हनुमान जयंती 2019 /यह है बजरंगबली का 3C+1DL फॉर्मूला, बिजनेस में मिलती जाएगी सफलता

  • प्रभावशाली बनने के लिए स्किल और पावर 2 चीजें सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं
  • भारतीय मैथॉलोजी में हनुमान जी इन दोनों चीजों के सोर्स हैं

moneybhaskar

Apr 19,2019 01:37:40 PM IST

नई दिल्‍ली. Hanuman Jayanti: हनुमान जी भारतीय पुराण शास्‍त्र के ऐसे देवता हैं, जो सदियों से लोगों को अपनी ओर खींचते रहे हैं। उनका आकर्षण 21वीं सदी में भी कम नहीं हुआ है। दरअसल इस दौर में प्रभावशाली बनने के लिए स्किल और पावर 2 चीजें सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं। भारतीय मैथॉलोजी में हनुमान जी इन दोनों चीजों के सोर्स हैं। यही कारण है कि वह हर आयुवर्ग के लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। क्‍योंकि किसी भी उम्र के मोड़ पर और किसी भी पेशे में आपको दोनों में से किसी ने किसी स्किल की जरूरत पड़ती है।


हनुमान जी से सीखें मैनेजमेंट के टिप्‍स

किसी भी बिजनेस की सफलता आपकी मैनेजमेंट स्किल पर निर्भर करती है। हुनमान जी से आप यह मैनेजमेंट स्किल आप सीख सकते हैं। अपने पर्सनल मैनेजमेंट की बदौलत ही वह संकट मोचन कहलाते हैं। वर्ल्‍ड बैंक की डिजास्‍टर मैनेजमेंट एंड क्‍लाइमेंट चेंज यूनिट के कन्‍सल्‍टेंट राजीव झा ने अपने लिंक्‍डन पेज पर हुनमान जी की मैनेजमेंट स्किल से जुड़े कुछ रोचक फैक्‍ट्स लिखे हैं। राजीव के मुताबिक, बेस्‍ट मैनेजर बनने के लिए आपमें कमांड, कॉम्‍पीटेंसी, कम्‍यूनिकेशन (यानी 3C) और डिसिप्लिन और लॉयलिटी (1DL) का होना बहुत जरूरी है। 19 अप्रैल को हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि कैसे हनुमान जी से यह फॉर्मूला सीख सकते हैं।

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1- कम्‍युनिकेशन

अहमियत: माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स कई मौकों पर कहते हैं कि बिजनेस में सफल होने के लिए आपका अच्‍छा कम्‍युनिकेटर होना बेहद जरूरी है। मतलब आप अपनी बात से दूसरों को भरोसा दिलाने में माहिर हों।

बजरंगबली से सीखें: हनुमान जी अशोक वाटिका में सीता का पता लगाने गए। यहां उन्‍हें सीता माता को रामजी का मैसेज देना था। हनुमान जी वहां गए और राम का संदेश देने में कामयाब रहे। अपने संदेश की प्रमाणिकता के लिए वह राम की ओर से दी गई अंगूठी भी साथ ले गए। वास्‍तव में यह गुड कम्‍यूनिकेशन की निशानी है।

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इनपुट: लिंक्‍डइन, इंक डॉट कॉम, बिजनेस इनसाइडर, द इंडिपेंडेंट

null2- कमांड अहमियत: इंक डॉट कॉम के मुताबिक, ऐसे लोग ही सुपर सक्सेसफुल बनते हैं, जिनकी अपने काम पर कमांड होती है। बजरंगबली से सीखें: एक कहावत है अगर आपको लंका जलानी है तो अपनी पूंछ में आज जरूर लगानी होगी। माता सीता का पता लगाने के बाद हनुमान की पूंछ में आग लगा दी गई। उन्होंने इसी पूंछ से लंका में आग लगा दी। लेकिन इस दौरान विभीषण का घर बचा रहा और खुद को कोई क्षति नहीं पहुंची। यही तभी संभव होता है जब आपका अपने वर्क पर कमांड हो। यह घटना रिस्क मैनेजमेंट को टैकल करने का भी अच्छा उदाहरण है। 3- कॉम्पिटेंसी अहमियत: वॉरेन बफे के मुताबिक, अगर आप सफलता चाहते हैं तो आपमें सर्किल ऑफ कॉम्पिटेंस का होना जरूरी है। बजरंगबली से सीखें: बिजनेस में बाजीगर बनने का यह पहला फंडा है। जब तक आप में यह भावना नहीं होगी आप अपने राइवल्स को पीछे नहीं छोड़ पाएंगे। इसके लिए जरूरी होता है कि आप आगे बढ़कर खुद ओनरशिप लें और अपने काम को एक टाइम फ्रेम में पूरा करें। लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लाने की बात थी तो सबसे पहले हनुमान जी आगे आए। यही नहीं इसे लाने के लिए सिर्फ रात भर का मौका था। उन्होंने इस टाइम फ्रेम में यह करके दिखाया।4- डिसिप्लिन अहमियत: वॉरेन बफे के मुताबिक, इन्वेस्टमेंट में डिसिप्लिन ने ही उनको सफलता के इस मुकाम पर पहुंचाया। बजरंगबली से सीखें: हनुमान जी इस बात का बेहतरीन उदाहरण हैं। हनुमान जी लंका गए, सीता का पता लगाया और रामजी का मैसेज दिया। हालांकि उनके पास पावर और क्षमता थी कि वह सीता को लेकर वापस आ जाते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और बस संदेशवाहक के तौर पर अपने काम को पूरे डिसिप्लिन के साथ अंजाम दिया। वास्तव में पावरफुल होने के बाद भी अपने ताकत नहीं दिखाना ही अनुशासन का सबसे बेहतरीन उदाहरण है।5-लॉयलिटी अहमियत: किसी कंपनी की सफलता इस बात में निर्भर करती है कि वह अपने ग्राहकों के प्रति कितनी लॉयल है। बजरंगबली से सीखें: यह बात हनुमान के पूरे कैरेटक्टर से सीख सकते हैं। रामजी के लिए अपनी लॉयलिटी के चलते ही वह आज हिंदुओं के बीच पूजे जाते हैं। उन्हें सबसे बड़े भक्त का खिताब मिला। उनके कैरेटक्टर से आम सैनिक और डिफरेंट्स ऑर्गनाइजेशंस के प्रोफेशनल्स भी सीख ले सकते हैं कि किसी तरह किसी बड़े ओहदे पर पहुंचे बिना ही कोई कैसे नाम, सम्मान और प्रसिद्धि हासिल कर सकता है। जरूरी नहीं है कि वह सीईओ या सीएमडी बनेे।
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