• Home
  • 112 to replace 100 as Emergency helpline number in UP from today

बदलाव /यूपी में बदल गया इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर, 100 की जगह करना होगा 112 डायल

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों और भारत के कई राज्यों में यह नंबर पहले से इस्तेमाल हो रहा है
  • ऐम्बुलेंस सेवा का 108, विमिन पावर लाइन का 1090 और सीएम हेल्पलाइन का नंबर भी 112 के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा

Moneybhaskar.com

Oct 27,2019 01:40:16 PM IST

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में आज यानी 26 अक्टूबर आपात स्थिति में मदद मांगने के लिए 100 नंबर की जगह 112 नंबर डायल करना होगा। यह नंबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों और भारत के कई राज्यों में आपातकालीन हेल्पलाइन के लिए पहले से इस्तेमाल हो रहा है। अब यह उत्तर प्रदेश के लिए भी लागू हो गया है। हालांकि, शुरुआत में कुछ दिनों तक 100 नंबर भी चालू रहेगा।

इन सेवाओं के लिए होगी हेल्पलाइन

112 नंबर के जरिए लोग पुलिस के अलावा ऐम्बुलेंस, फायर सर्विस व एसडीआरएफ जैसी जीवन रक्षक एजेंसियों की मदद ले सकेंगे। आज ही 112 सेवा का इमरजेंसी ऐप भी जारी किया जाएगा। ऐम्बुलेंस सेवा के 108, विमिन पावर लाइन के 1090 और सीएम हेल्पलाइन को भी 112 के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। 112 सेवा के जरिए पीड़ित और पीआरवी दोनों की एकदम सही लोकेशन मिलेगी।

इंस्पेक्टर ही क्लोज कर सकेंगे कॉल

कंट्रोल रूम में तैनात कॉल टेकर्स को आपात स्थितियों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। उन्हें पता होगा कि आग में फंसे होने, चोट लगने और डिप्रेशन से पीड़ित लोगों को कैसे हैंडल करना है। खास बात यह है कि 112 नंबर पर कॉल करने पर संबंधित इलाके के प्रभारी निरीक्षक द्वारा कार्रवाई पूरी करने के बाद उनके द्वारा ही पीड़ित की कॉल क्लोज की जाएगी। 112 सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को कम्युनिटी पुलिसिंग, ज्यादा से ज्यादा लोगों से समन्वय स्थापित करने और समस्या के समाधान के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

80 देशों का इमरजेंसी नंबर है 112

भारत के अलावा विश्व के 80 देशों में आपात सेवा का नंबर 112 है। 1972 में यूरोपियन कॉन्फ्रेंस ऑफ पोस्टल ऐंड टेलीकम्युनिकेशन (सीईपीटी) ने 112 को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर के लिए चुना था। तब टेलिफोन में 112 नंबर डायल करने में सबसे कम समय लगता था। उस समय टेलिफोन के तीन नंबर वाले होल को छोटा-सा ताला लगाकर लॉक किया जा सकता था। ऐसे में फोन लॉक होने के बाद भी 112 नंबर मिलाया जा सकता था। वर्तमान में भी 100 की जगह मोबाइल फोन पर 112 नंबर मिलाना आसान है। इसके अलावा सभी मोबाइल फोन में 112 नंबर पहले ही दर्ज रहता है। साल 2008 में इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) ने 112 या 911 को सभी देशों में आपातकालीन नंबर के रूप में अपनाने की संस्तुति की थी।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.