Home » Do You Know » Economy » FAQDo You Know how Masala Bonds work for investors

क्या है मसाला बॉन्‍ड, इसमें कैसे करते हैं निवेश और किसको होगा फायदा

सरकार ने पिछले साल सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की भारतीय कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मसाला बॉन्‍ड जारी करने की मंजूरी दी थी।

1 of
 
 
नई दिल्ली। एचडीएफसी का मसाला बॉन्‍ड लंदन स्‍टॉक एक्‍सचेंज में लिस्‍ट हो गया है। जिसके जरिए एचडीएफसी ने 3 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। सरकार ने पिछले साल सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की भारतीय कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मसाला बॉन्‍ड जारी करने की मंजूरी दी थी। इस बॉन्‍ड के जरिए निवेश बढ़ाने के लिए इंडियन रेलवेज फाइनेंस कॉरपोरेशन, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, एनटीपीसी और निजी क्षेत्र की कंपनी एचडीएफसी ने रोड शो किया था। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्‍या है मसाला बॉन्‍ड और इसके फायदे…
 
अगली स्‍लाइड में जानिए, क्‍या है मसाला बॉन्‍ड इसके फायदे….  
 
 
 
क्‍या है मसाला बॉन्‍ड
 
मसाला बॉन्ड भारतीय रुपए में विदेशों में जारी किया जाने वाला बॉन्ड हैं, जिसे भारतीय कंपनियां विदेशी निवेश के लिए जारी करती हैं। इस बॉन्‍ड का नाम ट्रेडिश्‍नल तरीके से भारतीय मसालों पर रखा गया है। सरल शब्‍दों में हम कह सकते हैं कि विदेशी पूंजी बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपए में जारी किया जाने वाला बॉन्‍ड, मसाला बॉन्‍ड है। इससे पहले भारतीय कंपनियां इंटरनेशनल मार्केट में निवेश के लिए जो बॉन्‍ड जारी करती थी, वह डॉलर में होता था। जिसके मूल्‍य में उतार-चढ़ाव से होने वाला नुकसान भारतीय कंपनी को उठाना पड़ता था।
 
 
मसाला बॉन्‍ड की खासियत
 
मसाला बॉन्‍ड के जरिए विदेशी पूंजी बाजार से भारतीय कंपनियों को निवेश बढ़ाने में बहुत हद तक मदद मिलेगी। इसके अलावा इस बॉन्‍ड को जारी करने वाली कंपनियों पर करंसी का रिस्‍क नहीं के बराबर होगा। मसाला बॉन्‍ड के जरिए यदि कोई विदेशी निवेशक भारतीय कंपनियों में निवेश करेगा तो करंसी का रिस्‍क उसी पर होगा। क्‍योंकि इसके पहले भारतीय कंपनियां जो बॉन्‍ड जारी करती थी, वह डॉलर में होता था। जिसका रिस्‍क भारतीय कंपनियों पर था, लेकिन अब भारतीय करंसी रुपए में बॉन्‍ड जारी करने से बॉन्‍ड जारी करने वाले कंपनी को कोई नुकासान नहीं होगा।
 
 
 
कौन-कौन कंपनी लाएगी बॉन्‍ड  
 
इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी भी मसाला बॉन्ड के जरिए रकम जुटाने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। इसके अलावा अडानी ग्रुप ने भी मसाला बॉन्‍ड लाने की योजना बना रही है।
 
 
 
बॉन्‍ड की मैच्‍युरिटी अवधि 
 
भारतीय कंपनियों के द्वारा जारी की जाने वाली अन्‍य बॉन्‍ड की तरह ही मसाला बॉन्‍ड की मैच्‍युरिटी अवधि भी 3 साल, 5 साल, 7 साल और 10 साल रखी गई है। इस बॉन्‍ड के जरिए 11 हजार करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्‍य रखा गया है। इस रकम को भारत में चल रहे प्राइवेट सेक्‍टर के 11 डेवल्‍पमेंट प्रोजेक्‍ट में निवेश किया जाएगा।
 
 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट