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क्‍या है फेड, इसके निर्णय से कैसे प्रभावित होते हैं दुनिया के बाजार

फेड का गठन फेडरल रिजर्व एक्ट के जरिए 23 दिसंबर, 1913 को अमेरिकी कांग्रेस के द्वारा की गई थी।

Federal Reserve's decisions impact stock markets globally
नई दि‍ल्ली। फेड के सौ वर्षों के इतिहास में पहली बार एक महिला जेनेट एलेन को इसका अध्‍यक्ष चुना गया है। अमेरिका का फेडरल रिजर्व सिस्टम जिसको फेड भी कहा जाता है। फेड का गठन फेडरल रिजर्व एक्ट के जरिए 23 दिसंबर, 1913 को अमेरिकी कांग्रेस के द्वारा की गई थी। फेडरल रिजर्व अमेरिका का केंद्रीय बैंक है। इसका गठन उस वक्‍त किया गया था जब बाजार की स्थिति नाजुक थी और जनता का बैंकिंग प्रणाली में बहुत कम भरोसा था। इसका कार्यालय वाशिंगटन डीसी में है। इसे अमेरिकी सेंट्रल बैंक यानी फेडरल रिजर्व बैंक के रूप में भी जाना जाता है। फेडरल रिजर्व इस मायने में भी अनूठा है कि यह मुद्रा का निर्माण नहीं करता। क्‍योंकि अमेरिकी मुद्रा यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ द ट्रेजरी बनाती है। 
 
फेड के निर्णय का होता है दुनिया पर असर
 
फेडरल रिजर्व जो नीतियां बनाती है उसका असर दुनिया के अन्‍य देशों पर भी पड़ता है। क्‍योंकि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है और डॉलर उसकी मुद्रा। दुनिया की अन्‍य मुद्रा की तुलना में अमेरिकी डॉलर सबसे मजबूत है। इसी वजह से जब फेडरल रिजर्व बैंक ब्याज दर बढ़ाता है तो भारतीय शेयर बाजार भी प्रभावित होते है। जबकि अमेरिका में ब्याज दर के बढ़ने से भारत की आईटी, बैंकिंग, इंफ्रा और रियल्टी कंपनियों पर ज्यादा असर होता है। चूंकि आईटी कंपनियों की कुल आय का 60 फीसदी हिस्सा अमेरिका और यूरोप से आता है। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने इस बार अपनी नीति में बदलाव करते हुए मौद्रिक प्रोत्साहन कम करने का फैसला किया है जिसका असर भारतीय बाजारों पर नहीं पड़ेगा। फेड के इस फैसले से भारत जैसे उभरती अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी की उम्‍मीद है।
 
फेड के गठन का लक्ष्य और कार्यक्षेत्र 
 
अमेरिकी संसद ने फेडरल रिजर्व एक्ट में मौद्रिक नीति के लिए तीन महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं। जिसमें अधिकतम रोजगार, स्थिर कीमतें एवं दीर्घावधि की ब्याज दर प्रमुख है। यह अमेरिका की मौद्रिक नीतियों का निर्धारण और अमेरिकी बैंकों की निगरानी एवं नियंत्रण का काम करता है। इसके साथ-साथ यह वित्तीय स्थिरता बनाए रखने एवं अमेरिकी कोषों, अमेरिकी सरकार एवं विदेशों में स्थित अमेरिकी संस्थानों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करने का काम भी करता है। इसके अलावा फेड ओपेन मार्केट कमेटी और मौद्रिक नीति तय करने के लिए उत्तरदायी है। फेडरल रिजर्व का ढांचा बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, फेडरल ओपेन मार्केट कमेटी, अमेरिका के बड़े शहरों में स्थित 12 क्षेत्रीय फेडरल रिजर्व बैंक, कई निजी अमेरिकी बैंक एवं कई एडवायजरी काउंसिल को मिलाकर तैयार किया गया है। इनमें सबसे शक्तिशाली बैंक फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क है जिसे फेड की रीढ़ भी माना जाता है। परिसंपत्तियों के हिसाब से यह सबसे बड़ा है और जिसे अमेरिका की सरकारी प्रतिभूतियों व विदेशी मुद्रा खरीदने-बेचने का एकाधिकार प्राप्‍त है। 

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