अमीरों की परिसंपत्तियों में सबसे जयादा वृद्धि
 
भारत के संदर्भ में सालाना आधार पर कमाई को फीसदी में दिखाया गया है जो इस प्रकार है-
देश-----------------2009-13-------------2013-14--------------2014-19 (ग्रोथ फीसदी में)  
आस्‍ट्रेलिया----------11.3--------------------23.4----------------------20.6
दक्षिण कोरिया------12.3--------------------29.7----------------------21.3
भारत----------------29.3-------------------21.0----------------------13.2
अन्‍य----------------11.6 ------------------ 27.8----------------------26.0

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