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Home » क्या आप जानते हैं » बजट » सामान्य प्रश्नThis team to prepare roadmap for 2016-17 union budget

ये है मोदी की नई बजट टीम, अागामी बजट का खाका करेंगे तैयार

नई बजट टीम का मुख्‍य फोकस वित्‍त वर्ष 2016-17 के व्‍यय प्रस्‍तावों और 2015-16 के लिए संशोधित अनुमान पर केंद्रित होगा।

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नई दिल्‍ली। सरकार ने अगामी बजट की तैयारी शुरू कर दी है। वित्‍त वर्ष 2016-17 का बजट बनाने के लिए मोदी ने सबसे विश्‍वसनीय अधिकारियों की टीम बनाई है। इस प्रक्रिया के तहत वित्त मंत्रालय अन्‍य मंत्रालयों के साथ वित्‍त वर्ष 2016-17 के बजट पर 4 सितंबर से विचार-विमर्श करने का काम शुरू कर दिया है। नई बजट टीम का फोकस वित्‍त वर्ष 2016-17 के व्‍यय प्रस्‍तावों और 2015-16 के लिए संशोधित अनुमान पर केंद्रित होगा। इसके उपरांत बजट से जुड़े कई मुद्दो पर बातचीत करने हेतु उद्योगों, व्‍यापारिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों के साथ वित्‍त मंत्रालय बैठकों का आयोजन करता है। जिसके बाद पारंपरिक रूप से बजट फरवरी माह के अंतिम कार्य दिवस को वित्‍त मंत्री के द्वारा पेश किया जाता है।
 
नार्थ ब्‍लॉक स्थित वित्‍त मंत्रालय कार्यालय में वित्‍त सचिव रतन वी वाटल के नेतृत्‍व में 7 अधिकारियों की नई बजट टीम ने अपना कामकाज संभाल लिया है। इस टीम में 5 कोर सदस्‍यों के अलावा दो और सदस्‍यों को शामिल किया गया है। जिसमें देश के मुख्‍य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्‍यम एवं नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष अरविंद पनगढ़िया भी शामिल हैं। जो कि इस प्रकार हैं:-
 
रतन वी वाटल (फाइनेंस सेक्रटरी)
 
मोदी सरकार ने रतन वी वाटल को नया फाइनेंस सेक्रटरी बनाया है। वाटल 1978 बैच के आंध्रप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। परंपरा के अनुसार वित्‍त मंत्रालय में वरिष्‍ठ सचिव को ही वित्‍त सचिव बनाया जाता है। 59 वर्षीय वाटल भारत के पहले उदारीकरण के दौर को देखा है क्‍योंकि‍ वह पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्‍हा राव के प्राइवेट सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। इससे पूर्व वाटल मोदी सरकार में वित्‍त विभाग में व्‍यय सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब देखना होगा कि वाटल फाइनेंस सेक्रेटरी के तौर पर अपने अनुभवों का कितना फायदा वित्‍त मंत्रालय और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को आने वाले बजट में दे पाते हैं।
 
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शशिकांत दास (इकोनॉमी अफेयर्स सेक्रेटरी)
 
इकोनॉमी अफेयर्स सेक्रेटरी शशिकांत दास 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। 58 वर्षीय दास को राजस्व सचिव के पद से हटाकर आर्थिक मामलों का सचिव नियुक्‍त किया गया है। वह पहले भी वि‍त्‍त मंत्रालय का कार्यभाल संभाल चुके हैं। दास इससे पहले भी इकोनॉमी अफेयर्स विभाग में काम कर चुके हैं। साथ ही संयुक्‍त सचिव के तौर पर बजट इंचार्ज भी रह चुके हैं। ऐसे में बजट बनाने लि‍ए उनके पास अनुभवों की कमी नहीं है।
 
हसमुख अधिया (रेवेन्‍यू सेक्रेटरी)
 
राजस्‍व सचिव हसमुख अधिया 1981 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अधिया इससे पहले वित्‍तीय सेवाओं के सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्‍होंने शशिकांत दास से राजस्‍व सचिव का पदभार ग्रहण किया है। अधिया के अनुभव का लाभ भी अगामी बजट में मिलेगा।
 
अंजलि चिब दुग्‍गल (फाइनेंशियल सर्विसेज सक्रेटरी)
 
अंजलि चिब दुग्‍गल को फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट का सेक्रेटरी बनाया गया है। वह हसमुख अधिया की जगह लेंगी। 58 वर्षीय दुग्‍गल 1981 बैच की पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह  व्‍यय विभाग में विशेष सचिव और कॉरपोरेट अफेयर्स विभाग में सेक्रटरी के तौर पर काम कर चुकी हैं।  
 
अराधना जौहरी (विनिवेश सचिव)
 
विनिवेश सचिव अराधना जौहरी 1980 बैच के यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। जौहरी पिछले साल सितंबर से इस पद पर कार्यरत हैं। मोदी सरकार ने रवि माथुर की जगह इनकी नियुक्ति की थी। इनके कार्यकाल में हाल ही में बड़े वि‍नि‍वेश सरकार ने किए हैं। कोल इंडि‍या में 10 फीसदी, ओएनजीसी में 5 फीसदी विनिवेश का काम पूरा हो गया। अब आर्इओसी में 10 फीसदी वि‍नि‍वेश मोदी सरकार करने जा रही है। ऐसे में यदि यह काम पूरा हो जाता है तो जौहरी पहली वि‍नि‍वेश सचि‍व होंगी जो कम समय में लक्ष्य को पूरा कर पाने में सफल होंगी। इनके अनुभव का लाभ भी आने वाले बजट में दिखाई देगा।  
 
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रतन पी वाटल (व्‍यय विभाग के सचिव) 
 
रतन पी वाटल व्‍यय विभाग के सचिव हैं। वाटल 1978 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। यह मोदी के सत्‍ता संभालने के बाद इकलौते ऐसे अधिकारी थे जिन्‍हें नहीं हटाया गया। अब वरिष्‍ठता के आधार पर इन्‍होंने वित्‍त सचिव का भी कार्यभार संभाल लिया है। 
 
अरविंद सुब्रमण्‍यम (मुख्‍य आर्थि‍क सलाहकार)
 
अमेरिका में रह चुके भारतीय अर्थशास्‍त्री अरविंद सुब्रमण्‍यम मोदी सरकार में मुख्‍य आर्थिक सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं। सुब्रमण्‍यम पीटरसन इंस्‍टीट्यूट में सीनियर फेलो भी रह चुके हैं। सुब्रमण्‍यम ने अपना  कार्यभार संभालने के बाद विकास को बढ़ावा देने के लि‍ए सार्वजनि‍क खर्च को बढ़ाने और भारत में निवेश का माहौल बनाने पर जोर दिया है। साथ ही भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर सुब्रमण्‍यम को बहुत उम्‍मीदें हैं।
 
अरविंद पनगढ़िया (उपाध्‍यक्ष नीति आयोग)
 
जाने माने अर्थशास्‍त्री अरविंद पनगढ़िया योजना आयोग की जगह बनाई गई नई संस्‍था नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष हैं। पनगढ़िया कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अर्थशास्‍त्र के प्रोफेसर रह चुके हैं। मोदी ने पनगढ़िया को विकास के अनुकूल आर्थिक नीतियां बनाने और रिफॉर्म में तेजी लाने के उद्देश्‍य से ही इस पद पर बैठाया है।
 
बजट टीम के सामने चुनौतियां
 
मोदी की नई बजट टीम के सामने कई चुनौतियां भी होंगी। जिसमें सामान्‍य से कम मानसून का रहना और जीडीपी ग्रोथ रेट का भी धीमा पड़ना है। औद्योगिक उत्‍पादन की ग्रोथ रेट भी अनुमान के मुताबिक तेज नहीं है। वहीं एक्‍सपोर्ट में गिरावट आई है जबकि मैन्‍युफैक्‍चरिंग पीएमआर्इ अगस्‍त में जारी आंकड़ों के मुताबिक छह साल के नीचले स्‍तर पर है। इस टीम पर मोदी के वायदों को पूरा करने और मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसी स्किम को जमीन पर लाने और सफल बनाने का दवाब होगा। जिसे ध्‍यान में रखते हुए अगामी बजट का खाका तैयार होगा, ताकि अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाकर विकास दर के लक्ष्‍य को हासिल किया जा सके। 
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