विज्ञापन
Home » Business MantraOptions of business on rooftop

छत है आपके पास तो करें यह काम, 1 लाख लगाकर हो सकती है 2 लाख इनकम

1 घंटे से भी कम मेहनत में कर सकते हैं यह काम, जानें पूरा प्रोसेस

1 of

नई दिल्ली. अगर आपके घर या दुकान की छत अपनी है, मतलब छत पर आपका अधिकार है तो यह छत आपके बहुत काम आ सकती है। आप इस छत का इस्तेमाल अपनी इनकम के लिए कर सकते हैं। इस पर आपको ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ेगा। एक बार आप लगभग 1 लाख रुपए लगाएंगे तो आप हर साल लगभग दो लाख रुपए तक कमाई कर सकते हैं। जी हां, हम आपको छत पर सब्जी उगाने की सलाह दे रहे हैं।इस काम के लिए आपको ज्यादा मेहनत भी करनी होगी, रोजाना आपको एक घंटे से भी कम समय देना होगा। मनी भास्कर के बिजनेस मंत्रा सीरिज में आज हम इसकी पूरी जानकारी देंगे। 

 

 बिना मिट्‌टी की खेती 

इस सीरिज में हम आपको ऐसी तकनीक के बारे में बताएंगे, जिसमें आप बिना मिट़्टी के सब्जी उगा सकते हैं। इस तकनीक की खास बात यह है कि इसमें मिट्टी का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं होता है। इससे पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्वों को पानी के सहारे सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है। तकनीक की भाषा में इसे हाइड्रपानिक्स कहा जाता है।

इससे पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्वों को पानी के सहारे सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है। पौधे एक मल्टी लेयर फ्रेम के सहारे टिके पाइप में उगते हैं और इनकी जड़े पाइप के अंदर पोषक तत्वों से भरे पानी में छोड़ दी जाती हैं।
 
कितना पैसा लगाना होगा 
-    हाइड्रपानिक्स एक तकनीक है और इसे अलग अलग तरह से इस्तेमाल में लाया जा सकता है। आप इस सिस्टम को अपने स्तर पर भी तैयार कर सकते हैं।
-    वहीं इस क्षेत्र में काम कर रही कई कंपनियां भी आपको शौकिया गार्डन से लेकर कमर्शियल फार्म तक स्थापित करने में मदद कर सकती हैं।
-    मनी भास्कर ने इस बारे में हाइड्रपानिक्स कंपनी ‘हमारी कृषि’ से बात की। कंपनी उपज के लिए तैयार एयरोपोनिक फ्रेम और टावर गार्डेन ऑनलाइन बेच रही है।
-    कंपनी के 2 मीटर ऊंचे एक टावर में 40 पौधे लगाने की जगह है। कंपनी के मुताबिक करीब 400 पौधे वाले 10 टावर की लागत 1 लाख के करीब है। इस कीमत में टावर, सिस्टम और जरूरी पोषक तत्व शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक अगर सिस्टम को सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए तो इसके बाद सिर्फ बीज और न्यूट्रिएंट का ही खर्च आता है।
-    ये 10 टावर आपकी छत के 150 से 200 वर्ग फुट एरिया में आसानी से खड़े हो जाएंगे।  
-    छोटी जगह पर रखे फ्रेम को नेट शेड और बड़े स्तर पर खेती के लिए पॉली हाउस बनाकर ढकने से मौसम से सुरक्षा मिलती है।    
 
