इन 8 तरीकों से बचा लें टैक्स, 31 मार्च से पहले करेंगे यह काम तो ही होगा फायदा 

यदि आपने अब तक अपने Income Tax में छूट पाने के लिए निवेश नहीं किया है तो अब भी समय है। मौजूदा वित्त वर्ष 31 मार्च को खत्म हो जाएगा। तब तक आप 8 जगह पर निवेश करेंगे  टैक्स में छूट का लाभ पा सकते हैं। अगर आपने आयकर कानून के सबसे लोक्रप्रिय धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये निवेश की सीमा को पा लिया तो भी आप दूसरी धाराओं की मदद से कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। 

money bhaskar

Mar 28,2019 03:27:00 PM IST

नई दिल्ली. यदि आपने अब तक अपने Income Tax में छूट पाने के लिए निवेश नहीं किया है तो अब भी समय है। मौजूदा वित्त वर्ष 31 मार्च को खत्म हो जाएगा। तब तक आप 8 जगह पर निवेश करेंगे टैक्स में छूट का लाभ पा सकते हैं। अगर आपने आयकर कानून के सबसे लोक्रप्रिय धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये निवेश की सीमा को पा लिया तो भी आप दूसरी धाराओं की मदद से कर छूट प्राप्त कर सकते हैं।

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धारा 80D : मेडिक्लम पर 25 हजार रुपए तक की छूट


देश में इलाज कराने का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में हर किसी के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेना जरूरी हो गया है। आप हेल्थ इंश्योरेंस लेकर न सिर्फ बीमारी के समय वित्तीय बोझ से बच सकते हैं बल्कि आयकर से भी छूट प्राप्त कर सकते हैं। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80डी के अंतर्गत आपको अपने लिए, अपनी पति/पत्नी और बच्चों के लिए दिए गए सभी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक की कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। आप 60 साल से कम उम्र के माता-पिता के लिए खरीदी गई हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर अलग से 25,000 रुपये तक आयकर छूट का दावा कर सकते हैं। अगर आपके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं तो आप इस मद में 50,000 रुपये तक छूट का दावा कर सकते हैं।

धारा 80E : पढ़ाई के कर्ज पर छूट


आप खुद, जीवनसाथी या बच्चों की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन के ब्याज पर आयकर कानून के सेक्शन 80ई के तहत कर छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि, आपने एजुकेशन लोन पर ब्याज चुकाया है, कर छूट का दावा उसी वित्त वर्ष में किया जा सकता है। आप एजुकेशन लोन चुकाना शुरू करने के दिन से आठ साल तक कर छूट का लाभ ले सकते हैं। इसके तहत कर छूट पाने के लिए अधिकतम रकम की कोई सीमा नहीं है।

धारा 80GG: Rent पर कर छूट का दावा


अगर आप जॉब में हैं और नियोक्ता से HRA पाते हैं तो आप उस रकम पर कर छूट का दावा कर सकते हैं। अगर नियोक्ता से मिलने वाले वेतन में एचआरए शामिल नहीं है और आप किराए पर रहते हैं तो आप इस रकम पर आयकर कानून के सेक्शन 80GG के तहत टैक्स छूट पाने का दावा कर सकते हैं। एचआरए पर कर छूट का दावा करने के लिए आपको फॉर्म 10BA में घोषणा करनी पड़ती है।

80CCD: पेशन योजना में निवेश


एनपीएस यानी नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश करने पर भी टैक्स में छूट मिलती है। आयकर की धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत कोई कर दाता अतिरिक्त 50,000 रुपये निवेश कर कर छूट का दावा कर सकता है, जो 80सी के तहत मान्य 1.5 लाख रुपये के अतिरिक्त है।

धारा 80DD: विकलांगता के इलाज पर राहत


अगर परिवार में कोई विकलांग है तो उसके इलाज के खर्च की रकम पर आयकर में छूट का दावा किया जा सकता है। धारा 80डीडी के तहत 75,000 रुपये तक के खर्च पर कर छूट का दावा किया जा सकता है। वहीं, गंभीर रूप से विकलांग लोगों के इलाज के लिए 1,25,000 रुपये तक के खर्च पर कर छूट का दावा किया जा सकता है।

धारा 80TTA: बचत खाते के ब्याज पर भी छूट


बैंक में बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज पर आप आयकर कानून की धारा 80टीटीए के तहत कर छूट हासिल कर सकते हैं। आईटीआर भरते वक्त आप इस रकम को अन्य स्रोत से आय कॉलम में शामिल कर छूट प्राप्त कर सकते हैा। इसकी सीमा सालाना 10,000 रुपये तक है।

धारा 80टीटीबी: वरिष्ठ नागरिक हैं तो यहां मिलेगा फायदा


अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं तो बैंक में बचत खाता, पोस्ट ऑफिस जमा, टर्म डिपॉजिट और रेकरिंग अकाउंट में जमा किए गए पैसे पर इनकम टैक्स कानून की धारा 80टीटीबी के तहत कर छूट का दावा कर सकते हैं। इसकी अधिकतम सीमा 50,000 रुपये तक है।

धारा 80जी, 80जीजीए और 80जीजीसी को भी जानें


आयकर की धारा 80जी के अंतर्गत, विभिन्न फंड्स या मंदिरों में दिए गए किसी भी दान पर, 50 से 100% तक टैक्स कटौती का लाभ उठाया जा सकता है। इसके अलावा, आप धारा 80जीजीसी के अंतर्गत किसी भी राजनीतिक दल को दिए गए दान के लिए भी कर छूट का लाभ उठा सकते हैं। सरकार द्वारा अनुमोदित विश्वविद्यालयों या संस्थानों को दिए गए दान पर भी, धारा 80जीजीए के अंतर्गत कर छूट का लाभ मिलता है।

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