बिज़नेस न्यूज़ » Do You Know » Economy » Facts15 अप्रैल से 5 राज्यों में लागू होगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल, जाने कहां जेनरेट करना होगा बिल

15 अप्रैल से 5 राज्यों में लागू होगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल, जाने कहां जेनरेट करना होगा बिल

15 अप्रैल से देश के 5 और राज्‍य आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश इंट्रा-स्‍टेट ई-वे बिल सिस्‍टम को

कहां जेनरेट करना होगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल-E-way Bill

नई दिल्‍ली. 15 अप्रैल से देश के 5 और राज्‍य आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश इंट्रा-स्‍टेट ई-वे बिल सिस्‍टम को लागू करने वाले हैं। अभी तक इंट्रा-स्‍टेट ई-वे बिल सिस्‍टम केवल कर्नाटक में लागू था। बता दें कि पूरे देश में इंटर स्टेट ई-वे बिल सिस्‍टम 1 अप्रैल से लागू हो चुका है, जिसके तहत इंटर स्‍टेट और इंट्रा-स्‍टेट दो तरह के मॉडल हैं।

 

क्या है इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट ई-वे बिल

 

राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा।

 

यहां बनाना होगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल

 

आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश राज्‍यों के ट्रेड एंड इंडस्‍ट्री और ट्रान्‍सपोर्टर्स के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के तहत रजिस्‍ट्रेशन की प्रोसेस शुरू हो चुका है। वे ई-वे बिल पोर्टल https://www.ewaybillgst.gov.in पर जाकर रजिस्‍ट्रेशन या इनरॉलमेंट करा सकते हैं।

 

पोर्टल पर बनेगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल

 

ई-वे बिल की वेबसाइट https://www.ewaybillgst.gov.in पर ही इंट्रा स्टेट ई-वे बिल जेनरेट होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के लिए एक ही फॉर्म भरना होगा जो इंटर स्टेट ई-वे बिल में भरते हैं। बस डेस्टिनेशन की दूरी और पहुंचाने का टाइम पीरियड कम हो जाएगा। ई-वे बिल जेनरेट करने का तरीका इंटर स्टेट ई-वे बिल की ही तरह होगा।

 

क्‍या है ई-वे बिल सिस्‍टम?

ई-वे बिल पूरे तरह से ऑनलाइन सिस्टम है। इसमें 50 हजार रुपए से ज्यादा का सामान ट्रांसपोर्ट करने वाले ट्रांसपोर्टर को ऑनलाइन ई-वे बिल जेनरेट करना होता है। यह 1 से 15 दिन तक मान्य होगा। वैलेडिटी प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगा। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए 15 दिन का ई-बिल बनेगा। सरकार का दावा है कि ई-वे बिल सिस्‍टम से देश में एक जगह से दूसरी जगह सामान की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी। साथ ही चुंगी नाकों पर ट्रकों और गुड्स कैरियर व्हीकल की लाइन भी खत्म होगी।

 

किसे है बनाना?

 

ई-वे बिल 50 हजार रुपए से ज्‍यादा का सामान ले जाने वाले अनरजिस्टर्ड कारोबारी, रजिस्टर्ड कारोबारी, डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स को जेनरेट करना होगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Don't Miss