जानें, कैसे होगी कमाई 
 
-    कंपनी हमारी कृषि को स्थापित करने वाले अभिषेक शर्मा के मुताबिक ये तकनीक लोगों को रोजगार देने का अच्छा जरिए हो सकती है, क्योंकि परंपरागत कृषि के मुकाबले इसके मार्जिन बेहतर हैं।
-    शर्मा के मुताबिक अगर कोई शख्स 10 टावर के जरिए 400 पॉड मे लेटिस (सलाद पत्ता) उगाता है, तो साल भर में हर पॉड आसानी से 5 किलो लेटिस का उत्पादन कर सकता है। यानी 400 पॉड से 2000 किलो सालाना तक लेटिस उग सकता है।
-    फिलहाल लेटिस की कीमत भारत में 180 रुपए किलो है, शर्मा के मुताबिक अगर थोक में 100 रुपए किलो भी मिलते हैं तो अच्छी कंडीशन में साल में 2 लाख रुपए की उपज संभव है।
- वहीं उनके मुताबिक आम स्थितियों में आप आसानी से एक साल में अपना निवेश निकाल सकते हैं। अगले साल रिटर्न ज्यादा होगा क्योकिं आपको सिर्फ रखरखाव, बीज और न्यूट्रिएंट का खर्च ही करना है।
-    यानी आप अपनी छत के सिर्फ 150 से 200 वर्ग फुट के इस्तेमाल से एक साल में ही अपना एक लाख का निवेश निकाल कर प्रॉफिट में आ सकते हैं।  
 
स्ट्रॉबेरी उगाएं करें कमाई 
-    इस तकनीक के जरिए नियंत्रित माहौल में खेती होती है, इसलिए अक्सर किसान हाइड्रपानिक्स की वजह से ऐसे सब्जियों का उत्पादन करते हैं जिसकी मार्केट कीमत ज्यादा होती है।
 -    इस तकनीक में पानी, फर्टिलाइजर और कीटनाशक की खपत भी 50 से 80 फीसदी तक घट जाती है।
-    हमारी कृषि में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक इस तकनीक से पैदावार 3 से 5 गुना तक बढ़ जाती है।
- इस तकनीक में शुरुआती खर्च ज्यादा होता है। हालांकि बाद में लागत काफी कम होने से प्रॉफिट बढ़ जाता है।
-    नेट शेड या पॉलिहाउस की वजह से मौसम का असर इन फसलों पर काफी कम हो जाता है।
     
 
आगे पढ़ें ... क्या है पूरी तकनीक  
 

जानें पूरी तकनीक 
-    इस तकनीक के जरिए या तो आप अपनी छत पर खुद के लिए ताजी ऑर्गेनिक सब्जियां उगा सकते हैं।
-    वहीं आप इसे अपने कारोबार में बदल सकते हैं। इस्राइल, दक्षिण अफ्रीका और साउदी अरब जैसे देश जहां जगह या पानी की कमी है, वहां ये तकनीक सफल कारोबार में बदल चुकी है।
-    इन देशों में किसान अपने घरों की छत के साथ साथ मॉल, ऑफिस की छतों पर गार्डन स्थापित कर रहे हैं। वहीं कई लोग आपस में मिल कर अपनी-अपनी छतों पर सब्जिया उगा रहे हैं।
-    वहीं आप इस तकनीक को सीख कर अपनी कंपनी स्थापित कर सकते हैं या फिर किसी स्थापित कंपनी के साथ जुड़ कर दूसरे लोगों को उनके ऑर्गेनिक फार्म या गार्डन स्थापित करने में मदद कर सकते हैं। 
 

आगे पढ़ें ... क्या रखें ध्यान 


क्या हैं इस कारोबार में ध्यान देने वाली बातें 
किसानों को पॉलिहाउस या नेट शेड पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। सिस्टम का खर्च वन टाइम है लेकिन शेड के रखरखाव का खर्च लागत बढ़ा सकता है। खेत जितना बड़ा होगा ये खर्च उतना ज्यादा होगा।
वहीं अभिषेक ने साफ कहा कि फसल पर तापमान, कीट जैसी कई बातों का असर पड़ता है। ऐसे में उपज के लिए खेती की बेसिक जानकारी और उस हिसाब से पौधों की देखभाल और बदलाव करने पड़ते रहते हैं।
रिटर्न इस बात से निर्भर होता है कि आप जो उगा रहे हैं उसकी क्वालिटी और मार्केट में उसकी कीमत क्या है। बेहतर कीमत के लिए मार्केटिंग स्किल्स भी चाहिए 
इस काम में खेती से जुड़े अपने जोखिम बने रहते हैं, लेकिन परंपरागत खेती के मुकाबले इसके जोखिम काफी कम हैं और मार्जिन ऊंचा है। 

इस तकनीक की खास बात यह है कि इसमें मिट्टी का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं होता है। इससे पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्वों को पानी के सहारे सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है। तकनीक की भाषा में इसे हाइड्रपानिक्स कहा जाता है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन